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ग्राम पंचायतों के विकास से जुड़ी खबर
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:59 PM IST
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मऊ। अब 14 वें वित्त और राज्य वित्त के धन से ग्राम प्रधान विकास कार्य करा सकेंगे। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों से पंचायती राज निदेशक विजय किरण आनंद की हुई वार्ता के बाद बनी सहमति के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई। अब ग्राम प्रधान 14वें वित्त एवं राज्य वित्त के बजट से गांवों में विकास कार्य करा सकेंगे। इस मद में भेजी गई धनराशि वापस नहीं होगी बल्कि इसमें दस प्रतिशत की वृद्धि भी की जाएगी। जनवरी में सभी ग्राम पंचायतों को डोंगल उपलब्ध करा दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों को कर लगाने का भी अधिकार मिलेगा।
आय के सापेक्ष भ्रष्टाचार मुक्त परफारमेंस ग्रांट भी सरकार उपलब्ध कराएगी। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की बिंदुओं पर निरंतर की जा रही मांग को देखते हुए पंचायती राज निदेशक विजय किरण आनंद ने संगठन के पदाधिकारियों के साथ 30 अक्टूबर को लखनऊ में द्विपक्षीय वार्ता किया। बैठक में चार बिंदुओं पर सहमति बनी। वार्ता में भाग लेकर लौटे संगठन के जिलाध्यक्ष विवेकानंद यादव ने बताया कि जनपदों में ऐसी सूचनाएं आ रही थीं कि14वें वित्त और राज्य वित्त का धन ग्राम प्रधान खर्च नहीं कर सकते, ये रकम शासन को वापस की जाएगी। लेकिन वार्ता में निदेशक ने अश्वास्त किया कि यह रकम वापस नहीं होगी और इससे ग्राम पंचायतें विकास कार्य करा सकेंगी। इस धनराशि का खर्च करने के लिए ग्राम प्रधान और सचिवों को जनवरी में डोंगल दिए जाएंगे।इस राशि में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। निदेशक ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि मनरेगा के तहत डेटिंग अथवा डबल डेटिंग करना या न करना ग्राम पंचायतों पर निर्भर करेगा।इसके लिए ग्राम पंचायतों को बाध्य नहीं किया जा सकता है। परफार्मेंस ग्रांट की धनराशि के संबंध में संगठन की चिंताओं का निराकरण करते हुए निदेशक ने स्पष्ट किया कि अब ग्राम पंचायतों को भी कर लगाने का अधिकार होगा और उससे प्राप्त आय ग्राम पंचायत का परफार्मेंस होगी,जो आनलाइन रहेगा। बगैर किसी भेदभाव के आय के सापेक्ष भ्रष्टचार मुक्त परफार्मेंस ग्रांट उपलब्ध कराई जाएगी।जिलाध्यक्ष विवेकानंद यादव ने बताया कि वार्ता के बाद अब भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है और उन्होंने जिले के ग्राम प्रधानों का आह्वान किया कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और भ्रष्टाचार मुक्त जनपद के निर्माण में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन करने में योगदान दें।
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आय के सापेक्ष भ्रष्टाचार मुक्त परफारमेंस ग्रांट भी सरकार उपलब्ध कराएगी। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की बिंदुओं पर निरंतर की जा रही मांग को देखते हुए पंचायती राज निदेशक विजय किरण आनंद ने संगठन के पदाधिकारियों के साथ 30 अक्टूबर को लखनऊ में द्विपक्षीय वार्ता किया। बैठक में चार बिंदुओं पर सहमति बनी। वार्ता में भाग लेकर लौटे संगठन के जिलाध्यक्ष विवेकानंद यादव ने बताया कि जनपदों में ऐसी सूचनाएं आ रही थीं कि14वें वित्त और राज्य वित्त का धन ग्राम प्रधान खर्च नहीं कर सकते, ये रकम शासन को वापस की जाएगी। लेकिन वार्ता में निदेशक ने अश्वास्त किया कि यह रकम वापस नहीं होगी और इससे ग्राम पंचायतें विकास कार्य करा सकेंगी। इस धनराशि का खर्च करने के लिए ग्राम प्रधान और सचिवों को जनवरी में डोंगल दिए जाएंगे।इस राशि में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। निदेशक ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि मनरेगा के तहत डेटिंग अथवा डबल डेटिंग करना या न करना ग्राम पंचायतों पर निर्भर करेगा।इसके लिए ग्राम पंचायतों को बाध्य नहीं किया जा सकता है। परफार्मेंस ग्रांट की धनराशि के संबंध में संगठन की चिंताओं का निराकरण करते हुए निदेशक ने स्पष्ट किया कि अब ग्राम पंचायतों को भी कर लगाने का अधिकार होगा और उससे प्राप्त आय ग्राम पंचायत का परफार्मेंस होगी,जो आनलाइन रहेगा। बगैर किसी भेदभाव के आय के सापेक्ष भ्रष्टचार मुक्त परफार्मेंस ग्रांट उपलब्ध कराई जाएगी।जिलाध्यक्ष विवेकानंद यादव ने बताया कि वार्ता के बाद अब भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है और उन्होंने जिले के ग्राम प्रधानों का आह्वान किया कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और भ्रष्टाचार मुक्त जनपद के निर्माण में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन करने में योगदान दें।
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