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लगन और पर्व में शासनादेश का पालन कराना प्रशासन के लिए चुनौती से कम नहीं
Updated Wed, 07 Feb 2018 11:32 PM IST
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मऊ। कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए योगी सरकार के द्वारा लाउडस्पीकर बजाने के बाबत जारी किए गए शासनदेश का शादी विवाह और पर्व पर पालन करनें में प्रशासन के जहां पसीने छुटने लगें है। वहीं अधिकांश लोग परमीशन की प्रक्रिया से बचने के लिए विलुप्त हो चुकी शहनाई और बैंड की बुकिंग कराकर बरात निकालने की तैयारी कर लिए। हालांकि शासन के इस फरमान का अधिकांश स्थानों पर धज्जियां उड़ाई जा रही। फिर भी प्रशासन ने दावा किया कि जहां कही डीजे बजते मिल रहा, रोका जा रहा है। साथ ही बजने वाले लाउडस्पीकर के अवाज का डेसीबल जांच किया जा रहा। एक फरवरी को रविदास जयंती के अवसर पर प्रतिबंध के बाद भी डीजे के साथ जुलूस निकाला गया।
कोर्ट के आदेश के बाद जारी शासनादेश के अनुसार डीजे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा किसी कार्यक्रम में यदि लाउडस्पीकर लगाना है तो नियम के तहत सिर्फ दो साउंड लगाने की अनुमति प्रदान की जा रही है। इसमें कई कटेगरी तय की गई है। मसलन परमीशन के बाद इंडस्ट्रीयल एरिया में लाउडस्पीकर अधिकतम 75 डेसीबल पर पर, कामर्शियल क्षेत्रों में 65 डेसीबल वायलुम पर, रेजिडेंशियल क्षेत्र में 55 डेसीबल तथा शांत क्षेत्रों में 50 डेसीबल वायलुम पर लाउडस्पीकर दिन के समय बजेगा। जबकि रात के समय यह वायलुम और कम होना है। इतना ही नहीं दस बजे के बाद कोई शोर शराबा लाउस्पीकर के जरिए नहीं होना है। शासनादेश के अनुसार शहनाई और ब्रांस बैंड के साथ निलकाले जाने वाली बारात में भी ध्वनि 70 डेसीबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसीक्रम में धार्मिक स्थलों पर भी यही नियम लागू है। धार्मिक स्थलों पर लाउस्पीकर बजाने के नाम पर पूरे जिले से 1733 लाउस्पीकर के लिए परमीशन दिया जा चुका है। जिसे हर माह रिनीवल कराना होगा।
अब जब शादी विवाह का सीजन के साथ पर्व का समय आया तो प्रशासन को इस नियम का पालन करनो में पसीना छुटने लगा है। हालांकि जिले की चारों तहसीलों को मिलाकर बुधवार तक 86 लोगों ने शादी विवाह के नाम पर लाडस्पीकर बजाने के लिए परमीशन लिया है। इसमें सदर तहसील से 21 लोगों ने, मुहम्मदाबाद गोहना से 21, घोसी से महज चार लोगों ने तथा मधुबन तहसील से 30 लोगों ने परमीशन प्राप्त किया है। प्रतिबंध के बाद भी डीजे बजाया जा रहा है। रविदास जयंती के अवसर पर रानीपुर के गोकुलपुरा में हुई हत्या की घटना का मूल कारण डीजे पर डांस करने के दौरान हुुुआ विवाद था। इसीक्रम में कोपागंज के सेंदुराईच गांव में भी डीजे पर डांस करने को लेकर विवाद हुआ था। इसीक्रम में 14 फरवरी को महाशिवरात्री के अवसर पर निकाले जाने वाले शिवबारात में डीजे न बजे इसके लिए प्रशासन अभी से मशक्कत करना शुरू कर दिया। सिटीञ मजिस्ट्रेट हंसराज ने बताया कि महाशिवरात्री के अवसर पर जुलुुस निकालने वाली कमेटी के सदस्यों से वार्ता कर ली गई है। वो लोग परंपरागत तरीके से बैंड पार्टी और ढोल ताशा का प्रयोग करेंगें। हालांकि इस कमेटी की तरफ से परमीशन पाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट के यहां 17 लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति का आवेदन किया गया है। इसमें समय सुबह छह से रात को दो बजे तक लिखा गया था।
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कोर्ट के आदेश के बाद जारी शासनादेश के अनुसार डीजे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा किसी कार्यक्रम में यदि लाउडस्पीकर लगाना है तो नियम के तहत सिर्फ दो साउंड लगाने की अनुमति प्रदान की जा रही है। इसमें कई कटेगरी तय की गई है। मसलन परमीशन के बाद इंडस्ट्रीयल एरिया में लाउडस्पीकर अधिकतम 75 डेसीबल पर पर, कामर्शियल क्षेत्रों में 65 डेसीबल वायलुम पर, रेजिडेंशियल क्षेत्र में 55 डेसीबल तथा शांत क्षेत्रों में 50 डेसीबल वायलुम पर लाउडस्पीकर दिन के समय बजेगा। जबकि रात के समय यह वायलुम और कम होना है। इतना ही नहीं दस बजे के बाद कोई शोर शराबा लाउस्पीकर के जरिए नहीं होना है। शासनादेश के अनुसार शहनाई और ब्रांस बैंड के साथ निलकाले जाने वाली बारात में भी ध्वनि 70 डेसीबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसीक्रम में धार्मिक स्थलों पर भी यही नियम लागू है। धार्मिक स्थलों पर लाउस्पीकर बजाने के नाम पर पूरे जिले से 1733 लाउस्पीकर के लिए परमीशन दिया जा चुका है। जिसे हर माह रिनीवल कराना होगा।
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अब जब शादी विवाह का सीजन के साथ पर्व का समय आया तो प्रशासन को इस नियम का पालन करनो में पसीना छुटने लगा है। हालांकि जिले की चारों तहसीलों को मिलाकर बुधवार तक 86 लोगों ने शादी विवाह के नाम पर लाडस्पीकर बजाने के लिए परमीशन लिया है। इसमें सदर तहसील से 21 लोगों ने, मुहम्मदाबाद गोहना से 21, घोसी से महज चार लोगों ने तथा मधुबन तहसील से 30 लोगों ने परमीशन प्राप्त किया है। प्रतिबंध के बाद भी डीजे बजाया जा रहा है। रविदास जयंती के अवसर पर रानीपुर के गोकुलपुरा में हुई हत्या की घटना का मूल कारण डीजे पर डांस करने के दौरान हुुुआ विवाद था। इसीक्रम में कोपागंज के सेंदुराईच गांव में भी डीजे पर डांस करने को लेकर विवाद हुआ था। इसीक्रम में 14 फरवरी को महाशिवरात्री के अवसर पर निकाले जाने वाले शिवबारात में डीजे न बजे इसके लिए प्रशासन अभी से मशक्कत करना शुरू कर दिया। सिटीञ मजिस्ट्रेट हंसराज ने बताया कि महाशिवरात्री के अवसर पर जुलुुस निकालने वाली कमेटी के सदस्यों से वार्ता कर ली गई है। वो लोग परंपरागत तरीके से बैंड पार्टी और ढोल ताशा का प्रयोग करेंगें। हालांकि इस कमेटी की तरफ से परमीशन पाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट के यहां 17 लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति का आवेदन किया गया है। इसमें समय सुबह छह से रात को दो बजे तक लिखा गया था।
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