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अविश्वास प्रस्ताव राजनीतिक सरगर्मी तेज
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:16 PM IST
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रतनपुरा(मऊ)। ब्लाक प्रमुख के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 12 नवंबर की तिथि तय होते ही एकबारगी क्षेत्र में राजनैतिक सरगर्मी तेज हो गई। पक्ष के साथ विपक्ष अधिकाधिक क्षेत्र पंचायत सदस्यों का समर्थन हासिल करने के लिए रात दिन जी तोड़ परिश्रम कर रहा है। इसके चलते क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बल्ले बल्ले है। कारण प्रमुख का पक्ष किसी कीमत पर अवश्विास प्रस्ताव को विफल करना चाहता है, तो विपक्ष इसे सफल कराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। कुल मिलाकर क्षेत्र पंचायत सदस्य अभी भी मौन है, यह तो 12 नवंबर को ही तय होगा, कि आखिर सदस्यों का बहुमत और समर्थन किसे प्राप्त होता है।
रतनपुरा विकास खंड में कुल 93 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं, जिनमें एक सदस्य सरकारी नौकरी लगने के चलते त्यागपत्र दे चुका है। इस प्रकार कुल 92 क्षेत्र पंचायत सदस्य इस अविश्वास प्रस्ताव में भाग लेकर अपने पक्ष को वोट करेंगे। क्षेत्र पंचायत सदस्यों को येन -केन प्रकारेण अपने पाले में रखने के लिए , पक्ष और विपक्ष के लोग हर हथकंडा अपना रहें है। बताते चले रतनपुरा ब्लाक प्रमुख पद आरक्षित श्रेणी में है।
पहले चुनाव में वैसे तो कुल पांच प्रत्याशी मैैदान में थे, लेकिन मुख्य मुकाबला मखना के क्षेत्र पंचायत सदस्य रामशरण राम एवं गुलौरी के क्षेत्र पंचायत सदस्य अजीत कुमार धूसिया के मध्य हुआ, दिलचस्प और रोमांचक संघर्ष में सेहरा रामशरण राम के सिर बंधा। क्योंकि राजनीतिक धुरंधरों का समर्थन रामशरण राम के साथ था। लेकिन एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर, अजीत धुसिया ने रामशरण के विरूद्घ अविश्वास प्रस्ताव लाया। इस दौरान परिणाम अजीत धुसिया के पक्ष में रहा। इस दौरान रामसरन राम को पद से हटना पड़ा, इसके बाद अजीत कुमार धुसिया ब्लाक प्रमुख चुने गए। अजीत धुसिया का कार्यकाल एक वर्ष पूरा हुआ है तभी पुन: अविश्वास प्रस्ताव आ गया। अब इसको लेकर घमासान मचा है। एक वर्ष के अंदर दो अविश्वास प्रस्ताव आने पर लोग तरह तरह की चर्चा कर रहें। चर्चा है कि लग रहा पांच वर्ष के कार्यकाल में इस ब्लाक पर पांच प्रमुख आसीन होगे। हालांकि जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने के लिए अधिकृत किया है।
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रतनपुरा विकास खंड में कुल 93 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं, जिनमें एक सदस्य सरकारी नौकरी लगने के चलते त्यागपत्र दे चुका है। इस प्रकार कुल 92 क्षेत्र पंचायत सदस्य इस अविश्वास प्रस्ताव में भाग लेकर अपने पक्ष को वोट करेंगे। क्षेत्र पंचायत सदस्यों को येन -केन प्रकारेण अपने पाले में रखने के लिए , पक्ष और विपक्ष के लोग हर हथकंडा अपना रहें है। बताते चले रतनपुरा ब्लाक प्रमुख पद आरक्षित श्रेणी में है।
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पहले चुनाव में वैसे तो कुल पांच प्रत्याशी मैैदान में थे, लेकिन मुख्य मुकाबला मखना के क्षेत्र पंचायत सदस्य रामशरण राम एवं गुलौरी के क्षेत्र पंचायत सदस्य अजीत कुमार धूसिया के मध्य हुआ, दिलचस्प और रोमांचक संघर्ष में सेहरा रामशरण राम के सिर बंधा। क्योंकि राजनीतिक धुरंधरों का समर्थन रामशरण राम के साथ था। लेकिन एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर, अजीत धुसिया ने रामशरण के विरूद्घ अविश्वास प्रस्ताव लाया। इस दौरान परिणाम अजीत धुसिया के पक्ष में रहा। इस दौरान रामसरन राम को पद से हटना पड़ा, इसके बाद अजीत कुमार धुसिया ब्लाक प्रमुख चुने गए। अजीत धुसिया का कार्यकाल एक वर्ष पूरा हुआ है तभी पुन: अविश्वास प्रस्ताव आ गया। अब इसको लेकर घमासान मचा है। एक वर्ष के अंदर दो अविश्वास प्रस्ताव आने पर लोग तरह तरह की चर्चा कर रहें। चर्चा है कि लग रहा पांच वर्ष के कार्यकाल में इस ब्लाक पर पांच प्रमुख आसीन होगे। हालांकि जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने के लिए अधिकृत किया है।
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