गबन में छह पर गाज

Mau Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
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मऊ। परदहां ब्लाक के इटौरा गांव में हुए लाखों के कार्य में ग्राम प्रधान समेत विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से घोटाले का मामला उजागर होने पर ग्राम्य विकास अभिकरण ने प्रधान, पूर्व प्रधान, दो सेक्रेटरी, दो तकनीकी सहायकों को दोषी पाया है। सभी से दो लाख 22 हजार 723 रुपये धन की वसूली के लिए अलग अलग नोटिस भेजकर धनराशि निर्धारित की गई है। विभागीय कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। ग्राम प्रधान सहित अन्य दोषियों के विरुद्ध टीएसी जांच में मामला उजागर होने पर विभाग द्वारा यह कार्रवाई संयुक्त विकास आयुक्त आजमगढ़ के निर्देश पर जिलाधिकारी की संतुति के बाद हुई है।
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परदहां ब्लाक के इटौरा ग्राम पंचायत स्थित पोखरी अराजी नंबर 740 की खुदाई ग्राम प्रधान ने वर्ष 2008-09 में मनरेगा के तहत कराई थी। इसमें तीन लाख 20 हजार 600 रुपये मनरेगा से भुगतान कराकर कार्य को पूरा किया गया। ग्राम प्रधान बदलने के बाद वर्ष 2009-10 में इसी पोखरी पर प्राकलन तैयार कर श्रमांश एवं सामग्री के नाम पर तीन लाख से अधिक रुपये मनरेगा के खाते से निकाल लिए गए। जबकि मनरेगा के तहत हुए कार्य में पांच साल के भीतर उस पर दूसरा कार्य न होने की गाइड लाइन भी दिखाई गई है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड के पूर्व सदस्य व सपा नेता रामधनी की शिकायत पर सोशल कोआर्डिनेटर गोपाल पांडेय ने जांच रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी को सौंपी है। जांच में पाया गया कि पांच साल के भीतर ही पोखरी पर दो बार कार्य कराया गया है।
इसी पोखरी पर वर्ष 2008-09 में तीन लाख 20600 रुपये का भुगतान किया गया है। जबकि वर्ष 2011 को दूसरा प्राकलन तैयार कर दूसरे वर्क आईडी से लाखों रुपये रुपये का भुगतान कर लिया गया। मामले की टीएसी जांच के लिए संयुक्त विकास आयुक्त आजमगढ़ को भी लिखा गया था। टीएसी जांच में गबन का मामला सही पाया गया। इस संबंध में संयुक्त विकास आयुक्त आजमगढ़ आरएन सिंह ने 28 मार्च को पत्रांक संख्या 645 में गबन हुए धन की रिकवरी के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। निर्देश पर ग्राम्य विकास अभिकरण ने पूर्व प्रधान केशरी देवी से 3389 रुपये, वर्तमान ग्राम प्रधान बृजराज से 70 हजार 852 रुपये, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अशोक कुमार पांडेय से 70 हजार 852 रुपये, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रामदेव यादव से 3389, तकनीकी सहायक नथुनी सिंह यादव से 38815 और तकनीकी सहायक सत्यप्रकाश दुबे से 35 हजार 426 रुपये रिकवरी के लिए विभाग से नोटिस जारी की गई है। इस संबंध में परियोजना निदेशक आरबी पाल ने बताया कि धन की रिकवरी के लिए नोटिस जिलाधिकारी की संतुति के बाद दी गई है। रिकवरी न होने पर सबके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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