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आजमगढ़-मऊ फोर लेन के निर्माण पर ग्रहण
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:19 PM IST
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मऊ। सपा शासनकाल में घोषणा के बाद आजमगढ़ से मऊ के बीच करीब 45 किमी बनने वाली फोरलेन मार्ग के कार्य पर शासन से जारी आदेश के बाद ग्रहण लग गया है। शासनादेश के अनुसार अब आजमगढ़ से बलिया तक की सड़क को एनएच घोषित किया जाएगा। ऐसे में सड़क पर हो रहे काम को सुरक्षात्मक मोड़ में कर बंद कर दिया जाए। जबकि सपा शासनकाल में घोषणा के बाद सड़क निर्माण का काम शुरू हो गया था। इस दौरान लगभग 60 प्रतिशत सड़क का निर्माण हो भी चुका है।
सूबे की पूर्व सपा सरकार ने आजमगढ़ मंडल की सड़कों को फोर लेन का बनाने की घोषणा की थी। इसमें मऊ-आजमगढ़ मार्ग भी शामिल था। 45 किमी लंबी इस सड़क को फोर लेन में बदलने के लिए 346 करोड़ का बजट पास हुआ था। इस दौरान काम शुरू होने पर करीब आठ हजार पेड़ काटे गए। साथ ही शासन से 100 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई थी। इस दौरान इस मार्ग पर करीब तीन दर्जन पुलिया और 40 प्रतिशत सड़क की पिंचिंग का कार्य पूरा कर लिया गया। इसके अलावा शेष पर गिट्टी डालने का काम किया जा चुका है। दुबारा धन न आवंटित होने के कारण पिंचिंग का काम अधर में पड़ गया था। जबकि वर्ष 2016 में घोषणा के बाद इस सड़क को वर्ष 2018 में पूरा होना था। इसी बीच शासन से पत्र जारी हुआ, इसके तहत अब आजमगढ़ से बलिया तक की सड़क को एनएच घोषित किया जाएगा। ऐसे में फोरलेन के काम को सुरक्षात्मक मोड़ में करके बंद कर दिया जाए। इस संबंध में ईएक्सईएन लोकनिर्माण विभाग आरके चौरसिया ने शासन से आए आदेश की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शासन ने सुरक्षा मोड़ में करने के बाद सड़क का निर्माण बंद करने को कहा है। हालांकि पूरी सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है, इसलिए शासन से पूरी धनराशि मांगी गई है।
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सूबे की पूर्व सपा सरकार ने आजमगढ़ मंडल की सड़कों को फोर लेन का बनाने की घोषणा की थी। इसमें मऊ-आजमगढ़ मार्ग भी शामिल था। 45 किमी लंबी इस सड़क को फोर लेन में बदलने के लिए 346 करोड़ का बजट पास हुआ था। इस दौरान काम शुरू होने पर करीब आठ हजार पेड़ काटे गए। साथ ही शासन से 100 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई थी। इस दौरान इस मार्ग पर करीब तीन दर्जन पुलिया और 40 प्रतिशत सड़क की पिंचिंग का कार्य पूरा कर लिया गया। इसके अलावा शेष पर गिट्टी डालने का काम किया जा चुका है। दुबारा धन न आवंटित होने के कारण पिंचिंग का काम अधर में पड़ गया था। जबकि वर्ष 2016 में घोषणा के बाद इस सड़क को वर्ष 2018 में पूरा होना था। इसी बीच शासन से पत्र जारी हुआ, इसके तहत अब आजमगढ़ से बलिया तक की सड़क को एनएच घोषित किया जाएगा। ऐसे में फोरलेन के काम को सुरक्षात्मक मोड़ में करके बंद कर दिया जाए। इस संबंध में ईएक्सईएन लोकनिर्माण विभाग आरके चौरसिया ने शासन से आए आदेश की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शासन ने सुरक्षा मोड़ में करने के बाद सड़क का निर्माण बंद करने को कहा है। हालांकि पूरी सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है, इसलिए शासन से पूरी धनराशि मांगी गई है।
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