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जांच के नाम पर खानापूरी के आरोप
Updated Sun, 08 Oct 2017 12:03 AM IST
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नदवासराय। विकास खंड कोपागंज अंतर्गत ग्रामसभा डंगौली में लगभग दो वर्ष के अंदर लाखों रुपये के सरकारी धन की बंदर बांट करने का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामसभा में काम के नाम पर महज खानापूरी की गई है। पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा कराये गए कार्यों को दिखाकर सरकारी धन का काफी गोल माल किया गया है। गांव के लोगों की लिखित शिकायत पत्र पर जिलाधिकारी ने जांच के आदेश कई सप्ताह पूर्व दे दिए थे। विभागीय अधिकारी कर्मचारी काफी दिनों से जांच के नाम पर हीलाहवाली कर रहे थे।
इस प्रकरण की जांच करने गुरुवार को कोपागंज ब्लाक एडीओ कोआपरेटिव विजय शंकर मिश्रा ने डंगौली गांव पहुंचे। डँगौली गांव निवासी शिकायतकर्ता हरदेव ने शिकायत की है कि ग्राम प्रधान नाला खुदाई, मिट्टी कार्य, खेत समतलीकरण, पोखरी खुदाई, राज्य वित्त व 14वें वित्त से लाखों रुपये निकालकर सरकारी धन की बंदर बाट की गई है। इसकी विभाग जांच मामले में हीलाहवाली कर रहा है। ग्रामप्रधान और विभाग की मिलीभगत से मात्र कागजी खानापूरी कर लाखो रुपये निकालने के बाद शिकायत कर्ताओं को धमकाया करता है। इसके बाद भी शासन व प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। इस संबंध में जांच अधिकारी एडीओ कोआपरेटिव विजय शंकर मिश्रा का कहना है कि जांच की जा रही है। जबकि शिकायत कर्ता हरदेव यादव जांच अधिकारी की जांच निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि मौके की जांच पर मिली कमी के बाद भी वे उसे नजर अंदाज करते हुए मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे थे।
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इस प्रकरण की जांच करने गुरुवार को कोपागंज ब्लाक एडीओ कोआपरेटिव विजय शंकर मिश्रा ने डंगौली गांव पहुंचे। डँगौली गांव निवासी शिकायतकर्ता हरदेव ने शिकायत की है कि ग्राम प्रधान नाला खुदाई, मिट्टी कार्य, खेत समतलीकरण, पोखरी खुदाई, राज्य वित्त व 14वें वित्त से लाखों रुपये निकालकर सरकारी धन की बंदर बाट की गई है। इसकी विभाग जांच मामले में हीलाहवाली कर रहा है। ग्रामप्रधान और विभाग की मिलीभगत से मात्र कागजी खानापूरी कर लाखो रुपये निकालने के बाद शिकायत कर्ताओं को धमकाया करता है। इसके बाद भी शासन व प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। इस संबंध में जांच अधिकारी एडीओ कोआपरेटिव विजय शंकर मिश्रा का कहना है कि जांच की जा रही है। जबकि शिकायत कर्ता हरदेव यादव जांच अधिकारी की जांच निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहते हैं कि मौके की जांच पर मिली कमी के बाद भी वे उसे नजर अंदाज करते हुए मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे थे।
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