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Mau News: 50 करोड़ खर्च, दो साल बाद भी अधूरे हैं अमृत सरोवर
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संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। कम होते जलस्तर को दूर करने और गांवों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई अमृत सरोवर योजना कागजों पर ही आकार ले रहे हैं। सरकारी दावों के उलट जमीनी सच्चाई है। 50 करोड़ रुपये खर्च करके दो साल के बाद भी 274 में से अधिकांश अमृत सरोवर अधूरे पड़े हैं। सरकारी दावा है कि नौ ब्लॉकों के 274 तालाबों का कायाकल्प हो चुका है। लेकिन कई ब्लॉकों में सरोवर अधूरे हैं। जो बारिश के बाद भी सूखे की स्थिति में है, वह अमृत सरोवर योजना के तहत किए गए सरकारी कायाकल्पों की हकीकत बयां कर रहे हैं। वहीं नगर में स्थित नौ तालाब अधूरा हैं।
वर्ष 2022 में सरकार ने अमृत सरोवर योजना की शुरुआत की थी, जिसके तहत चिह्नित तालाबों के कायाकल्प मनरेगा से होना था। वहीं इस कार्य के पूरा होने के बाद इसकी देखरेख भी ग्राम पंचायतों को करनी थी। नौ ब्लॉकों के हर गांव में 1 सरोवर का चयन करना था, लेकिन लापरवाही कहेंगे गांवों में जो पुराने पोखरे, तालाब मिले, उन्हें अमृत सरोवर का रूप दे दिया गया। जबकि जनपद में एक भी नया अमृत सरोवर नहीं बनाया गया। विभाग का दावा है कि जिले में प्रथम चरण में 75 अमृत सरोवरों का कायाकल्प कर स्वरूप बदल दिया गया। अब तक 50 करोड़ रुपये से 274 अमृत सरोवरों का जीर्णोद्धार किया गया है। दावे के उलट परदहां ब्लॉक के सरवां, रकौली तो वहीं फतेहपुर मंडाव ब्लॉक के फूलपुर, सुग्गीचौरी, ठमठा, मूराड़ाड मनियार, नेमडाड सहित कई गांवों में सरोवर का निर्माण अधूरा है। वहीं चौकाने वाली बात यह है कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए जहां वर्तमान में पौधरोपण किया जा रहा हैं, वहीं इन सरोवरों पर पौधारोपण तो किया गया था, लेकिन देखरेख के अभाव में पौधे सूख चुके हैं। स्थिति यह है कि अमृत सरोवर में पानी को व्यवस्था नहीं की गई, इससे करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सरोवर बिना पानी के बस नाम के रह गए हैं।
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किस ब्लॉक में कितने अमृत सरोवर
ब्लॉक अमृत सरोवर
घोसी 28
बड़राव 28
दोहरीघाट 17
फतेहपुर मंडाव 26
रतनपुरा 26
कोपागंज 26
रानीपुर 57
मुहम्मदाबाद गोहना 36
परदहां 25
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जिले की सभी ग्रामसभाओं से अमृत सरोवर का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। कुछ ही ग्राम पंचायतों में कार्य पूरा नहीं हो सका है। ब्लॉकवार रिपोर्ट मांगी गई है।
उपेंद्र पाठक, डीसी मनरेगा
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मऊ। कम होते जलस्तर को दूर करने और गांवों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई अमृत सरोवर योजना कागजों पर ही आकार ले रहे हैं। सरकारी दावों के उलट जमीनी सच्चाई है। 50 करोड़ रुपये खर्च करके दो साल के बाद भी 274 में से अधिकांश अमृत सरोवर अधूरे पड़े हैं। सरकारी दावा है कि नौ ब्लॉकों के 274 तालाबों का कायाकल्प हो चुका है। लेकिन कई ब्लॉकों में सरोवर अधूरे हैं। जो बारिश के बाद भी सूखे की स्थिति में है, वह अमृत सरोवर योजना के तहत किए गए सरकारी कायाकल्पों की हकीकत बयां कर रहे हैं। वहीं नगर में स्थित नौ तालाब अधूरा हैं।
वर्ष 2022 में सरकार ने अमृत सरोवर योजना की शुरुआत की थी, जिसके तहत चिह्नित तालाबों के कायाकल्प मनरेगा से होना था। वहीं इस कार्य के पूरा होने के बाद इसकी देखरेख भी ग्राम पंचायतों को करनी थी। नौ ब्लॉकों के हर गांव में 1 सरोवर का चयन करना था, लेकिन लापरवाही कहेंगे गांवों में जो पुराने पोखरे, तालाब मिले, उन्हें अमृत सरोवर का रूप दे दिया गया। जबकि जनपद में एक भी नया अमृत सरोवर नहीं बनाया गया। विभाग का दावा है कि जिले में प्रथम चरण में 75 अमृत सरोवरों का कायाकल्प कर स्वरूप बदल दिया गया। अब तक 50 करोड़ रुपये से 274 अमृत सरोवरों का जीर्णोद्धार किया गया है। दावे के उलट परदहां ब्लॉक के सरवां, रकौली तो वहीं फतेहपुर मंडाव ब्लॉक के फूलपुर, सुग्गीचौरी, ठमठा, मूराड़ाड मनियार, नेमडाड सहित कई गांवों में सरोवर का निर्माण अधूरा है। वहीं चौकाने वाली बात यह है कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए जहां वर्तमान में पौधरोपण किया जा रहा हैं, वहीं इन सरोवरों पर पौधारोपण तो किया गया था, लेकिन देखरेख के अभाव में पौधे सूख चुके हैं। स्थिति यह है कि अमृत सरोवर में पानी को व्यवस्था नहीं की गई, इससे करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सरोवर बिना पानी के बस नाम के रह गए हैं।
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किस ब्लॉक में कितने अमृत सरोवर
ब्लॉक अमृत सरोवर
घोसी 28
बड़राव 28
दोहरीघाट 17
फतेहपुर मंडाव 26
रतनपुरा 26
कोपागंज 26
रानीपुर 57
मुहम्मदाबाद गोहना 36
परदहां 25
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जिले की सभी ग्रामसभाओं से अमृत सरोवर का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। कुछ ही ग्राम पंचायतों में कार्य पूरा नहीं हो सका है। ब्लॉकवार रिपोर्ट मांगी गई है।
उपेंद्र पाठक, डीसी मनरेगा