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Mau News: नीलाम हो गईं 12 साल पुरानी 6 रोडवेज बसें, 2 नई मिली
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मऊ। मऊ डिपो की 12 साल पुरानी 6 बसों को नीलाम कर दिया गया है। इसके साथ ही रोडवेज की बस से सफर करने वाले यात्रियों को अब पुरानी बसों से यात्रा करने से छुटकारा मिल गया है।
12 वर्ष कि निर्धारित आयु और 11 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी निगम की बसों को बेड़े से हटा दिया गया है। इनमें 5 बसें जनवरी 2014 और एक बस अप्रैल 2013 में मिली थी। ये सभी बसें यूरो तीन सिरीज की थीं जो अपने सारे मानक पूरी कर चुकी थीं। वहीं नीलामी के बाद डिपो को 2 नई बस मिली हैं। इसके साथ ही मऊ डिपो में बसों की संख्या घटकर 74 से 70 पहुंच गई है। इनमें 11 अनुबंधित बसें हैं। डिपो को और नई बसें मिलने की उम्मीद है।
बसों को नीलाम करने के लिए दिसंबर 2024 में ही प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन महाकुंभ में बसों की संख्या कम न हो इसके लिए इन्हें नीलाम नहीं किया गया था। नई बसों को महाकुंभ में भेजने के बाद बसें कम पड़ जाती थीं, जिसके चलते इन बसों को लोकल रूटों पर भेजा जाता था, जिससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित न हो। महाकुंभ के बाद नीलामी की स्वीकृति मिल गई और बीते 28 अप्रैल को ही सभी बसों की चेचिस सरेंडर कर दी गई थी। मऊ डिपो के एआरएम हरिशंकर पांडेय ने बताया कि बसें अपनी मियाद पूरी कर चुकी थीं। जिसके चलते नीलाम कर दिया गया है। इनके बदले में नई बसें मिलेंगी।
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12 वर्ष कि निर्धारित आयु और 11 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी निगम की बसों को बेड़े से हटा दिया गया है। इनमें 5 बसें जनवरी 2014 और एक बस अप्रैल 2013 में मिली थी। ये सभी बसें यूरो तीन सिरीज की थीं जो अपने सारे मानक पूरी कर चुकी थीं। वहीं नीलामी के बाद डिपो को 2 नई बस मिली हैं। इसके साथ ही मऊ डिपो में बसों की संख्या घटकर 74 से 70 पहुंच गई है। इनमें 11 अनुबंधित बसें हैं। डिपो को और नई बसें मिलने की उम्मीद है।
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बसों को नीलाम करने के लिए दिसंबर 2024 में ही प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन महाकुंभ में बसों की संख्या कम न हो इसके लिए इन्हें नीलाम नहीं किया गया था। नई बसों को महाकुंभ में भेजने के बाद बसें कम पड़ जाती थीं, जिसके चलते इन बसों को लोकल रूटों पर भेजा जाता था, जिससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित न हो। महाकुंभ के बाद नीलामी की स्वीकृति मिल गई और बीते 28 अप्रैल को ही सभी बसों की चेचिस सरेंडर कर दी गई थी। मऊ डिपो के एआरएम हरिशंकर पांडेय ने बताया कि बसें अपनी मियाद पूरी कर चुकी थीं। जिसके चलते नीलाम कर दिया गया है। इनके बदले में नई बसें मिलेंगी।
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