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हत्या के मामले में महिला सहित दो दोषी, सजा पर सुनवाई 24 सितंबर को
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:04 AM IST
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो आदिल आफताब अहमद ने हत्या के मामले में नामजद तीन आरोपियों में महिला सहित दो को दोषी पाया। इस दौरान कोर्ट ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 24 सितंबर 2018 की तिथि तय किया। वहीं एक आरोपी सुरेश राजभर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
मामले के अनुसार मधुबन थाना क्षेत्र के कटघरा शंकर मथई गांव निवासी वादिनी मुकदमा किरन के पति रामबचन की चार मई 2013 की रात्रि में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वादिनी का कथन था कि उसके गांव की उर्मिला पत्नी स्व. सूर्यभान ने उससे कहा था कि उसके पति की हत्या रामबचन ने लुधियाना में करा दिया है। वह अपने पति की हत्या का उससे बदला लेगी। उसी के चलते उर्मिला ने वीर बहादुर के साथ योजना बनाकर तीन मई 2013 की रात्रि में उसके पति जब बरामदे में सो रहे थे, तो उसी समय रात्रि में चाकू से मारकर उनकी हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद गांव के ही वीर बहादुर राजभर पुत्र झूरी, उर्मिला और भेड़कुल सुल्तानपुर गांव निवासी सुरेश राजभर पुत्र ढोढे राजभर के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र पांडेय ने वादिनी सहित कुल 12 गवाहों को पेसकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद वीरबहादुर राजभर और उर्मिला को हत्या का दोषी पाया। वहीं सुरेश राजभर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। एडीजे ने दोषियों को 24 सितंबर को सजा सुनाएंगे।
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मामले के अनुसार मधुबन थाना क्षेत्र के कटघरा शंकर मथई गांव निवासी वादिनी मुकदमा किरन के पति रामबचन की चार मई 2013 की रात्रि में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वादिनी का कथन था कि उसके गांव की उर्मिला पत्नी स्व. सूर्यभान ने उससे कहा था कि उसके पति की हत्या रामबचन ने लुधियाना में करा दिया है। वह अपने पति की हत्या का उससे बदला लेगी। उसी के चलते उर्मिला ने वीर बहादुर के साथ योजना बनाकर तीन मई 2013 की रात्रि में उसके पति जब बरामदे में सो रहे थे, तो उसी समय रात्रि में चाकू से मारकर उनकी हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद गांव के ही वीर बहादुर राजभर पुत्र झूरी, उर्मिला और भेड़कुल सुल्तानपुर गांव निवासी सुरेश राजभर पुत्र ढोढे राजभर के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र पांडेय ने वादिनी सहित कुल 12 गवाहों को पेसकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद वीरबहादुर राजभर और उर्मिला को हत्या का दोषी पाया। वहीं सुरेश राजभर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। एडीजे ने दोषियों को 24 सितंबर को सजा सुनाएंगे।
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