{"_id":"59ef76794f1c1b60678b7305","slug":"91508865657-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने भाजपा को दिलाई वादे की याद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने भाजपा को दिलाई वादे की याद
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। आंगनबाड़ी कर्मचारियों द्वारा अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा धरना मंगलवार को जारी रहा। आंदोलित कर्मचारियों ने वजन दिवस का बहिष्कार किया। धरने में आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए विधानसभा चुुनाव से पूर्व किए वादे की याद दिलाई। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा ने सरकार बनने पर कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतनमान देने, शबरी संकल्प योजना का क्रियान्वयन करने , 45 हजार करोड़ के पंजीरी घोटाले की जांच कराने का वादा किया था। लेकिन सरकार बनने पर आंगनबाड़ी कर्मचारियों से जुड़े सारे वादे भूल गई। घोटाले की कोई जांच नहीं कराई गई। सरकार ने अपने द्वारा श्वेत पत्र में स्वीकार किया कि एक विजनेश समूह दको लाभ पहुंचाने के लिए बच्चों के निवाले का व्यापार किया गया। लेकिन पंजीरी सिंडिकेट पूर्ववत हावी है। उच्चतम न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर 300 दिन हाट कुक्ड मील चलाने के आदेश को सरकार लागू नहीं कर रही है। खाद्य सुरक्षा कानून का पालन नहीं हो रहा है और न तो केंद्रों पर वजन मशीनें हैं और न ही पोषण कर्यक्रम के लिए कोई व्यवस्था और न ही प्रचार प्रसार के लिए कोई बजट ही मिल रहा है। वक्ताओं ने कहा कि हाट कुक्ड न मिलने से अभिभावक अपने बच्चों को केंद्रों पर नहीं भेज रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र बदहाल हैं।
केंद्रों पर न रजिस्टर है , न पीने का पानी , टाट पट्टी और कुर्सियां तक नहीं है। जनसहयोग से इन कार्यक्रमों को संपन्न करने को कहा जाता है। एक तो आंगनबाड़ी कर्मचारियों को अत्यंत कम मानदेय मिलता है और दूसरे इन सरकारी कार्यक्रमों को संपन्न करने को कहा जाता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कम से कम 15000 रुपये और सहायिकाओं को दस हजार रुपये मानदेय देने की आवाज उठाई गई। आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत , कुर्सी मेज , बाक्स , बर्तन खरीदने के लिए बजट करने तथा बच्चों को निशुल्क ड्रेस, टाट पट्टी, कलर , पेंसिल, बैग और स्लेट आदि उपलब्ध कराने सहित 13 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग की गई। धरना स्थल पर जिलाध्यक्ष शैल कुमार सिंह, महामंत्री बीना राय , हेमवंती , संगीता शर्मा , कौशिल्या , रीता उपाध्याय , अफसाना , नूरी , शबनम , दिलशाद और नथुनी आदि उपस्थित रहीं।
रानीपुर संवाददाता के अनुसार स्थानीय ब्लाक मुख्यालय स्थित परियोजना कार्यालय पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। धरनारत कर्मचारियों का कहना था कि सरकार जब तक उनकी मांगों को मान नहीं लेती तब तक वे हड़ताल पर रहेंगी और वजन दिवस का बहिष्कार करतर रहेंगी। इस अवसर पर ब्लाक अध्यक्ष उर्मिला देवी , उपाघ्यक्ष अनुपता चौरसिया , पानमती सिंह , तारा सिंह , सरोजनी सिंह, आशा सिंह , मीना देवी , सविता पाल , शशिकला और दमसयंती सिंह आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्रों पर न रजिस्टर है , न पीने का पानी , टाट पट्टी और कुर्सियां तक नहीं है। जनसहयोग से इन कार्यक्रमों को संपन्न करने को कहा जाता है। एक तो आंगनबाड़ी कर्मचारियों को अत्यंत कम मानदेय मिलता है और दूसरे इन सरकारी कार्यक्रमों को संपन्न करने को कहा जाता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कम से कम 15000 रुपये और सहायिकाओं को दस हजार रुपये मानदेय देने की आवाज उठाई गई। आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत , कुर्सी मेज , बाक्स , बर्तन खरीदने के लिए बजट करने तथा बच्चों को निशुल्क ड्रेस, टाट पट्टी, कलर , पेंसिल, बैग और स्लेट आदि उपलब्ध कराने सहित 13 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग की गई। धरना स्थल पर जिलाध्यक्ष शैल कुमार सिंह, महामंत्री बीना राय , हेमवंती , संगीता शर्मा , कौशिल्या , रीता उपाध्याय , अफसाना , नूरी , शबनम , दिलशाद और नथुनी आदि उपस्थित रहीं।
विज्ञापन
रानीपुर संवाददाता के अनुसार स्थानीय ब्लाक मुख्यालय स्थित परियोजना कार्यालय पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। धरनारत कर्मचारियों का कहना था कि सरकार जब तक उनकी मांगों को मान नहीं लेती तब तक वे हड़ताल पर रहेंगी और वजन दिवस का बहिष्कार करतर रहेंगी। इस अवसर पर ब्लाक अध्यक्ष उर्मिला देवी , उपाघ्यक्ष अनुपता चौरसिया , पानमती सिंह , तारा सिंह , सरोजनी सिंह, आशा सिंह , मीना देवी , सविता पाल , शशिकला और दमसयंती सिंह आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन