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...उठता नहीं बाबा अली अकबर का जनाजा
Updated Wed, 19 Sep 2018 11:28 PM IST
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घोसी। बड़ागांव शिया मुहल्ले में सातवीं मुहर्रम पर बुधवार को सुबह से ही मजलिसों का दौर शुरू हुआ जो देर रात तक चलता रहा। अंजुमनों ने नौहा और मातम किया जबकि उलेमा ने मजलिसों में शहीदाने कर्बला का जिक्र किया। ‘कांधे पे लिए लाश पुकारे शहे वाला, उठता नहीं बाबा अली अकबर का जनाजा’ नौहे ने अजादारों को रुला दिया और मजलिस में ‘हाय हुसैन’ की सदाएं बुलंद हो उठीं।
शाम 3:30 बजे अशहद हुसैन, मशहद हुसैन, आबिद असगर, सय्यद अनीस असगर, जुल्फेकार अली के मकान से अलम का जुलूस निकला। जबकि मगरिबैन की नमाज के बाद बाजार स्थित इमाम चौक से भी अलम का जुलूस उठाया गया। जो 11 बजे रौजा ए अब्बास अलमदार पर समाप्त हुआ। अजाखाने अब्बासी बीबी से रात 9 बजे हजरत क़ासिम की चौकी का जुलूस और बाजार स्थित इमाम चौक से अलम के जुलूस उठाए गए। अंजुमन मासूमिया रजिस्टर्ड और अंजुमन मासूमिया क़दीम रजिस्टर्ड ने नौहाख्वानी और सीनाजनी की। जुलूस नीम तले स्थित इमाम चौक के पास लगभग 12:30 बजे पहुंचा यहीं पर अलम और चौकी के जुलूस का मिलन हुआ।
जुलूस से पूर्व मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना ने कहा कि जब इमाम हसन के बेटे जनाब क़ासिम घायल होकर घोड़े से गिरते हैं तब अपने चाचा इमाम हुसैन को मदद के लिए पुकारते हैं। आवाज पर इमाम हुसैन और मौला अब्बास मदद के लिए मैदाने कर्बला में जाते हैं। उनको आते देख यजीदी फ़ौज भागने लगती है। इस दौरान घोड़े की टापों से कुचल कर जनाबे क़ासिम शहीद हो जाते हैं। इसी की याद मे आज का जुलूस उठाया गया।
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जुलूस के दौरान जफर अली के नौहे ‘ये नौहे उम्मे फरवा है, माँ किस को बुलाएगी क़ासिम’, मोजाहिर हुसैन के नौहे ‘कांधे पे लिए लाश पुकारे शहे वाला, उठता नहीं बाबा अली अकबर का जनाजा’ सुनाया तो अजादार रो पड़े और ‘या हुसैन’ की सदाएं बुलंद होने लगीं। जुलूस अपने क़दीमी रास्तो से होता हुआ सदर बाजार स्थित इमाम चौक पर देर रात दफन हुआ।
उधर, रात्रि 2 बजे अजाखाने जाफरी से दुलदुल का जुलूस निकला जो नीमतले एवं बीबी के फाटक से होता हुआ सुबह की नमाज से पहले सदर इमाम बारगाह पर दफन हुआ। इसमें शमीमुल हसन ने नौहा पढ़ा ‘ऐ जुलजनाह ऐ शहे बेकस की यादगार, बहरे खुदा बता दे कहाँ है तेरा सवार’ पढ़ा। जुलूस में भारी संख्या में पुरुष महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। जुलूस में सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था।
आपसी भाईचारे के बीच मनाएं मुहर्रम
वलीदपुर। जिलाधिकरी प्रकाश बिंदु ने मुहर्रम के मद्देनजर बुधवार को बड़ी बाजार में ताजियादारों की कमेटी के साथ बैठक कर समस्साएं सुनी और अधिकारियों को उनके निस्तारण का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि मुहर्रम में पवित्रता का पूरा ख्याल रखा जाए। दोनों वर्ग ताजिया जुलूस के दौरान एकता और भाईचारे का माहौल बनाएं और इसे मिल कर सपंन्न कराएं।
प्रकाश और सफाई के लिए नपं के अधिकारियों को निर्देश दिया। कहा इमामबाड़ों और ताजिया जाने के रास्तों पर व्यवस्थाएं बहाल की जाएं। नगर पंचायत ईओ को साफ सफाई और पेयजल आपूर्ति के साथ निर्देश दिया। बैठक में पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। ताजियादार कमेटी अपने हर जलूस में वालिन्टियर्स तैनात करें और उनका मोबाइल नम्बर पुलिस तथा जिला प्रशासन को उपलब्ध करायें ताकि किसी छोटी से छोटी घटना या समस्या पर उनसे सम्पर्क किया जा सके। उन्होेनें सभी क्षेत्राधिकारी व थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि फोर्स को ब्रीफ करें कि उन्हें कब और कहां क्या-क्या करना है। बैठक में एसडीएम हरीराम यादव ,सीओ आलोक कुमार जायसवाल, कोतवाल महेंद्र प्रताप सिंह चेयरमैन प्रतिनिधि मु. अली, ताजियेदार ताहिर नासिर अब्बास, फरमान, असगर सहित अन्य मौजूद रहे।
