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उफनाई घाघरा ने उड़ाई लोगों की नींद
Updated Thu, 30 Aug 2018 12:24 AM IST
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घाघरा नदी का जलस्तर जैैसे-जैसे बढ़ रहा है वैसे-वैसे तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में आठ सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के रौद्र रुप धारण करने से ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं मधुबन तहसील के देवारा इलाके में संपर्क मार्ग डूब जाने से पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। लेकिन नाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से तटवर्ती इलाके के लोगों की बेचैनी बढ़ती ही जा रही है। कटान पीड़ितों की माने तो नदी जब-जब नदी घटी या बढ़ी है तब-तब कहर बरपाया है। नदी के रौद्र रुप धारण करने से लोग रात में चैन से सो नहीं पा रहे हैं। नदी में प्रलयकारी लहरें उठने से मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला सहित ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। इस समय खाकी बाबा की कुटी, डोमराज का मकान, सरस्वती मंदिर, भारत माता मंदिर तथा शवदाह घाट पर पानी की दबाव है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो बुधवार को गौरीशंकर घाट पर घाघरा का जलस्तर 70.30 मीटर रहा। मंगलवार को जलस्तर 70.22 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में घाघरा का जलस्तर 8 सेमी बढ़ा। अब नदी खतरे के निशान 69.90 मीटर से 40 सेमी ऊपर बह रही है। उधर घाघरा में बाढ़ आने से हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने के चलते किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। मधुबन तहसील के देवारा इलाकों के संपर्क मार्ग डूब जाने से पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। लेकिन प्रशासन की तरफ से नाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
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नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से तटवर्ती इलाके के लोगों की बेचैनी बढ़ती ही जा रही है। कटान पीड़ितों की माने तो नदी जब-जब नदी घटी या बढ़ी है तब-तब कहर बरपाया है। नदी के रौद्र रुप धारण करने से लोग रात में चैन से सो नहीं पा रहे हैं। नदी में प्रलयकारी लहरें उठने से मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला सहित ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। इस समय खाकी बाबा की कुटी, डोमराज का मकान, सरस्वती मंदिर, भारत माता मंदिर तथा शवदाह घाट पर पानी की दबाव है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो बुधवार को गौरीशंकर घाट पर घाघरा का जलस्तर 70.30 मीटर रहा। मंगलवार को जलस्तर 70.22 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में घाघरा का जलस्तर 8 सेमी बढ़ा। अब नदी खतरे के निशान 69.90 मीटर से 40 सेमी ऊपर बह रही है। उधर घाघरा में बाढ़ आने से हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने के चलते किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। मधुबन तहसील के देवारा इलाकों के संपर्क मार्ग डूब जाने से पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। लेकिन प्रशासन की तरफ से नाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
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