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57 केंद्रों पर महज 416.78 एमटी धान खरीद
Updated Fri, 23 Nov 2018 12:25 AM IST
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मऊ। जिले के धान क्रय केंद्रों पर धान खरीद धीमी होने से किसान परेशान हैं। अधिकारियों की लापरवाही के चलते 71 हजार एमटी के सापेक्ष महज 416.78 एमटी धान की खरीद की जा सकी है। ऐसे में क्रय केंद्र पर हो रही अनियमितता का लाभ आढ़तिए उठा रहें है। जो किसानों की फसल को औने पौने दाम में खरीद रहे हैं। हालत यह है कि शासन से नामित एजेंसी यूपी एग्रो की बोहनी तक नहीं हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण में धान क्रय केंद्र बंद मिल रहे हैं। इसके बावजूद लापरवाह क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है। उधर, अधिकारी सचिवों की हड़ताल तथा धान की कम आवक बताकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में 57 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद का लक्ष्य 71 हजार एमटी रखा गया है। जबकि गत वर्ष 86600 एमटी लक्ष्य रखा गया था। धान खरीद की समय सीमा एक नवंबर से 28 फरवरी तक निर्धारित की गई है। नवंबर माह बीतने को है, लेकिन अभी तक 106 किसानों से 416.78 एमटी ही खरीद हो सकी है। हफ्तों तक साधन सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल के चलते धान क्रय केंद्रों पर ताले लटक रहे थे। सचिव तो हड़ताल से वापस आ गए, लेकिन क्रय केंद्र प्रभारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए से किसानों को चक्कर लगाना पड़ रहा है। विभागीय उदासीनता के चलते आढ़तियों की खूब चांदी कट रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण में धान क्रय केंद्र मिल रहे हैं। लेकिन फटकार लगाकर अधिकारी चलते बन रहे हैं।
किसान नेता देवप्रकाश राय, राकेश सिंह, हरिहर सिंह, दयानाथ पांडेय, पारसनाथ यादव, संजय सिंह, संतोष सिंह का कहना था कि नवंबर माह बीतने को है, लेकिन क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी के चलते किसानों को अपनी फसल औने पौने दाम में बेचनी पड़ रही है। धान खरीद न होने से रबी की बोआई पर भी असर पड़ रहा है।
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इस बाबत अपर जिलाधिकारी डीपी पाल का कहना है कि साधन सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल तथा धान की आवक कम होने के चलते धान खरीद कम हुई है। औचक निरीक्षण में क्रय केंद्रों पर गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एजेंसी धान खरीद
विपणन शाखा 329.24 एमटी
पीसीएफ 66.26 एमटी
कर्मचारी कल्याण निगम 15.48 एमटी
भारतीय खाद्य निगम 5.80 एमटी
यूपी एग्रो 00
औने पौने दाम में फसल बेचने की मजबूरी
मधुबन। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों के धान क्रय केंद्रों पर क्रय केंद्र प्रभारियों के मनमाने रवैए के चलते किसानों की परेशानी बढ़ती ही जारही है। फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र में सुल्तानपुर, बारहगांवा, प्यारेपुर मिश्र, मर्यादपुर, भैरोपुर, गजियापुर, परशुपुर क्रय केंद्र खोले गए हैं।गजियापुर में लक्ष्य 2850 कुंतल के सापेक्ष 10 कुंतल, दुवारी में 2850 कुंतल के सापेक्ष 25 कुंतल, सुल्तानपुर पर लक्ष्य 4420 एमटी के सापेक्ष 23 कुंतल ही खरीद हो पाई है। धान खरीद धीमी गति से चलने से आढ़तियों की चांदी कट रही है। किसान अखिलेश राठौर, हरिशंकर यादव, छोटकान अहमद, परशुराम राजभर, नुसरत अली का कहना है कि उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। किसानों को अपनी फसल कम दाम पर बेचनी पड़ रही है। इस बावत जिला खाद्य विपरण अधिकारी दिनेश कुमार तिवारी का कहना है कि धान खरीद की जा रही है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।
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किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में 57 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीद का लक्ष्य 71 हजार एमटी रखा गया है। जबकि गत वर्ष 86600 एमटी लक्ष्य रखा गया था। धान खरीद की समय सीमा एक नवंबर से 28 फरवरी तक निर्धारित की गई है। नवंबर माह बीतने को है, लेकिन अभी तक 106 किसानों से 416.78 एमटी ही खरीद हो सकी है। हफ्तों तक साधन सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल के चलते धान क्रय केंद्रों पर ताले लटक रहे थे। सचिव तो हड़ताल से वापस आ गए, लेकिन क्रय केंद्र प्रभारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए से किसानों को चक्कर लगाना पड़ रहा है। विभागीय उदासीनता के चलते आढ़तियों की खूब चांदी कट रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण में धान क्रय केंद्र मिल रहे हैं। लेकिन फटकार लगाकर अधिकारी चलते बन रहे हैं।
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किसान नेता देवप्रकाश राय, राकेश सिंह, हरिहर सिंह, दयानाथ पांडेय, पारसनाथ यादव, संजय सिंह, संतोष सिंह का कहना था कि नवंबर माह बीतने को है, लेकिन क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी के चलते किसानों को अपनी फसल औने पौने दाम में बेचनी पड़ रही है। धान खरीद न होने से रबी की बोआई पर भी असर पड़ रहा है।
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इस बाबत अपर जिलाधिकारी डीपी पाल का कहना है कि साधन सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल तथा धान की आवक कम होने के चलते धान खरीद कम हुई है। औचक निरीक्षण में क्रय केंद्रों पर गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एजेंसी धान खरीद
विपणन शाखा 329.24 एमटी
पीसीएफ 66.26 एमटी
कर्मचारी कल्याण निगम 15.48 एमटी
भारतीय खाद्य निगम 5.80 एमटी
यूपी एग्रो 00
औने पौने दाम में फसल बेचने की मजबूरी
मधुबन। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों के धान क्रय केंद्रों पर क्रय केंद्र प्रभारियों के मनमाने रवैए के चलते किसानों की परेशानी बढ़ती ही जारही है। फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र में सुल्तानपुर, बारहगांवा, प्यारेपुर मिश्र, मर्यादपुर, भैरोपुर, गजियापुर, परशुपुर क्रय केंद्र खोले गए हैं।गजियापुर में लक्ष्य 2850 कुंतल के सापेक्ष 10 कुंतल, दुवारी में 2850 कुंतल के सापेक्ष 25 कुंतल, सुल्तानपुर पर लक्ष्य 4420 एमटी के सापेक्ष 23 कुंतल ही खरीद हो पाई है। धान खरीद धीमी गति से चलने से आढ़तियों की चांदी कट रही है। किसान अखिलेश राठौर, हरिशंकर यादव, छोटकान अहमद, परशुराम राजभर, नुसरत अली का कहना है कि उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। किसानों को अपनी फसल कम दाम पर बेचनी पड़ रही है। इस बावत जिला खाद्य विपरण अधिकारी दिनेश कुमार तिवारी का कहना है कि धान खरीद की जा रही है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।