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छात्र नहीं जानते, सीएम कौन

Fri, 18 Apr 2014 05:31 AM IST
Mau
Mau Updated Fri, 18 Apr 2014 05:31 AM IST
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मऊ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जेके वर्मा ने गुरुवार को परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक विद्यालय बंद मिला जबकि दो शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। बीएसए ने उनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है। वहीं कई विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता काफी खराब स्थिति में पाई गई। बीएसए ने प्रधानाध्यापकों तथा शिक्षकों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी है। वहीं जिला समन्वयक निर्माण ने प्राथमिक विद्यालय पवनी में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने लापरवाह शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है, इसके बाद भी व्यवस्था में सुधार नजर नहीं आ रहा है। बीएसए के निरीक्षण में सुबह साढ़े सात बजे फतहपुर मंडाव ब्लाक स्थित कटघरा शंकर प्रथम विद्यालय बंद मिला। जबकि प्राथमिक विद्यालय कटघरा शंकर द्वितीय में सहायक अध्यापक राजीव सिंह 10 अप्रैल से अनुपस्थित चल रहे थे। उच्च प्राथमिक विद्यालय तिनहरी में सहायक अध्यापक निर्मला अनुपस्थित मिली। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय तिनहरी, प्राथमिक विद्यालय परशुपुरा में शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय मिली। बच्चे किताब नहीं पढ़ पा रहे थे। मिड-डे-मील का भोजन गुणवत्तापरक नहीं मिला। उच्च प्राथमिक विद्यालय उस़ुरी में 86 बच्चों के सापेक्ष पांच बच्चे उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापक को कड़ी चेतावनी दी गई। उधर जिला समन्वयक निर्माण अजित तिवारी ने गत पांच अप्रैल को प्राथमिक विद्यालय पवनी के औचक निरीक्षण कर अपनी आख्या बीएसए को भेजी है। आख्या में कई तथ्य चौंकाने वाले हैं। बच्चों में वितरित की गई नि:शुल्क ड्रेस घटिया किस्म की पाई गई है। बच्चों की उपस्थिति 91 के सापेक्ष 39 रही। गत पांच अप्रैल को मीनू के मुताबिक सब्जी चावल बनना चाहिए था, लेकिन बच्चों को पिठौरी दी गई। शैक्षिक गुणवत्ता की जांच के क्रम में कक्षा चार के छात्रों से मुख्यमंत्री का नाम पूछा तो छात्रों ने प्रणव मुखर्जी बताया। इसी तरह दूसरी कक्षा के छात्रों से जनपद का नाम पूछा गया तो छात्रों ने पवनी बताया। विद्यालय में वर्ष 2011-12 में दो लाख एक हजार की लागत से अतिरिक्त कक्ष बनवाया गया, धन भी खर्च कर दिया गया, लेकिन चबूतरा निर्माण नहीं करवाया जा सका है।
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