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राष्ट्रीय लोक अदालत में 956 मामलों का निस्तारण
mau news
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:05 PM IST
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दीवानी कचहरी में आयोजित लोक अदालत में अपने अपने वाद का निपटारा कराते लोग।
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मऊ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिरण के तत्वावधान में दीवानी कचहरी में जज राजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न प्रकृति के 956 वादों का निस्तारण करते हुए एक लाख 33 हजार 400 रुपया अर्थदंड जमा कराया गया। वही वाहन दुर्घटना के मामलों में दो करोड़ 39 लाख 60 हजार रुपया प्रतिकर दिलाया गया। इस दौरान प्री - लेटिगेशन के माध्यम से बैंको के 316 मामलो का निस्तारण करते हुए नौ करोड़ 95 लाख 54 हजार 183 रुपया समझौता राशि तय हुई। जिसमें 65 लाख 80 हजार 76 रुपया जमा हुआ।
यह जानकारी देते हुए प्राधिकरण के सचिव शिवकुमार ने बताया कि जिला जज राजेंद्र कुमार ने 15 मामलों का निस्तारण किया। जिसमें वाहन दुर्घटना के चार प्रकीर्ण सहित छह मामलों का निस्तारण करते हुए नौ लाख 2250 रुपया प्रतिकर पीड़ित पक्ष को दिलाया। वही ढाई हजार रुपया अर्थदंड भी जमा कराया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश नीरज निगम ने 56 मामलों का निस्तारण किया। एडीजे कोर्ट नंबर एक डा. अजय कुमार ने विभिन्न प्रकृति के कुल नौ मामलों का निस्तारण करते हुए एक हजार रुपया अर्थदंड जमा कराया। एडीजे कोर्ट नंबर दो वीरनायक सिंह ने 29 मामलों का निस्तारण करते हुए चार लाख 548 रुपया प्रतिकर दिलाया। एडीजे कोर्ट नंबर तीन लालचंद गुप्ता ने वाहन दुर्घटना के चार मामलों का निस्तारण करते हुए सात लाख 90 हजार रुपया प्रतिकर दिलाया। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक आदिल आफताब अहमद ने 13 मामलों का निस्तारण किया। जिसमें वाहन दुर्घटना के चार मामलों का निस्तारण करते हुए 18 लाख 55 हजार रुपया प्रतिकर दिलाया। वही विद्युत अधिनियम के आठ और एक प्रकीर्ण मामले में कुल 13 हजार पांच सौ रुपया अर्थदंड जमा कराया। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो मुहम्मद गजाली ने छह मामलों का निस्तारण किया, जिसमें वाहन दुर्घटना के एक मामले में एक लाख 70 हजार रुपया प्रतिकर दिलाया। सीजेएम प्रमोद कुमार सिंह ने 102 दो मामलों का निस्तारण करते हुए 71 हजार 750 रुपया अर्थदंड जमा कराया। सिविल जज सीनियर डिवीजन हेमंत कुशवाहा ने 23 मामलों का निस्तारण किया।
इसी तरह सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रवींद्र कुमार ने नौ उत्तराधिकार वादों का निस्तारण करते हुए 71 लाख 50 हजार 948 रुपये का प्रमाण पत्र जारी किया। मुंसिफ सदर कृष्ण कुमार ने 16 मामलों का निस्तारण करते हुए 22 लाख 76 हजार 961 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट म ुहम्मद आरिफ ने 219 मामलों का निस्तारण करते हुए 38 हजार 550 रुपया अर्थदंड जमा कराया। सिविल जज जूनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक नदीम अनवर ने पांच मामलों का निस्तारण किया। स्पेशल जेएम लालबहादुर ने 134 मामलों का निस्तारण करते हुए 23 हजार सौ रुपया अर्थदंड जमा कराया। इसय दौरान बैंकों के 316 मामलों का निस्तारण हुआ।
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यह जानकारी देते हुए प्राधिकरण के सचिव शिवकुमार ने बताया कि जिला जज राजेंद्र कुमार ने 15 मामलों का निस्तारण किया। जिसमें वाहन दुर्घटना के चार प्रकीर्ण सहित छह मामलों का निस्तारण करते हुए नौ लाख 2250 रुपया प्रतिकर पीड़ित पक्ष को दिलाया। वही ढाई हजार रुपया अर्थदंड भी जमा कराया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश नीरज निगम ने 56 मामलों का निस्तारण किया। एडीजे कोर्ट नंबर एक डा. अजय कुमार ने विभिन्न प्रकृति के कुल नौ मामलों का निस्तारण करते हुए एक हजार रुपया अर्थदंड जमा कराया। एडीजे कोर्ट नंबर दो वीरनायक सिंह ने 29 मामलों का निस्तारण करते हुए चार लाख 548 रुपया प्रतिकर दिलाया। एडीजे कोर्ट नंबर तीन लालचंद गुप्ता ने वाहन दुर्घटना के चार मामलों का निस्तारण करते हुए सात लाख 90 हजार रुपया प्रतिकर दिलाया। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक आदिल आफताब अहमद ने 13 मामलों का निस्तारण किया। जिसमें वाहन दुर्घटना के चार मामलों का निस्तारण करते हुए 18 लाख 55 हजार रुपया प्रतिकर दिलाया। वही विद्युत अधिनियम के आठ और एक प्रकीर्ण मामले में कुल 13 हजार पांच सौ रुपया अर्थदंड जमा कराया। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो मुहम्मद गजाली ने छह मामलों का निस्तारण किया, जिसमें वाहन दुर्घटना के एक मामले में एक लाख 70 हजार रुपया प्रतिकर दिलाया। सीजेएम प्रमोद कुमार सिंह ने 102 दो मामलों का निस्तारण करते हुए 71 हजार 750 रुपया अर्थदंड जमा कराया। सिविल जज सीनियर डिवीजन हेमंत कुशवाहा ने 23 मामलों का निस्तारण किया।
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इसी तरह सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रवींद्र कुमार ने नौ उत्तराधिकार वादों का निस्तारण करते हुए 71 लाख 50 हजार 948 रुपये का प्रमाण पत्र जारी किया। मुंसिफ सदर कृष्ण कुमार ने 16 मामलों का निस्तारण करते हुए 22 लाख 76 हजार 961 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट म ुहम्मद आरिफ ने 219 मामलों का निस्तारण करते हुए 38 हजार 550 रुपया अर्थदंड जमा कराया। सिविल जज जूनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक नदीम अनवर ने पांच मामलों का निस्तारण किया। स्पेशल जेएम लालबहादुर ने 134 मामलों का निस्तारण करते हुए 23 हजार सौ रुपया अर्थदंड जमा कराया। इसय दौरान बैंकों के 316 मामलों का निस्तारण हुआ।
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