मऊ। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के जयंती तथा राहुल सांकृत्यायन की पुण्यतिथि पर राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ की लाइब्रेरी में एक विचार गोष्ठी हुई।। इस मौके पर डॉ. संजय राय ने डा. भीमराव अंबेडकर तथा राहुल सांकृत्यायन ने मनुष्य की मनुष्यता एवं मानवीय गरिमा दिलाने के लिए एक बड़ी लड़ाई लड़ी है। उन्होंने केवल विचार ही नहीं दिया, सड़क पर खड़े होकर संघर्ष भी किया। विशेष अतिथि जयप्रकाश नारायण ने कहा कि बिना किसी नायक से मुठभेड़ किए मनुष्य की विकास यात्रा आगे बढ़ नहीं सकती। इस मौके पर मुख्य अतिथि अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली के प्रोफ़ेसर गोपाल प्रधान ने कहा कि परिवर्तन ही एक स्थाई तत्व है, परिवर्तन सत्य है परिवर्तन ही किसी अत्याचारी शासन के प्रतिरोध का भी रास्ता तैयार करता है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सेवानिवृत्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवचंद राम ने कहा कि आखिर वह कौन सी परंपराएं थीं, कौन से मूल्य थे जिनके रास्ते राहुल, गौतम बुद्ध और अंबेडकर को गुजरना पड़ा होगा। एक लंबे समय तक वह परंपराएं चली। गोष्ठी में वीरेंद्र यादव, प्रेमचंद कौशल, रमेश मौर्य, रामविलास भारती, हेमंत कुमार, जयप्रकाश धूमकेतु, अजय राय, मोती प्रधान, अनुभव दास, अब्दुल अजीम खां ,राम अवतार सिंह, अर्चना उपाध्याय, विरेंद्र कुमार, ओमप्रकाश सिंह आदि रहे।