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गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर चलेगा प्रशासन का डंडा
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:48 AM IST
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नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में संचालित हो रहे गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन की तरफ से अभियान चलाया जाएगा। निर्धारित तिथि तक गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय बंद न होने की स्थिति में एक लाख रुपया प्रतिदिन के हिसाब से अर्थदंड वसूलने के साथ ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जिले में बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग से 1187 मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। नियम कानून को ताक पर रखकर गैर मान्यता प्राप्त स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं। विद्यालय संचालक बेहतर शिक्षा के नाम पर भारी भरकम फीस वसूलते हैं। लेकिन बच्चों को मानक के अनुरुप सुविधा नहीं मिलती है। गत अप्रैल तथा मई माह में बेसिक शिक्षा विभाग से व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया गया था। कई स्कूलों में मान्यता पांचवीं तक थी तो आठवीं की कक्षाएं तथा जूनियर हाईस्कूलों में इंटर तक कक्षाएं संचालित पाई गई थी। अभियान के तहत 300 गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को बंद कराया गया था। कई गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालक विद्यालय का नाम बदलकर बच्चों का एडमिशन लेना शुरू कर कर दिया है। स्कूल संचालक बच्चों से भारी भरकम फीस वसूलना शुरू कर दिया है।
अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आरटीई के तहत गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को 30 जून तक बंद करने का फरमान जारी किया है। दो जुलाई से अभियान चलाया जाएगा। जांच में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय पाए जाने पर एक लाख रुपया प्रतिदिन के हिसाब से स्कूल संचालकों से अर्थदंड वसूला जाएगा। आरटीई के तहत सुसंगत धाराओं के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी। इसी के साथ ही विद्यालयों की दीवारों पर पेंट से लिखवाया जाएगा कि यह विद्यालय मान्यता विहीन है।जनमानस ऐसे विद्यालयों मेें अपने बच्चों को एडमिशन न कराएं। ऐसे विद्यालयों की सूची सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा की जाएगी।
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कोट
दो जुलाई से अभियान चलाया जाएगा। जांच में अमान्य कक्षाओं का संचालन पाए जाने की स्थिति में संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर विद्यालय भवन को सीज किया जाएगा। भू राजस्व की भांति आर्थिक दंड की वसूूली की जाएगी।
प्रकाश बिंदु, जिलाधिकारी
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जिले में बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग से 1187 मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। नियम कानून को ताक पर रखकर गैर मान्यता प्राप्त स्कूल धड़ल्ले से चल रहे हैं। विद्यालय संचालक बेहतर शिक्षा के नाम पर भारी भरकम फीस वसूलते हैं। लेकिन बच्चों को मानक के अनुरुप सुविधा नहीं मिलती है। गत अप्रैल तथा मई माह में बेसिक शिक्षा विभाग से व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया गया था। कई स्कूलों में मान्यता पांचवीं तक थी तो आठवीं की कक्षाएं तथा जूनियर हाईस्कूलों में इंटर तक कक्षाएं संचालित पाई गई थी। अभियान के तहत 300 गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को बंद कराया गया था। कई गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालक विद्यालय का नाम बदलकर बच्चों का एडमिशन लेना शुरू कर कर दिया है। स्कूल संचालक बच्चों से भारी भरकम फीस वसूलना शुरू कर दिया है।
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अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आरटीई के तहत गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को 30 जून तक बंद करने का फरमान जारी किया है। दो जुलाई से अभियान चलाया जाएगा। जांच में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय पाए जाने पर एक लाख रुपया प्रतिदिन के हिसाब से स्कूल संचालकों से अर्थदंड वसूला जाएगा। आरटीई के तहत सुसंगत धाराओं के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी। इसी के साथ ही विद्यालयों की दीवारों पर पेंट से लिखवाया जाएगा कि यह विद्यालय मान्यता विहीन है।जनमानस ऐसे विद्यालयों मेें अपने बच्चों को एडमिशन न कराएं। ऐसे विद्यालयों की सूची सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा की जाएगी।
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दो जुलाई से अभियान चलाया जाएगा। जांच में अमान्य कक्षाओं का संचालन पाए जाने की स्थिति में संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर विद्यालय भवन को सीज किया जाएगा। भू राजस्व की भांति आर्थिक दंड की वसूूली की जाएगी।
प्रकाश बिंदु, जिलाधिकारी