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विभाग की उदासीनता से नहीं लग रहा ब्रेकर, आपूर्ति बदहाल
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:27 AM IST
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मऊ। सिपाह इब्राहिमाबाद बाजार स्थित विद्युत उकेंद्र के कंट्रोल रूम में लगे ब्रेकर को मुख्य मशीन से न जोड़े जाने से बिजली रहते हुए भी लोगों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा। ग्रामीणों के लाख शिकायत के बाद भी ब्रेकर को आज तक मुख्य मशीन से नही जोड़ा जा सका है।
सिपाह इब्राहिमाबाद बाजार में स्थापित विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। क्षेत्र के लोगों को बिजली की बेहतर आपूर्ति के लिए उपकेंद्र पर तीन फीडर और ब्रेकर बनाया गया है। विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से ये सारे सिस्टम कुछ वर्ष के बाद जीर्ण-शीर्ण हो गए। काफी समय तक तो जुगाड़ से इन्हें प्रयोग में लाया गया। लेकिन बाद में लोगों के आंदोलित होने पर विभाग ने आनन फानन में नया ब्रेकर उपलब्ध कराया। करीब एक वर्ष तक यह ब्रेकर खुले आसमान के नीचे पड़ा है, बाद में लोगों के आंदोलन करने पर विभाग ने बाहर पड़े मशीनों को कंट्रोल रुम में रखवा दिया, लेकिन दो वर्ष का समय बीतने के बाद भी इन ब्रेकरों को मुख्य मशीन से नहीं जोड़ा जा सका। इसका परिणाम है कि किसी एक स्थान पर फाल्ट होने पर पूरी सप्लाई बंद की जाती है। इससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रीय उपभोक्ताओं में शकील आजम सिद्दीकी, ब्रिकेश जायसवाल, रेवतीरमण पांडेय, राजेश जायसवाल, हरिंद्र प्रजापति, डॉ जमील अंसारी, राधेश्याम, राजकुमार, श्रीकांत यादव, सुशील वर्मा, फूलचंद पटेल आदि ने कहा कि क्षेत्र में लगे लघु कुटीर उद्योग,पावरलूम और खेती किसानी पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है। ठंड का मौसम होने के चलते पूरे बाजार और गांव में शाम होते ही सियापा छा जाता है ऐसे में बिजली रहते हुए भी लोग अंधेरे में रहने को विवश होते है। जिससे चोरी की घटना के साथ साथ अन्य तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में अवर अभियंता पृथ्वीनाथ ने पूर्व की भांति रटा रटाया बयान दिया कि ब्रेकर को जोड़ने के लिए आलाधिकारियों को लिखित रूप से सूचना दी जा चुकी है। उच्चधिकारियों के आदेश पर ठेकेदार ब्रेकर में कनेक्शन करेंगा।
सिपाह इब्राहिमाबाद बाजार में स्थापित विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। क्षेत्र के लोगों को बिजली की बेहतर आपूर्ति के लिए उपकेंद्र पर तीन फीडर और ब्रेकर बनाया गया है। विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से ये सारे सिस्टम कुछ वर्ष के बाद जीर्ण-शीर्ण हो गए। काफी समय तक तो जुगाड़ से इन्हें प्रयोग में लाया गया। लेकिन बाद में लोगों के आंदोलित होने पर विभाग ने आनन फानन में नया ब्रेकर उपलब्ध कराया। करीब एक वर्ष तक यह ब्रेकर खुले आसमान के नीचे पड़ा है, बाद में लोगों के आंदोलन करने पर विभाग ने बाहर पड़े मशीनों को कंट्रोल रुम में रखवा दिया, लेकिन दो वर्ष का समय बीतने के बाद भी इन ब्रेकरों को मुख्य मशीन से नहीं जोड़ा जा सका। इसका परिणाम है कि किसी एक स्थान पर फाल्ट होने पर पूरी सप्लाई बंद की जाती है। इससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रीय उपभोक्ताओं में शकील आजम सिद्दीकी, ब्रिकेश जायसवाल, रेवतीरमण पांडेय, राजेश जायसवाल, हरिंद्र प्रजापति, डॉ जमील अंसारी, राधेश्याम, राजकुमार, श्रीकांत यादव, सुशील वर्मा, फूलचंद पटेल आदि ने कहा कि क्षेत्र में लगे लघु कुटीर उद्योग,पावरलूम और खेती किसानी पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है। ठंड का मौसम होने के चलते पूरे बाजार और गांव में शाम होते ही सियापा छा जाता है ऐसे में बिजली रहते हुए भी लोग अंधेरे में रहने को विवश होते है। जिससे चोरी की घटना के साथ साथ अन्य तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में अवर अभियंता पृथ्वीनाथ ने पूर्व की भांति रटा रटाया बयान दिया कि ब्रेकर को जोड़ने के लिए आलाधिकारियों को लिखित रूप से सूचना दी जा चुकी है। उच्चधिकारियों के आदेश पर ठेकेदार ब्रेकर में कनेक्शन करेंगा।
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