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नीलामी में अनियमितता मिलने ग्रामीणों ने किया हंगामा
Updated Sun, 20 Aug 2017 11:24 PM IST
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घोसी। तहसील प्रांगण में तहसीलदार कार्यालय में शुक्रवार को मत्स्य पालन तालाबों की नीलामी में अनियमिता का आरोप लगाकर लाखीपुर गांव के लोगों ने जमकर हंगामा किया। बाद में लोग तहसीलदार के समझाने पर शांत हुए। इस सबंध में एसडीम घोसी टीपी वर्मा ने घटना से अनिभिज्ञता व्यक्त किया। बोले यदि गलत नीलामी हुई होगी तो दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को तहसीलदार श्रीप्रकाश गुप्ता और नायब तहसीलदार सर्वेश सिंह की उपस्थिति में पोखरियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान लाखीपुर गांव के लोगों ने दबाव में आकर गलत तरीके से नीलामी करने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। साथ ही नीलामी प्रक्रिया को निरस्त कर फिर से कराने की मांग किया। ग्रामीणों की माने तो लाखीपुर गांव में मौजूद पोखरी की नीलामी के लिए सीता, मतिया देवी, हरिकेश और रामरतन ने आवेदन किया था। नायब तहसीलदार ने अधूरा कागजात बताते हुए रामरतन की फाइल को निरस्त कर मतिया देवी को 16350 की बोली पर पोखरी को आवंटित कर दिया। इस पर रामरतन के पक्ष के लोग पक्षपात का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। कागज निरस्त होने पर रामरतन ने कहा कि जानबूझकर उसकी फाइल को निरस्त किया गया है। रामरतन की तरफ से ब्लाक प्रमुख ने एसडीम से मिलकर शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि इतनी बड़ी पोखरी की नीलामी इतनी कम धनराशि में की गई, जिससे अनियमितता परिलक्षित होती है। तहसीलदार ने प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे निरस्त करने की असमर्थता जताई, इस पर गांव के लोगों ने पुन: हंगामा कर दिया। बाद में एसडीएम ने प्रकरण की जांच कराने और दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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शनिवार को तहसीलदार श्रीप्रकाश गुप्ता और नायब तहसीलदार सर्वेश सिंह की उपस्थिति में पोखरियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान लाखीपुर गांव के लोगों ने दबाव में आकर गलत तरीके से नीलामी करने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। साथ ही नीलामी प्रक्रिया को निरस्त कर फिर से कराने की मांग किया। ग्रामीणों की माने तो लाखीपुर गांव में मौजूद पोखरी की नीलामी के लिए सीता, मतिया देवी, हरिकेश और रामरतन ने आवेदन किया था। नायब तहसीलदार ने अधूरा कागजात बताते हुए रामरतन की फाइल को निरस्त कर मतिया देवी को 16350 की बोली पर पोखरी को आवंटित कर दिया। इस पर रामरतन के पक्ष के लोग पक्षपात का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। कागज निरस्त होने पर रामरतन ने कहा कि जानबूझकर उसकी फाइल को निरस्त किया गया है। रामरतन की तरफ से ब्लाक प्रमुख ने एसडीम से मिलकर शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि इतनी बड़ी पोखरी की नीलामी इतनी कम धनराशि में की गई, जिससे अनियमितता परिलक्षित होती है। तहसीलदार ने प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे निरस्त करने की असमर्थता जताई, इस पर गांव के लोगों ने पुन: हंगामा कर दिया। बाद में एसडीएम ने प्रकरण की जांच कराने और दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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