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आठवें दिन भी कार्यो से विरत रहे अधिवक्ता
mau news
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:15 AM IST
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ुहम्मदाबाद गोहना तहसील पर हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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मुहम्मदाबाद गोहना। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील बार के अधिवक्ताओं की हड़ताल गुरूवार को आठवें दिन भी जारी रही। मांगो को लेकर अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में घूमकर नारेबाजी किया और अधिवक्ता पर हमले के आरोपी लेखपालों को गिरप्तार किए जाने की मांग किया। अधिवक्ताओं के लगातार आठ दिनों तक कार्यों से विरत रहने से वादकारियों और अन्य मामलों को लेकर आने वाले आम लोगों को काफी मुसीबत उठानी पड़ी।
मुहम्मदाबाद गोहना तहसील बार के सदस्य जयप्रकाश दूबे और लेखपालों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट का मामला इस कदर बिगड़ गया है कि लेखपालों पर काईवाई को लेकर अधिवक्ता आठ दिनों से अदालतों का बहिष्कार कर हड़ताल पर हैं। इस दौरान दोनो पक्षों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने से विवाद का हल होता नहीं दिख रहा है। अधिवक्ता मारपीट के आरोपी लेखपालों के निलंबन और गिरप्तारी से कम किसी भी बात को सुनने को तैयार नहीं है तो दूसरी तरफ लेखपाल संघ भी घटना में नामजद अधिवक्ताओं के खिलाफ काईवाई को लेकर आंदोलन करने की रणनीति बना रहा है। दोनों पक्षों के विवाद में किसान और वादकारियों को काफी फजीहत उठानी पड़ रही है। मुकदमों की सुनवाई के सिलसिले में आने वाले वादकारियों को हड़ताल की वजह से वापस जाना पड़ रहा है साथ ही उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। लगातार आठ दिनों की हड़ताल के चलते अधिवक्ताओं के माध्यम से होने वाली सुनवाई पर पूरी तरह से विराम लगा हुआ है। मुकदमे की पैरवी के लिए तहसील में आए तेन्दुली गांव के हरिकेश का कहना है कि एसडीएम की अदालत में एक अति महत्वपूर्ण मुकदमा की सुनवाई है लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते लगातार दूसरे सप्ताह वापस जाना पड़ रहा है। इसी प्रकार सियाबस्ती के रामपरीख, इटौराचैबेपुर के सुरेन्द्र आदि का भी मुकदमा मुहम्मदाबाद गोहना चकबंदी अधिकारी के न्यायालय में चल रहा है लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते इन लोगों को भी हड़ताल की वजह से वापस होना पड़ा है। अधिवक्ता संघ के मंत्री फिरोज अहमद का कहना है कि उपजिलाधिकारी द्वारा दोषी लेखपालों के खिलाफ काईवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन आश्वासन के एक सप्ताह बाद भी कोई काईवाई न होने से वकील हड़ताल जारी रखने पर बाध्य है। कहा कि जब तक दोषी लेखपालों के खिलाफ काईवाई नहीं होगी अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रहेगी।
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मुहम्मदाबाद गोहना तहसील बार के सदस्य जयप्रकाश दूबे और लेखपालों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट का मामला इस कदर बिगड़ गया है कि लेखपालों पर काईवाई को लेकर अधिवक्ता आठ दिनों से अदालतों का बहिष्कार कर हड़ताल पर हैं। इस दौरान दोनो पक्षों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने से विवाद का हल होता नहीं दिख रहा है। अधिवक्ता मारपीट के आरोपी लेखपालों के निलंबन और गिरप्तारी से कम किसी भी बात को सुनने को तैयार नहीं है तो दूसरी तरफ लेखपाल संघ भी घटना में नामजद अधिवक्ताओं के खिलाफ काईवाई को लेकर आंदोलन करने की रणनीति बना रहा है। दोनों पक्षों के विवाद में किसान और वादकारियों को काफी फजीहत उठानी पड़ रही है। मुकदमों की सुनवाई के सिलसिले में आने वाले वादकारियों को हड़ताल की वजह से वापस जाना पड़ रहा है साथ ही उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। लगातार आठ दिनों की हड़ताल के चलते अधिवक्ताओं के माध्यम से होने वाली सुनवाई पर पूरी तरह से विराम लगा हुआ है। मुकदमे की पैरवी के लिए तहसील में आए तेन्दुली गांव के हरिकेश का कहना है कि एसडीएम की अदालत में एक अति महत्वपूर्ण मुकदमा की सुनवाई है लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते लगातार दूसरे सप्ताह वापस जाना पड़ रहा है। इसी प्रकार सियाबस्ती के रामपरीख, इटौराचैबेपुर के सुरेन्द्र आदि का भी मुकदमा मुहम्मदाबाद गोहना चकबंदी अधिकारी के न्यायालय में चल रहा है लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते इन लोगों को भी हड़ताल की वजह से वापस होना पड़ा है। अधिवक्ता संघ के मंत्री फिरोज अहमद का कहना है कि उपजिलाधिकारी द्वारा दोषी लेखपालों के खिलाफ काईवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन आश्वासन के एक सप्ताह बाद भी कोई काईवाई न होने से वकील हड़ताल जारी रखने पर बाध्य है। कहा कि जब तक दोषी लेखपालों के खिलाफ काईवाई नहीं होगी अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रहेगी।
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