फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   55ग्राम सभाओं में नहीं बने शौचालय

55ग्राम सभाओं में नहीं बने शौचालय

Mon, 09 Jul 2018 12:08 AM IST
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
55ग्राम सभाओं में नहीं बने शौचालय
मधुबन। फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र में स्वच्छता मिशन अधिकारियों के उदासीनता की भेंट चढ़ रहा है। ब्लाक में लक्ष्य के सापेक्ष अब तक मात्र 54 प्रतिशत ही शौचालयों का निर्माण हो पाया है।ऐसे में स्वच्छता मिशन पर करोड़ो रूपये खर्च करने के बाद भी शत प्रतिशत खुले में शौच मुक्त गांव बनाने पर सवाल उठने लगा है।
विज्ञापन

फतहपुर मंडाव ब्लाक में 78 गांव हैं। इनकी जनसंख्या लगभग दो लाख है। प्रत्येक गांवो को स्वच्छ बनाने के लिए लक्ष्य के मुताबिक शौचालयों का निर्माण 15 जून तक युद्ध स्तर पर कराया जाना था। लाभार्थी को12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि तीन किश्तों में दी जा रही है। 30 जून बीतने के बाद 6755 लक्ष्य के सापेक्ष 3667 शौचालय ही बनाए जा सके हैं। शेष या तो गड्ढ़े खोदकर अभी छोड़े हैं या अधूरे हैं। आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो 2017-18 में परसिया जयरामगिरी, भटौली, मर्यादपुर, मोलनापुर, तिनहरी, भठियां, धर्मपुर, ढंढ़वल पटरांव, चक्की मुसाडोही, गदायनपट्टी आदि गांवों सहित कुल 20 गांव, 2018-19 में हसनपुर, जवाहिरपुर, मलकौली, मोहिउद्दीनपुर, डुमरी, खैरा नासिर,लखनौर सहित 35 गांवसभाएं ऐसी हैं जिनमें शौचालय का लक्ष्य शून्य है। आंकड़ों के मुताबिक अब तक दुबारी में सबसे ज्यादा 415 शौचालय जबकि दूसरे नंबर पर तिनहरी गांव में कुल 309 और रसूलपुर आदमपुर उर्फ रामपुर में 294 शौचालय बनाए गए हैं।इस तरह कुल 26 गांव ऐसे है जिनमे 100 या इससे अधिक शौचालय बनाए गए हैं।जबकि शेष गांव ऐसे है जिनमे100 या उससे नीचे शौचालय बनाये गए हैं।ढिलई फिरोजपुर,बस्ती वर्सी निघियांव,बेला गदायनपट्टी,मोहम्मदपुर चंदापार आदि गांव तो दहाई में भी नहीं पहुंचे हैं। नवनिर्मित गांवसभा हसनपुर में शौचालय की संख्या शून्य बताई गई है।
विज्ञापन

बीडीओ सुवेदिता सिंह ने कहा कि लाभार्थियों को शौचालय बनवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन लाभार्थी कभी मिस्त्री लेबर का तो कभी समय नहीं होने आदि का बहाना बना रहे हैं जिससे समय से कार्य पूर्ण होने में देरी हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई गांवों की हुई अनदेखी: मधुबन।विकास खंड फतहपुर मंडाव में शौचालय आवंटन में भी भारी अनियमितता की गई।चुनिंदा गांवों को शौचालय देकर लगभग पांच दर्जन गांवों की अनदेखी की गई। उन्हें शौचालय दिया ही नहीं गया। वर्षवार शौचालयों पर नजर डालें तो 2015-16 में 430 शौचालय बनाने का लक्ष्य था जिसे अकेले तिनहरी में 280, नेवादा गोपालपुर और कटघरा शंकर 75-75शौचालय देकर पूरा कर दिया गया। इसी तरह वर्ष2016-17में कुल 989 शौचालय का लक्ष्य था जिसमें सर्वाधिक 125 शौचालय मर्यादपुर में दिए गए।इसके अलावा भटौली में 02,खैरा नासिर में 63,दुबारी जैसे बड़े गांव में 25, कुंडा शरीफपुर में 41, परशुपुर में 04, तिनहरी में 25, ढंढवल पटरांव में 100, कुंवर पुरवा में 125, ढिलई फिरोजपुर में 100, कुंवरपुरवा में 125, केशोपुर सुलतानीपुर, कटघराशंकर और पहाड़ीपुर खिरिया प्रत्येक में 25-25,जबकि रसूलपुर आदमपुर में 275 और बाऊडीह में 100 और नसीरपुर में 10 शौचालय दिए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed