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जिले में बनाए गए छह अग्रसारण केंद्
Updated Thu, 09 Aug 2018 11:04 PM IST
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में फर्जी छात्र-छात्राओं को शामिल होने से रोकने के लिए व्यक्तिगत (प्राइवेट) परीक्षार्थियों के अग्रसारण केंद्र अब केवल राजकीय माध्यमिक विद्यालय ही बनेंगे। जिले के छह राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को अग्रसारण केंद्र बनाया गया है। व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन की तिथि 16 अगस्त तक निर्धारित की गई है। डीआईओएसने इस आशय का पत्र संबंधित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को जारी किया है।
गत वर्ष कई विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के प्राइवेट परीक्षार्थियों के अर्हता संबंधी मूल प्रमाणपत्रों की गहनता से जांच नहीं करने के कारण प्रदेश के हजारों परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र फर्जी मिले थे। बोर्ड ने मामले को गंभीरता से लिया और राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को अग्रसारण केंद्र बनाने का फरमान जारी किया है। नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज, बड़रांव स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज, घोसी ब्लाक स्थित राजकीय उमा विद्यालय नदवल, रतनपुरा ब्लाक स्थित राजकीय उमा विद्यालय जमदरा, मुहम्मदाबादगोहना ब्लाक स्थित राजकीय बालिका उमा विद्यालय भोपतपर सुतरही तथा रतनपुरा ब्लाक स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय माडल इंटर कालेज अइलख सहित छह राजकीय कालेजों अग्रसारण केंद्र बनाया गया है। अब तक व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र सहायता प्राप्त इंटर कालेजों के अग्रसारण केंद्र पर लिए जा रहे थे। अब नई व्यवस्था के तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों से लिए जाएंगे। व्यक्तिपरीक्षार्थियों के आवेदन की तिथि 16 अगस्त तक निर्धारित की गई है। नए आदेश में कहा गया है कि प्राइवेट परीक्षार्थियों के आवेदन पत्रों के साथ लगाए गए मूल अभिलेखों की भली-भांति जांच करने के बाद ही फार्म अग्रसारित किए जाए। दूसरे प्रदेशों या बोर्ड के जो छात्र-छात्रा आवेदन कर रहे हैं उनका कम से कम दो वर्ष का निवास होने संबंधी प्रमाणपत्र भी फार्म के साथ लगाया जाए। दूसरे प्रदेश के अभ्यर्थियों के अर्हता संबंधी प्रमाणपत्रों की विशेषरूप से जांच किया जाए।
कोट
नई व्यवस्था के तहत छह राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को अग्रसारण केंद्र बनाया गया है। अग्रिम कार्यवाही के लिए संबंधित प्रधानाचार्यो को पत्र जारी कर दिया गया है।
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केसी भारती, जिला विद्यालय निरीक्षक
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गत वर्ष कई विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के प्राइवेट परीक्षार्थियों के अर्हता संबंधी मूल प्रमाणपत्रों की गहनता से जांच नहीं करने के कारण प्रदेश के हजारों परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र फर्जी मिले थे। बोर्ड ने मामले को गंभीरता से लिया और राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को अग्रसारण केंद्र बनाने का फरमान जारी किया है। नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज, बड़रांव स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज, घोसी ब्लाक स्थित राजकीय उमा विद्यालय नदवल, रतनपुरा ब्लाक स्थित राजकीय उमा विद्यालय जमदरा, मुहम्मदाबादगोहना ब्लाक स्थित राजकीय बालिका उमा विद्यालय भोपतपर सुतरही तथा रतनपुरा ब्लाक स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय माडल इंटर कालेज अइलख सहित छह राजकीय कालेजों अग्रसारण केंद्र बनाया गया है। अब तक व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र सहायता प्राप्त इंटर कालेजों के अग्रसारण केंद्र पर लिए जा रहे थे। अब नई व्यवस्था के तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों से लिए जाएंगे। व्यक्तिपरीक्षार्थियों के आवेदन की तिथि 16 अगस्त तक निर्धारित की गई है। नए आदेश में कहा गया है कि प्राइवेट परीक्षार्थियों के आवेदन पत्रों के साथ लगाए गए मूल अभिलेखों की भली-भांति जांच करने के बाद ही फार्म अग्रसारित किए जाए। दूसरे प्रदेशों या बोर्ड के जो छात्र-छात्रा आवेदन कर रहे हैं उनका कम से कम दो वर्ष का निवास होने संबंधी प्रमाणपत्र भी फार्म के साथ लगाया जाए। दूसरे प्रदेश के अभ्यर्थियों के अर्हता संबंधी प्रमाणपत्रों की विशेषरूप से जांच किया जाए।
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नई व्यवस्था के तहत छह राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को अग्रसारण केंद्र बनाया गया है। अग्रिम कार्यवाही के लिए संबंधित प्रधानाचार्यो को पत्र जारी कर दिया गया है।
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केसी भारती, जिला विद्यालय निरीक्षक