मऊ। लॉकडाउन के तीसरे चरण में केंद्र सरकार द्वारा गैर प्रांतों से श्रमिकों को भेजने के निर्णय के बाद श्रमिकों का अपने गृह जिले में लौटने का दौर शुरू हो चुका है। शनिवार को 52 बसों से अलग अलग प्रांत से जिले के 654 श्रमिकों की घर वापसी हुई, वहीं बीते बृहस्पतिवार को 294 श्रमिकों की वापसी हुई थी। थर्मल स्क्रीनिंग में सामान्य मिलने पर इन सभी श्रमिकों को होम क्वारंटीन कर इनकी नियमित मानीटरिंग करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कवायद शुरू कर दिया है।
शुक्रवार की देर शाम श्रमिकों को लेकर विशेष श्रमिक एक्सप्रेस आजमगढ़ पहुंची। यहां से श्रमिकों को रोडवेज बसों से उनके गृह जनपद भेजा गया। मऊ के श्रमिक भी रोडवेज बस से सोनीधापा मैदान पहुंचे। यहां सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खड़ाकर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। गैर प्रांतों से आने वाले श्रमिकों की आवाजाही शनिवार की शाम तक जारी रही। इस दौरान 654 श्रमिक 52 बसों से जिले में आए। जिन्हें सामान्य मिलने पर उन्हें रोडवेज बसों से उनके गंतव्य को रवाना कर दिया गया। उधर बीते तीन दिनों में जिले के 948 श्रमिकों को होम क्वारंटीन करने के बाद उनकी नियमित रूप से स्वास्थ्य की जानकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही है। टीम में तीन शिफ्टों में 10 कर्मचारी है, जो कि दर्ज श्रमिकों के नंबर पर फोन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं, साथ ही बुखार या अन्य किसी समस्या की जानकारी पर वो रैपिड रिस्पांस टीम को सूचना देंगे। इसके अलावा जिले के सभी ब्लाक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को उनके ब्लाक में लौटे श्रमिकों की सूची देने की कवायद की जा रही है, जिससे वो भी श्रमिकों के स्वास्थ्य पर निगरानी रख सके। इस बाबत सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि श्रमिकों की वापसी के बाद उनके स्वास्थ्य की नियमित मानीटरिंग के लिए टीम गठित की गई है। साथ ही संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों की इसकी सूचना दी गई है।