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पुरूष वर्ग में सुनील राजभर,महिला वर्ग में पप्पी कुमारी बनी चैंपियन
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मुहम्मदाबाद गोहना। कस्बा के संत गणिनाथ राजकीय पीजी कॉलेज का दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा समारोह का समापन शुक्रवार को हुआ। प्रतियोगिता में ओवर आल प्रदर्शन के आधार पर पुरुष वर्ग में सुनील राजभर तथा महिला वर्ग में पप्पी चैंपियन बनी। समारोह के मुख्य अतिथि उपस्थित डॉ. प्रवीण मद्धेशिया ने विजेता खिलाड़ियों को मैडल तथा प्रशस्ति पत्र देकर उत्साहवर्धन किया।
संत गणिनाथ पीजी कॉलेज में आयोजित क्रीड़ा समारोह में छात्र-छात्राओं की विभिन्न खेल प्रतियोगिता कराई गई। छात्रा वर्ग में कुमारी पप्पी ने 100 मीटर दौड़ जीतकर कालेज में सबसे तेज धाविका बनने का गौरव प्राप्त किया। बालक वर्ग में सुनील राजभर ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावा जेबलिंग, हैमर, डिस्कस, आदि में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस दौरान अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा की भारत मे खेल प्रतिभाओ की कमी नही है। उचित मार्गदर्शन और संसाधन के अभाव में देश की खेल प्रतिभाओं का विकास नही हो पाता है। वहीं प्राचार्या डॉ. सतीश कुमार चंद्र ने कहा कि कॉलेज की खेल प्रतिभाओं को उचित मार्गदर्शन और सही दिशा देने का प्रयास किया जाता है। कहा कि खेल में हार जीत का महत्व उतना नही है जितना ईमानदारी और सच्चाई के साथ प्रतिभाग करते रहने का है। इस मौके पर डॉ. राकेश कुमार, डॉ. जगदेव, डॉ. मीता सरल, प्रोफेसर हूर तलत, डॉ. अवधेश सिंह, डॉ. रामनाथ यादव, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ.कमलेश आदि ने योगदान किया।
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संत गणिनाथ पीजी कॉलेज में आयोजित क्रीड़ा समारोह में छात्र-छात्राओं की विभिन्न खेल प्रतियोगिता कराई गई। छात्रा वर्ग में कुमारी पप्पी ने 100 मीटर दौड़ जीतकर कालेज में सबसे तेज धाविका बनने का गौरव प्राप्त किया। बालक वर्ग में सुनील राजभर ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावा जेबलिंग, हैमर, डिस्कस, आदि में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस दौरान अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा की भारत मे खेल प्रतिभाओ की कमी नही है। उचित मार्गदर्शन और संसाधन के अभाव में देश की खेल प्रतिभाओं का विकास नही हो पाता है। वहीं प्राचार्या डॉ. सतीश कुमार चंद्र ने कहा कि कॉलेज की खेल प्रतिभाओं को उचित मार्गदर्शन और सही दिशा देने का प्रयास किया जाता है। कहा कि खेल में हार जीत का महत्व उतना नही है जितना ईमानदारी और सच्चाई के साथ प्रतिभाग करते रहने का है। इस मौके पर डॉ. राकेश कुमार, डॉ. जगदेव, डॉ. मीता सरल, प्रोफेसर हूर तलत, डॉ. अवधेश सिंह, डॉ. रामनाथ यादव, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ.कमलेश आदि ने योगदान किया।
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