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कृषि विभाग ने फरसरा गांव में पाठशाला लगाकर किसानों को किया जागरुक
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:27 AM IST
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कुसम्हा। दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के फरसरा खुर्द में बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से किसानों की आय दोगुना करने के लिए चलाए गए कार्यक्रम किसान पाठशाला के आयोजन की शुरुआत हुई। पाठशाला में धनौली न्याय पंचायत के सभी ग्राम सभाओं के किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षक ने किसानों को खेती के साथ अन्य व्यवसाय के बारे में विस्तार से बताया।
प्रशिक्षक हरिनाथ त्रिपाठी ने बताया कि किसान पाठशाला का उद्देश्य किसानों को खेत, बीज, बुआई, सिंचाई से लेकर हर तरह की जानकारी देना ताकि उनकी उपज बढ़ें। इस अभियान के जरिए किसानों को वर्ष 2022 तक जागरुक करना है। ताकि किसानों की आय दोगुनी हो सकें। क्षेत्र में ग्राम सभाओं में स्थित प्राथमिक विद्यालयो की छुट्टी होने के बाद किसान पाठशाला का आयोजन किया जाना है। प्रशिक्षक हरिनाथ त्रिपाठी ने आयोजित पाठशाला में शामिल हुए किसानों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान किसानों को फसल चक्र के लाभ, फसल के सिद्धांत, गेहूं की उन्नतशील प्रजाति और उन पर दिया जाने वाला अनुदान के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। मृदा परीक्षण पर जोर देते हुए किसानों को मृदा कार्ड के द्वारा भूमि पोषक तत्वों के ज्ञान के बारे में बताते हुए पोषक तत्वों की पूर्ति के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा किसानों को खेती किसानी के साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन आदि के बारे में भी बताया गया। मृदा उर्वरकता बढ़ाने के लिए जैविक खेती में हरी खाद, गोबर की खाद, कंपोस्ट, वर्मी कंपोस्ट और जैविक उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में परमहंस राय, बाबूराम यादव, सुभाष प्रजापति, सुरेश यादव, शिवमूरत यादव, संतोष चौहान, अंगद,शंभू, अवधेश सहित अन्य किसान किसान मौजूद रहे।
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प्रशिक्षक हरिनाथ त्रिपाठी ने बताया कि किसान पाठशाला का उद्देश्य किसानों को खेत, बीज, बुआई, सिंचाई से लेकर हर तरह की जानकारी देना ताकि उनकी उपज बढ़ें। इस अभियान के जरिए किसानों को वर्ष 2022 तक जागरुक करना है। ताकि किसानों की आय दोगुनी हो सकें। क्षेत्र में ग्राम सभाओं में स्थित प्राथमिक विद्यालयो की छुट्टी होने के बाद किसान पाठशाला का आयोजन किया जाना है। प्रशिक्षक हरिनाथ त्रिपाठी ने आयोजित पाठशाला में शामिल हुए किसानों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान किसानों को फसल चक्र के लाभ, फसल के सिद्धांत, गेहूं की उन्नतशील प्रजाति और उन पर दिया जाने वाला अनुदान के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। मृदा परीक्षण पर जोर देते हुए किसानों को मृदा कार्ड के द्वारा भूमि पोषक तत्वों के ज्ञान के बारे में बताते हुए पोषक तत्वों की पूर्ति के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा किसानों को खेती किसानी के साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन आदि के बारे में भी बताया गया। मृदा उर्वरकता बढ़ाने के लिए जैविक खेती में हरी खाद, गोबर की खाद, कंपोस्ट, वर्मी कंपोस्ट और जैविक उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में परमहंस राय, बाबूराम यादव, सुभाष प्रजापति, सुरेश यादव, शिवमूरत यादव, संतोष चौहान, अंगद,शंभू, अवधेश सहित अन्य किसान किसान मौजूद रहे।
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