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पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते दाम लगाएंगे रसोई में आग
Updated Sun, 16 Sep 2018 10:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। पेट्रोल-डीजल के मूल्यों में लगातार बढ़ोत्तरी आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ने लगी है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। पेट्रोल डीजल के मूल्यों में वृद्धि से यात्रा व्यय के साथ अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों का बढ़ना भी तय है। क्योंकि विकास की संपूर्ण प्रक्रिया परिवहन पर टिकी है। माल भाड़ा बढ़ने से विभिन्न वस्तुओं की उत्पादन लागत और परिवहन लागत बढ़ जाएगी। इससे महंगाई बढ़ेगी और इसका खमियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। लोगों का कहना है कि जिस रफ्तार से पिछले कुछ दिनों में पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य बढ़े हैं वह आम लोगों की कमर तोड़ देंगे।
पेट्रोलियम पदार्थों में बढ़ोत्तरी से देश की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर नगर की अलग-अलग क्षेत्रों की गृहणियों बात की गई तो उनका मानना था कि सरकार अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोत्तरी पर अंकुश लगा सकती है। महिलाओं ने पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने की भी वकालत की। जिससे पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य पर लगाम लगाया जा सकें।
पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में जिस तरह बढ़ोतरी हो रही है उससे मालभाड़ा बढ़ेगा इससे महंगाई बढ़ना तय है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ने वाला है। सरकार उत्पाद शुल्क में कमी करके और राज्य सरकार वैट की दरों में कमी कर कीमतों पर अंकुश लगा सकती है। पेट्रोलियम पदार्थों को भी जीएसटी के दायरे में लाने से ही समस्या का समाधान होगा। -हुमा परेवज, प्राचार्या, राजीव गांधी कॉलेज
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कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय बाजार के अनुसार पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोतरी हो रही है। इससे परिवहन और माल भाड़े में बढ़ोतरी होगी। परिवहन विकास की धुरी है। परिवहन महंगा होने से विकास तो प्रभावित होगा ही साथ ही महंगाई बढ़ने से व्यापार पर भी असर पड़ेगा। इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ेगा। -मधुलिका, निवासिनी सहादतपुरा
सरकार ने चालाकी दिखाते हुए पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी में शामिल नहीं किया है। पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने से कीमतों पर स्वत: अंकुश लग सकता है। -कविता पाठक, गृहणी निजामुद्दीनपुरा
पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोत्तरी से महंगाई बढ़ना निश्चित है। माल भाड़ा और परिवहन व्यय बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी। लोगों की क्रय शक्ति घटेगी और इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ेगा। पिछले कुछ दिनों में पेट्रोलियम पदार्थों में रिकार्ड बढ़ोतरी हुई है। यह आम जनता के हित में नहीं है। कीमतों पर अंकुश लगाना जरूरी है। -पूनम, निवासिनी मठिया टोला
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मऊ। पेट्रोल-डीजल के मूल्यों में लगातार बढ़ोत्तरी आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ने लगी है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। पेट्रोल डीजल के मूल्यों में वृद्धि से यात्रा व्यय के साथ अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों का बढ़ना भी तय है। क्योंकि विकास की संपूर्ण प्रक्रिया परिवहन पर टिकी है। माल भाड़ा बढ़ने से विभिन्न वस्तुओं की उत्पादन लागत और परिवहन लागत बढ़ जाएगी। इससे महंगाई बढ़ेगी और इसका खमियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। लोगों का कहना है कि जिस रफ्तार से पिछले कुछ दिनों में पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य बढ़े हैं वह आम लोगों की कमर तोड़ देंगे।
पेट्रोलियम पदार्थों में बढ़ोत्तरी से देश की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर नगर की अलग-अलग क्षेत्रों की गृहणियों बात की गई तो उनका मानना था कि सरकार अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोत्तरी पर अंकुश लगा सकती है। महिलाओं ने पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने की भी वकालत की। जिससे पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य पर लगाम लगाया जा सकें।
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पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में जिस तरह बढ़ोतरी हो रही है उससे मालभाड़ा बढ़ेगा इससे महंगाई बढ़ना तय है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ने वाला है। सरकार उत्पाद शुल्क में कमी करके और राज्य सरकार वैट की दरों में कमी कर कीमतों पर अंकुश लगा सकती है। पेट्रोलियम पदार्थों को भी जीएसटी के दायरे में लाने से ही समस्या का समाधान होगा। -हुमा परेवज, प्राचार्या, राजीव गांधी कॉलेज
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कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय बाजार के अनुसार पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोतरी हो रही है। इससे परिवहन और माल भाड़े में बढ़ोतरी होगी। परिवहन विकास की धुरी है। परिवहन महंगा होने से विकास तो प्रभावित होगा ही साथ ही महंगाई बढ़ने से व्यापार पर भी असर पड़ेगा। इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ेगा। -मधुलिका, निवासिनी सहादतपुरा
सरकार ने चालाकी दिखाते हुए पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी में शामिल नहीं किया है। पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने से कीमतों पर स्वत: अंकुश लग सकता है। -कविता पाठक, गृहणी निजामुद्दीनपुरा
पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोत्तरी से महंगाई बढ़ना निश्चित है। माल भाड़ा और परिवहन व्यय बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी। लोगों की क्रय शक्ति घटेगी और इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ेगा। पिछले कुछ दिनों में पेट्रोलियम पदार्थों में रिकार्ड बढ़ोतरी हुई है। यह आम जनता के हित में नहीं है। कीमतों पर अंकुश लगाना जरूरी है। -पूनम, निवासिनी मठिया टोला