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जिले में 600 लोगों ने राशन कार्ड किए जमा

Tue, 24 May 2022 10:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2022 10:48 PM IST
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600 people submitted ration cards in the district
मऊ। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अपात्रों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इनको योजना से वंचित करने के लिए राशन कार्डों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले में अब तक 600 लोगों ने खुद ही अपना राशनकार्ड जमा करा दिया है। जिले में 56594 अंत्योदय तथा 322859 पात्र गृहस्थी कार्डधारक हैं। सरकार की तरफ से अंत्योदय कार्ड धारकों को 35 किलो चावल, गेहूं के साथ-साथ तेल, चना नि:शुल्क मिलता है। जबकि पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किलो राशन (तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल) के साथ तेल, नमक, रिफाइंड नि:शुल्क मिलता है। अपात्रों ने तथ्यों को छिपाकर पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय राशनकार्ड बनवा लिया है। इसके कारण पात्र व्यक्तियों को मुफ्त में राशन, तेल व नमक नहीं मिल पा रहा है। अपात्रों को योजना के लाभ से वंचित करने के लिए शासन के निर्देश पर कार्डों के सत्यापन के लिए टीम गठित की गई है। ब्लाक स्तर पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत, नगरपालिका तथा नगर पंचायत स्तर पर अधिशासी अधिकारी द्वारा नामित अधिकारी सत्यापन करने में जुट गए हैं। विभागीय अधिकारियों की मानें तो राशन कार्डधारक अपात्रता की श्रेणी में आता है तो ऐसे लोगों को चाहिए कि वह पात्र गृहस्थी कार्ड, अंत्योदय राशन कार्ड संबंधित तहसील या जिला पूर्ति कार्यालय में स्वयं जमा करा कर उसे निरस्त करा लें। जांच प्रक्रिया के तहत अब तक 600 लोगों ने खुद ही अपने राशनकार्ड कार्यालय में जमा करा दिए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी विकास गौतम ने बताया कि राशनकार्ड धारकों की पात्रता के संबंध में वर्तमान में भी सात अक्तूबर 2014 का आदेश ही लागू है, इसमें किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया गया है। इसी प्रकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 तथा वर्तमान में प्रचलित शासनादेशों में भी अपात्र कार्ड धारकों से वसूली जैसी कोई व्यवस्था निर्धारित नहीं की गई है। बताया कि पिछले लगभग दो सालों में प्रदेश में 23784 नवीन राशन कार्ड विभाग पात्र लाभार्थियों को जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जो आयकर दाता हैं, जिनके परिवार में किसी भी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो, ऐसे परिवार जिनमें एक से ज्यादा के पास शस्त्र का लाइसेंस/शस्त्र हो, शहरीय क्षेत्र में 3 लाख एवं ग्रामीण क्षेत्र में 2 लाख प्रति वर्ष से अधिक आमदनी हो। ऐसे सभी लोग अपात्र माने जाएंगे। रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के सरवांडीह निवासी जितेंद्र ने पूर्ति कार्यालय जाकर अपना राशन कार्ड सरेंडर किया। बताया कि माताजी पेंशनर हैं। गरीबों को हक मिलना चाहिए। इसी गांव के सुरेश कुमार ने भी यह कहते हुए राशन कार्ड जमा कराया कि उनके पिता जी सीआरपीएफ से रिटायर्ड हैं। ऐसे मेें गरीबों हक पर डाका नहीं डाला जा सकता। नगर क्षेत्र के इसहाकपुरा निवासी रामदुलारे ने स्वयं जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय जाकर अपना राशन कार्ड सरेंडर किया। बताया कि वह रिटायर्ड स्वास्थ्यकर्मी हैं। योजना गरीबों के लिए है इसलिए गरीबों को उनका हक मिलना चाहिए।
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