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सीमेंट चौखट उद्योग पर संकट के बादल
Updated Thu, 03 Aug 2017 11:50 PM IST
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मऊ। जिले के सीमेंट, कंक्रीट से बनने वाले चौखट, चौकी, डेस्क बेंच पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने के विरोध में जिले के उद्मियों ने बुधवार को जिले में प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इस उद्योग पर केवल पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाने की वकालत की गई ।
पत्रक में कहा गया है कि सीमेंट, कंक्रीट से बनने वाले चौखट, चौकी, डेस्क बेंच तथा बेंच पर भारत सरकार द्वारा 28 प्रतिशत जीएसटी लगा दिये जाने से लघु उद्यमियों में निराशा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश का सीमेंट, कंक्रीट चौखट उद्योग जो कुटीर उद्योग के रूप में गाँव-गाँव कस्बों-कस्बों में फैल रहा था। 1 जुलाई 2017 से 28 प्रतिशत जीएसटी लग जाने से इस कुटीर उद्योग पर संकट के बादल छा गये हैं। पूर्व में इस उत्पाद पर 14.5 प्रतिशत वैट टैक्स के रूप में लगता था। सीमेंट, कंक्रीट चौखट के कुटीर उद्योग को संकट से उबारनेके लिए लघु उद्योग भारती के स्थानीय पदाधिकारी एवं सदस्यों ने बुधवार को जिले में आए प्रभारी मंत्री नन्दी को ज्ञापन दिया। लघु उद्योग भारती के मंत्री बालकृष्ण ठरड नें सीमेंट, कंक्रीट चौखट उद्योग के संबंध में मंत्री को विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह उत्पाद पूर्ण रूपेण गरीबों द्वारा उपयोग में लाया जाता है। जिसमें भारी मशीनों एवं बिजली का प्रयोग नहीं होता है। अत: इस उद्योग से गांव एवं कस्बो में रोजगार मिलनें की प्रबल संभावना है। भारत सरकार नें 28 प्रतिशत जीएसटी लग्जरी प्रोडक्ट्स पर लगाया है तथा गरीबों द्वारा प्रयोग किये जाने वाले प्रोडक्ट को 5 प्रतिशत जीएसटी की श्रेणी में रखा है। अत: सीमेंट, कंक्रीट की चौखट पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगना चाहिए। संस्था के अध्यक्ष भरत कुमार ठरड नें बताया कि पूर्वांचल में फैल रहे इस उद्योग से प्रतिवर्ष 1 लाख से ज्यादा वृक्ष कटने से बच रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्यरत इस कुटीर उद्योग को बचाने की आवश्यकता है। उन्होंने सीमेंट, कंक्रीट चौखट पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने का तर्क दिया। मंत्री ने सीमेंट चौखट उद्योग को संकट से उबारने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर भवानी शंकर, विनीत कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्त, नीरज, शंकर, शरद सेक्सरिया, दीपक, आकाश वर्मा, रूचिर सहित काफी संख्या में उद्यमी एवं व्यापारी उपस्थित थे।
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पत्रक में कहा गया है कि सीमेंट, कंक्रीट से बनने वाले चौखट, चौकी, डेस्क बेंच तथा बेंच पर भारत सरकार द्वारा 28 प्रतिशत जीएसटी लगा दिये जाने से लघु उद्यमियों में निराशा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश का सीमेंट, कंक्रीट चौखट उद्योग जो कुटीर उद्योग के रूप में गाँव-गाँव कस्बों-कस्बों में फैल रहा था। 1 जुलाई 2017 से 28 प्रतिशत जीएसटी लग जाने से इस कुटीर उद्योग पर संकट के बादल छा गये हैं। पूर्व में इस उत्पाद पर 14.5 प्रतिशत वैट टैक्स के रूप में लगता था। सीमेंट, कंक्रीट चौखट के कुटीर उद्योग को संकट से उबारनेके लिए लघु उद्योग भारती के स्थानीय पदाधिकारी एवं सदस्यों ने बुधवार को जिले में आए प्रभारी मंत्री नन्दी को ज्ञापन दिया। लघु उद्योग भारती के मंत्री बालकृष्ण ठरड नें सीमेंट, कंक्रीट चौखट उद्योग के संबंध में मंत्री को विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह उत्पाद पूर्ण रूपेण गरीबों द्वारा उपयोग में लाया जाता है। जिसमें भारी मशीनों एवं बिजली का प्रयोग नहीं होता है। अत: इस उद्योग से गांव एवं कस्बो में रोजगार मिलनें की प्रबल संभावना है। भारत सरकार नें 28 प्रतिशत जीएसटी लग्जरी प्रोडक्ट्स पर लगाया है तथा गरीबों द्वारा प्रयोग किये जाने वाले प्रोडक्ट को 5 प्रतिशत जीएसटी की श्रेणी में रखा है। अत: सीमेंट, कंक्रीट की चौखट पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगना चाहिए। संस्था के अध्यक्ष भरत कुमार ठरड नें बताया कि पूर्वांचल में फैल रहे इस उद्योग से प्रतिवर्ष 1 लाख से ज्यादा वृक्ष कटने से बच रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्यरत इस कुटीर उद्योग को बचाने की आवश्यकता है। उन्होंने सीमेंट, कंक्रीट चौखट पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने का तर्क दिया। मंत्री ने सीमेंट चौखट उद्योग को संकट से उबारने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर भवानी शंकर, विनीत कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्त, नीरज, शंकर, शरद सेक्सरिया, दीपक, आकाश वर्मा, रूचिर सहित काफी संख्या में उद्यमी एवं व्यापारी उपस्थित थे।
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