{"_id":"5b312c504f1c1b13358b8ac1","slug":"81529949264-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"130 हेक्टेयर भूमि में लगाए जाएंगे 1.47 लाख पौधे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
130 हेक्टेयर भूमि में लगाए जाएंगे 1.47 लाख पौधे
Updated Tue, 26 Jun 2018 12:07 AM IST
विज्ञापन
tree
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में वन महोत्सव के दौरान पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए गड्ढ़े खुदवाकर छोड़े गए हैं। अभियान के तहत इस साल 130 हेक्टेयर भूमि पर 1.47 लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन यह अभियान पूरी तरह से मानसून पर आधारित है।
वन विभाग द्वारा एक से सात जुलाई तक वन महोत्सव दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके लिए नर्सरियों में पौध भी तैयार है। जनपद के नौ ब्लाकों में पौधरोपण के लिए कुल 40 स्थान चिह्नित किए गए हैं। जिसमें सड़क, नहर, विद्यालयों, कार्यालय प्रांगण और गांव समाज की भूमि आदि स्थानों पर पौधरोपण का कार्य विभाग द्वारा किया जाना है। इन स्थानों पर लगने वाले पौधों में मुख्य रूप से शीशम, कंजी, इमली, सेमल, सागौन, गुटैल, प्रोसपीस, यूकेलिप्टस, सिरस, आम, जामुन, इमली और बेल आदि शामिल किए जाएंगे। विभाग द्वारा इस वर्ष लक्ष्य के मुताबिक जिले के नौ ब्लाकों में वन विभाग 130 हेक्टेयर का भूमि में कुल 1.47 लाख पौधरोपण किया जाएगा।
इस बावत प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी संजय विश्वाल का कहना है कि पौधरोपण की सारी तैयारियों पूरी कर ली गई है। पौधरोपण का कार्य बरसात पर ही निर्भर होता है। अभी मौसम काफी गर्म है। मौसम अनुकूल होते ही पौधरोपण अभियान शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
इनसेट
सूख गए हैं लगभग 20 प्रतिशत पौधे
मऊ। जनपद को हरा भरा करने तथा पर्यावरण प्रदूषण कम करने के लिए गत वर्ष वन विभाग की तरफ से जिले के विभिन्न ब्लाक क्षेत्रों में पौधरोपण कराया गया था। 68 हेक्टेयर में 70 हजार पौधे लगाए गए थे। उचित रख रखाव के अभाव में लगभग 20 प्रतिशत पौधे सूख गए हैं। सूत्रों के मुताबिक शासन की तरफ से पौधरोपण अभियान के बाद एक वर्ष तक ही रख रखाव करने का बजट आता है। पौधरोपण के बाद मंडलस्तरीय जांच टीम अक्तूबर माह में लगाए गए पौधों की मानीटरिंग करती है।
विज्ञापन
वन विभाग द्वारा एक से सात जुलाई तक वन महोत्सव दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके लिए नर्सरियों में पौध भी तैयार है। जनपद के नौ ब्लाकों में पौधरोपण के लिए कुल 40 स्थान चिह्नित किए गए हैं। जिसमें सड़क, नहर, विद्यालयों, कार्यालय प्रांगण और गांव समाज की भूमि आदि स्थानों पर पौधरोपण का कार्य विभाग द्वारा किया जाना है। इन स्थानों पर लगने वाले पौधों में मुख्य रूप से शीशम, कंजी, इमली, सेमल, सागौन, गुटैल, प्रोसपीस, यूकेलिप्टस, सिरस, आम, जामुन, इमली और बेल आदि शामिल किए जाएंगे। विभाग द्वारा इस वर्ष लक्ष्य के मुताबिक जिले के नौ ब्लाकों में वन विभाग 130 हेक्टेयर का भूमि में कुल 1.47 लाख पौधरोपण किया जाएगा।
विज्ञापन
इस बावत प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी संजय विश्वाल का कहना है कि पौधरोपण की सारी तैयारियों पूरी कर ली गई है। पौधरोपण का कार्य बरसात पर ही निर्भर होता है। अभी मौसम काफी गर्म है। मौसम अनुकूल होते ही पौधरोपण अभियान शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
इनसेट
सूख गए हैं लगभग 20 प्रतिशत पौधे
मऊ। जनपद को हरा भरा करने तथा पर्यावरण प्रदूषण कम करने के लिए गत वर्ष वन विभाग की तरफ से जिले के विभिन्न ब्लाक क्षेत्रों में पौधरोपण कराया गया था। 68 हेक्टेयर में 70 हजार पौधे लगाए गए थे। उचित रख रखाव के अभाव में लगभग 20 प्रतिशत पौधे सूख गए हैं। सूत्रों के मुताबिक शासन की तरफ से पौधरोपण अभियान के बाद एक वर्ष तक ही रख रखाव करने का बजट आता है। पौधरोपण के बाद मंडलस्तरीय जांच टीम अक्तूबर माह में लगाए गए पौधों की मानीटरिंग करती है।