{"_id":"5b08446c4f1c1ba96e8b47fe","slug":"71527268460-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभियान : लगता है कहीं बंद न हो जाए फाटक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभियान : लगता है कहीं बंद न हो जाए फाटक
Updated Fri, 25 May 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
बाल निकेतन स्थित रेलवे क्रासिंग पर प्रतिदिन 50 बार फाटक बंद होने से आम शहरियों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। युवाओं के मुताबिक
दिन में फाटक से लेकर सहादतपुरा आजमगढ़ मोड़ पर लगभग 80 से अधिक बार जाम लग जाता है। इस जाम से युवाओं खासकर छात्रों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मऊ नगर में रौजा, सदर चौक, कटरा, साड़ी मार्केट, घास बाजार, गल्ला मंडी, सूत मंडी, गोला बाजार डीएवी इंटर कालेज डीएवी बालिका इंटर कालेज मुस्लिम इंटर कालेज, यूबीआई सहित कई बड़े बैंक क्रासिंग के दूसरी तरफ है। दिन में 80 से अधिक बार फाटक गिरने से जाम लगता है। ऐसे में जाम में फंसने के डर से युवा भी क्रासिंग के पार बाजार जाने से कतरा रहे हैं। आरओबी न बनने से युवाओं में निराशा है। युवाओं की मानें तो जिले के विकास के लिए सुचारु आवागमन की व्यवस्था काफी जरूरी है। स्कूल कालेज जाना, कंप्यूटर कोर्सों की पढ़ाई, कोचिंग क्लासेज, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रेलवे लाइन के उस पार जाना काफी समय की बरबादी वाला काम है।
युवा विजय वर्मा कहते हैं कि बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग पर जाम लगने से विकास संबंधी सभी गतिविधियों में भारी गिरावट आई है। इसलिए ओवरब्रिज बनाया जाना जरूरी है। आमिर लारी कहते हैं कि युवाओं के भविष्य को तराशने के लिए जरूरी है कि क्रासिंग पर फ्लाई ओवर बनवाया जाए। सरफराज कहते हैं कि बाल निकेतन पर 24 घंटों में लगभग पांच घंटों तक फाटक बंद ही रहता है। इससे कई प्रकार की दिक्कतें आती हैं। लियाकत कहते हैं कि फाटक पर फ्लाईओवर न बन पाने से शहर के विकास में बहुत बड़ी बाधा है। क्योंकि शहर की व्यापारिक, शैक्षिक ,साहित्यिक गतिविधियों के केंद्र दोनों ही तरफ हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिन में फाटक से लेकर सहादतपुरा आजमगढ़ मोड़ पर लगभग 80 से अधिक बार जाम लग जाता है। इस जाम से युवाओं खासकर छात्रों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
मऊ नगर में रौजा, सदर चौक, कटरा, साड़ी मार्केट, घास बाजार, गल्ला मंडी, सूत मंडी, गोला बाजार डीएवी इंटर कालेज डीएवी बालिका इंटर कालेज मुस्लिम इंटर कालेज, यूबीआई सहित कई बड़े बैंक क्रासिंग के दूसरी तरफ है। दिन में 80 से अधिक बार फाटक गिरने से जाम लगता है। ऐसे में जाम में फंसने के डर से युवा भी क्रासिंग के पार बाजार जाने से कतरा रहे हैं। आरओबी न बनने से युवाओं में निराशा है। युवाओं की मानें तो जिले के विकास के लिए सुचारु आवागमन की व्यवस्था काफी जरूरी है। स्कूल कालेज जाना, कंप्यूटर कोर्सों की पढ़ाई, कोचिंग क्लासेज, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रेलवे लाइन के उस पार जाना काफी समय की बरबादी वाला काम है।
विज्ञापन
युवा विजय वर्मा कहते हैं कि बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग पर जाम लगने से विकास संबंधी सभी गतिविधियों में भारी गिरावट आई है। इसलिए ओवरब्रिज बनाया जाना जरूरी है। आमिर लारी कहते हैं कि युवाओं के भविष्य को तराशने के लिए जरूरी है कि क्रासिंग पर फ्लाई ओवर बनवाया जाए। सरफराज कहते हैं कि बाल निकेतन पर 24 घंटों में लगभग पांच घंटों तक फाटक बंद ही रहता है। इससे कई प्रकार की दिक्कतें आती हैं। लियाकत कहते हैं कि फाटक पर फ्लाईओवर न बन पाने से शहर के विकास में बहुत बड़ी बाधा है। क्योंकि शहर की व्यापारिक, शैक्षिक ,साहित्यिक गतिविधियों के केंद्र दोनों ही तरफ हैं।
विज्ञापन