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साथी की पिटाई के विरोध में अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी
mau news
Updated Fri, 04 Aug 2017 11:39 PM IST
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मुहम्मदाबाद गोहना में अधिवक्ताओं के हड़ताल को संबोधित करते
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मुहम्मदाबाद गोहना। तहसील में अधिवक्ता और लेखपालों के बीच हुए विवाद के बाद अधिवक्ता की पिटाई से नाराज वकीलों ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी अदालतों का बहिष्कार किया, साथ ही तहसील परिसर में धरना देकर विरोध जताया। अधिवक्ता अपने साथी की पिटाई करने वाले लेखपालों के निलंबन और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग पर अड़े हैं। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी से दो बार हुई वार्ता के बाद भी बार अधिवक्ता अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
गौर तलब है कि मुहम्मदाबाद गोहना तहसील बार के अधिवक्ता जयप्रकाश दूबे द्वारा बुधवार को क्षेत्र के बिसुनपुर गांव में अवैध कब्जा की शिकायत के बारे में पूछताछ करने के दौरान लेखपालों से उनका विवाद हो गया था। अधिवक्ता का आरोप है कि इस दौरान लेखपालों ने उनकी पिटाई किया जिससे उनको चोटे आयी है। साथी अधिवक्ता पर हमला से नाराज अधिवक्ता गुरूवार से तहसील मुख्यालय स्थित सभी अदालतों का बहिष्कार करते हुए धरना पर बैठे है। इस क्रम में शुक्रवार को सुबह तहसील खुलते ही वकीलों ने पुरे तहसील परिसर में घुमकर नारेबाजी किया साथ ही अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी किया। तहसील भवन पर आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता वक्ताओं ने अपने साथी की पिटाई की निंदा करते हुए इसके लिए तहसीलदार और एसडीएम को दोषी बताया। पूर्व बार मंत्री संतोष श्रीवास्तव, महेंन्द्र राय, अध्यक्ष शब्बीर अहमद, मंत्री फिरोज अहमद आदि का कहना है कि दोषी लेखपालों पर मुकदमा दर्ज किए जाने और उनके निलंबन से कम पर कोई समझौता स्वीकार नहीं है। हालांकि इस दौरान उपजिलाधिकारी अनूप कुमार और अधिवक्ता पदाधिकारियों की दो बार वार्ता हुई लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से पवन श्रीवास्तव, सुधीर श्रीवास्तव, प्रदीप उपाध्याय, विनोद सिंह, रामजी सिंह,राजकुमार पासवान, डिसट्रिक्ट बार के अध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह और मंत्री उपेन्द्र चौहान भी शामिल हुए।
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गौर तलब है कि मुहम्मदाबाद गोहना तहसील बार के अधिवक्ता जयप्रकाश दूबे द्वारा बुधवार को क्षेत्र के बिसुनपुर गांव में अवैध कब्जा की शिकायत के बारे में पूछताछ करने के दौरान लेखपालों से उनका विवाद हो गया था। अधिवक्ता का आरोप है कि इस दौरान लेखपालों ने उनकी पिटाई किया जिससे उनको चोटे आयी है। साथी अधिवक्ता पर हमला से नाराज अधिवक्ता गुरूवार से तहसील मुख्यालय स्थित सभी अदालतों का बहिष्कार करते हुए धरना पर बैठे है। इस क्रम में शुक्रवार को सुबह तहसील खुलते ही वकीलों ने पुरे तहसील परिसर में घुमकर नारेबाजी किया साथ ही अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी किया। तहसील भवन पर आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता वक्ताओं ने अपने साथी की पिटाई की निंदा करते हुए इसके लिए तहसीलदार और एसडीएम को दोषी बताया। पूर्व बार मंत्री संतोष श्रीवास्तव, महेंन्द्र राय, अध्यक्ष शब्बीर अहमद, मंत्री फिरोज अहमद आदि का कहना है कि दोषी लेखपालों पर मुकदमा दर्ज किए जाने और उनके निलंबन से कम पर कोई समझौता स्वीकार नहीं है। हालांकि इस दौरान उपजिलाधिकारी अनूप कुमार और अधिवक्ता पदाधिकारियों की दो बार वार्ता हुई लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से पवन श्रीवास्तव, सुधीर श्रीवास्तव, प्रदीप उपाध्याय, विनोद सिंह, रामजी सिंह,राजकुमार पासवान, डिसट्रिक्ट बार के अध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह और मंत्री उपेन्द्र चौहान भी शामिल हुए।
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