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शाम 3:30 बजे अशहद हुसैन, मशहद हुसैन, आबिद असगर, सय्यद अनीस असगर, जुल्फेकार अली के मकान से अलम का जुलूस निकला। जबकि मगरिबैन की नमाज के बाद बाजार स्थित इमाम चौक से भी अलम का जुलूस उठाया गया। जो 11 बजे रौजा ए अब्बास अलमदार पर समाप्त हुआ। अजाखाने अब्बासी बीबी से रात 9 बजे हजरत क़ासिम की चौकी का जुलूस और बाजार स्थित इमाम चौक से अलम के जुलूस उठाए गए। अंजुमन मासूमिया रजिस्टर्ड और अंजुमन मासूमिया क़दीम रजिस्टर्ड ने नौहाख्वानी और सीनाजनी की। जुलूस नीम तले स्थित इमाम चौक के पास लगभग 12:30 बजे पहुंचा यहीं पर अलम और चौकी के जुलूस का मिलन हुआ।
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जुलूस से पूर्व मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना ने कहा कि जब इमाम हसन के बेटे जनाब क़ासिम घायल होकर घोड़े से गिरते हैं तब अपने चाचा इमाम हुसैन को मदद के लिए पुकारते हैं। आवाज पर इमाम हुसैन और मौला अब्बास मदद के लिए मैदाने कर्बला में जाते हैं। उनको आते देख यजीदी फ़ौज भागने लगती है। इस दौरान घोड़े की टापों से कुचल कर जनाबे क़ासिम शहीद हो जाते हैं। इसी की याद मे आज का जुलूस उठाया गया।
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जुलूस के दौरान जफर अली के नौहे ‘ये नौहे उम्मे फरवा है, माँ किस को बुलाएगी क़ासिम’, मोजाहिर हुसैन के नौहे ‘कांधे पे लिए लाश पुकारे शहे वाला, उठता नहीं बाबा अली अकबर का जनाजा’ सुनाया तो अजादार रो पड़े और ‘या हुसैन’ की सदाएं बुलंद होने लगीं। जुलूस अपने क़दीमी रास्तो से होता हुआ सदर बाजार स्थित इमाम चौक पर देर रात दफन हुआ।
उधर, रात्रि 2 बजे अजाखाने जाफरी से दुलदुल का जुलूस निकला जो नीमतले एवं बीबी के फाटक से होता हुआ सुबह की नमाज से पहले सदर इमाम बारगाह पर दफन हुआ। इसमें शमीमुल हसन ने नौहा पढ़ा ‘ऐ जुलजनाह ऐ शहे बेकस की यादगार, बहरे खुदा बता दे कहाँ है तेरा सवार’ पढ़ा। जुलूस में भारी संख्या में पुरुष महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। जुलूस में सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था।
आपसी भाईचारे के बीच मनाएं मुहर्रम
वलीदपुर। जिलाधिकरी प्रकाश बिंदु ने मुहर्रम के मद्देनजर बुधवार को बड़ी बाजार में ताजियादारों की कमेटी के साथ बैठक कर समस्साएं सुनी और अधिकारियों को उनके निस्तारण का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि मुहर्रम में पवित्रता का पूरा ख्याल रखा जाए। दोनों वर्ग ताजिया जुलूस के दौरान एकता और भाईचारे का माहौल बनाएं और इसे मिल कर सपंन्न कराएं।
प्रकाश और सफाई के लिए नपं के अधिकारियों को निर्देश दिया। कहा इमामबाड़ों और ताजिया जाने के रास्तों पर व्यवस्थाएं बहाल की जाएं। नगर पंचायत ईओ को साफ सफाई और पेयजल आपूर्ति के साथ निर्देश दिया। बैठक में पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। ताजियादार कमेटी अपने हर जलूस में वालिन्टियर्स तैनात करें और उनका मोबाइल नम्बर पुलिस तथा जिला प्रशासन को उपलब्ध करायें ताकि किसी छोटी से छोटी घटना या समस्या पर उनसे सम्पर्क किया जा सके। उन्होेनें सभी क्षेत्राधिकारी व थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि फोर्स को ब्रीफ करें कि उन्हें कब और कहां क्या-क्या करना है। बैठक में एसडीएम हरीराम यादव ,सीओ आलोक कुमार जायसवाल, कोतवाल महेंद्र प्रताप सिंह चेयरमैन प्रतिनिधि मु. अली, ताजियेदार ताहिर नासिर अब्बास, फरमान, असगर सहित अन्य मौजूद रहे।