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जिला अस्पताल में खुलेगी डायलिसिस यूनिट
Updated Fri, 09 Nov 2018 11:28 PM IST
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मऊ। जिले में किडनी वाले मरीजों के लिए खुशखबरी है। नियमित डायलिसिस कराने वाले मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग जिला अस्पताल में तीन हजार स्वायर फीट जगह में अत्यआधुनिक डायलिसिस यूनिट खोलने जा रहा है। इसमें जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा इलाज करने के साथ 2437 पैथोलॉजी की व्यवस्था करने जा रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा सदर अस्पताल में जमीन चिहिन्त करने का कार्य किया जा चुका है। साथ ही शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है, स्वीकृति मिलने के बाद जनवरी 2019 में इसका निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
जिले में किडनी रोगियों की संख्या में लगातार हो रहे इजाफे और नेफ्रोलॉजिस्ट की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट खोलने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग को डायलिसिस यूनिट बनाए जाने में खर्च आने वाली राशि 15 लाख रुपये के सापेक्ष साढ़े सात लाख रुपये अवमुक्त भी किया जा चुका है। उधर विभाग द्वारा डायलिसिस यूनिट के लिए सदर अस्पताल में तीन हजार स्वायर फीट जगह को चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा चुका है। सूत्र बताते हैं कि बनने वाली यूनिट में डायलिसिस के लिए दस बेड होंगे। यहां प्रतिदिन 35 से 40 रोगियों की डायलिसिस की जा सकेगी। यह सुविधा मरीजों को विभाग की तरफ से न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस बारे में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक जिला अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा नहीं होने से गुर्दे के मरीजों को अक्सर बड़े शहरों के अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए शासन के निर्देशानुसार प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताते चले कि एक बार डायलिसिस कराने में तीन से छह हजार रुपए का खर्च आता है। वाराणसी, लखनऊ में डायलिसिस की सुविधा पीजीआई, केजीएमयू, बलरामपुर व लोहिया अस्पताल में है।
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जिले में किडनी रोगियों की संख्या में लगातार हो रहे इजाफे और नेफ्रोलॉजिस्ट की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट खोलने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग को डायलिसिस यूनिट बनाए जाने में खर्च आने वाली राशि 15 लाख रुपये के सापेक्ष साढ़े सात लाख रुपये अवमुक्त भी किया जा चुका है। उधर विभाग द्वारा डायलिसिस यूनिट के लिए सदर अस्पताल में तीन हजार स्वायर फीट जगह को चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा चुका है। सूत्र बताते हैं कि बनने वाली यूनिट में डायलिसिस के लिए दस बेड होंगे। यहां प्रतिदिन 35 से 40 रोगियों की डायलिसिस की जा सकेगी। यह सुविधा मरीजों को विभाग की तरफ से न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस बारे में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक जिला अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा नहीं होने से गुर्दे के मरीजों को अक्सर बड़े शहरों के अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए शासन के निर्देशानुसार प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताते चले कि एक बार डायलिसिस कराने में तीन से छह हजार रुपए का खर्च आता है। वाराणसी, लखनऊ में डायलिसिस की सुविधा पीजीआई, केजीएमयू, बलरामपुर व लोहिया अस्पताल में है।
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