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बाढ़ प्रभावित गांवों में बढ़ी बीमारी
Updated Sun, 23 Sep 2018 10:28 PM IST
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मऊ। घाघरा नदी में आई बाढ़ के चलते तटवर्ती इलाकों में जलजमाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। विभिन्न गांवों के दो दर्जन से अधिक लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित चल रहे हैं। लेकिन संबंधित विभाग की तरफ से अभी तक बचाव के उपाय तक नहीं हो रहे हैं। जबकि अधिकारियों ने दवाओं के छिड़काव कराने का दावा किया है। बाढ़ का पानी कई स्थानों से हट गया है, जबकि कुछ स्थानों पर अब भी लगा हुआ है। घाघरा में आई बाढ़ से दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, चिऊंटीडांड़, लामी, तारनपुर, कादीपुर, हरधौली, बहादुरपुर, बुढ़ावर, पतनई, सरयां, ठिकरहिया, नगरीपार, रसूलपुर, सूरजपुर सहित विभिन्न इलाकों में काफी दिनों तक जलजमाव होने से लोग परेशान हो गए। विभाग की तरफ से बाढ़ के समय ही दवाओं का छिड़काव कराने का फरमान जारी किया गया था, लेकिन आदेश पर अमल नहीं किया जा सका है। जबकि प्रत्येक गांव में ग्राम प्रधान तथा एएनएम के संयुक्त खाते में 10 हजार रुपये का बजट भी जारी किया गया है। जलजमाव से नवली गांव के रामनारायन, बुझारथ, संगीता, रमावती, मंजू देवी आदि लोग बुखार, टायफायड सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हैं। लोग सरकारी तथा निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
दुबारी संवाददाता के अनुसार मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा क्षेत्र में जलजमाव से जहां लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। वहीं पशुओं में भी तमाम बीमारियां फैल रही हैं। धर्मपुर बिंटोलिया, नई बस्ती में बाढ़ का पानी घटते ही लोग वायरल बुखार, खांसी, जुकाम सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं। पशुुु भी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्र के सविता, सोनू गुड्डी, शिवा, धानमती, मुराती, बासमती, भगत, केसारी, प्रियंका, लौंगी, बीममती, बब्बन, ज्ञानी, अंजू का कहना है कि देवारा क्षेत्र में लगभग 20 दिन तक लगातार जलजमाव रहा। लेकिन संबंधित विभाग की तरफ से न तो रासायनिक दवा का छिड़काव कराया गया और न ही दवा ही वितरित की गई। पशुओं का टीकाकरण तक नहीं कराया गया। इस बाबत जिला मलेरिया अधिकारी जितेंद्र कुमार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित गांवों मेें रासायनिक दवाओं का छिड़काव कराने के लिए सामुुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। लापरवाही पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दुबारी संवाददाता के अनुसार मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा क्षेत्र में जलजमाव से जहां लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। वहीं पशुओं में भी तमाम बीमारियां फैल रही हैं। धर्मपुर बिंटोलिया, नई बस्ती में बाढ़ का पानी घटते ही लोग वायरल बुखार, खांसी, जुकाम सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं। पशुुु भी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्र के सविता, सोनू गुड्डी, शिवा, धानमती, मुराती, बासमती, भगत, केसारी, प्रियंका, लौंगी, बीममती, बब्बन, ज्ञानी, अंजू का कहना है कि देवारा क्षेत्र में लगभग 20 दिन तक लगातार जलजमाव रहा। लेकिन संबंधित विभाग की तरफ से न तो रासायनिक दवा का छिड़काव कराया गया और न ही दवा ही वितरित की गई। पशुओं का टीकाकरण तक नहीं कराया गया। इस बाबत जिला मलेरिया अधिकारी जितेंद्र कुमार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित गांवों मेें रासायनिक दवाओं का छिड़काव कराने के लिए सामुुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। लापरवाही पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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