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हल्की बूंदाबांदी, रात में बढ़ी ठंड
Updated Fri, 12 Oct 2018 11:59 PM IST
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मऊ। जिले के विभिन्न इलाकों में शुक्रवार को तितली तूफान का असर दिखा। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। अपराह्न बाद कुछ देर तक बूंदाबांदी होती रही। मौसम में हुए बदलाव से किसान बारिश की आस लिए आकाश में टकटकी लगाए रहे। कृषि विशेषज्ञों ने तापमान बढ़ने तथा बारिश न होने के चलते धान के उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना जताई है।
तितली तूफान का असर तड़के से ही दिखने लगा था। आसमान में बादल छाए रहे। सुबह लोगों का ठंड अहसास हो रहा था। अपराह्न बाद कुछ देर तक बूंदाबांदी हुई। मौसम में बदलाव हुआ तो किसानों के चेहरे पर चमक दिखी, लेकिन शाम होते-होते उनकी खुशी मायूसी में बदल गई। पिपरी क्षेत्र के किसान ओमप्रकाश यादव, सत्यराम प्रसाद, मनोज सिंह ने कहा कि मौमस में बदलाव का संकेत मिल रहा है। लेकिन अभी तक बरसात नहीं हुई। अगर हो जाएगी तो यूं समझिए कि धान की फसल के लिए यह बेहतर होगी। धान की फसल में बालियां निकल रही हैं। ऐसे में बारिश से धान की फसल को लाभ मिलता।
कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. वीपी सिंह का कहना है कि तापमान अधिक होने के चलते धान की फसल पर विपरीत असर पड़ रहा था। लेकिन बदलते मौमस में यदि बारिश हुई तो तापमान में खासी गिरावट होगी। फिलहाल ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी से तापमान में कुछ बदलाव आया है। जिले में लगभग 90 हजार हेक्टेयर पर धान की बुआई की गई है। कई दिनों से तेज धूप होने के चलते तापमान में बढ़ोत्तरी होने से धान की फसल को लेकर किसान परेशान थे।
तितली तूफान का असर तड़के से ही दिखने लगा था। आसमान में बादल छाए रहे। सुबह लोगों का ठंड अहसास हो रहा था। अपराह्न बाद कुछ देर तक बूंदाबांदी हुई। मौसम में बदलाव हुआ तो किसानों के चेहरे पर चमक दिखी, लेकिन शाम होते-होते उनकी खुशी मायूसी में बदल गई। पिपरी क्षेत्र के किसान ओमप्रकाश यादव, सत्यराम प्रसाद, मनोज सिंह ने कहा कि मौमस में बदलाव का संकेत मिल रहा है। लेकिन अभी तक बरसात नहीं हुई। अगर हो जाएगी तो यूं समझिए कि धान की फसल के लिए यह बेहतर होगी। धान की फसल में बालियां निकल रही हैं। ऐसे में बारिश से धान की फसल को लाभ मिलता।
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कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. वीपी सिंह का कहना है कि तापमान अधिक होने के चलते धान की फसल पर विपरीत असर पड़ रहा था। लेकिन बदलते मौमस में यदि बारिश हुई तो तापमान में खासी गिरावट होगी। फिलहाल ठंडी हवाओं और बूंदाबांदी से तापमान में कुछ बदलाव आया है। जिले में लगभग 90 हजार हेक्टेयर पर धान की बुआई की गई है। कई दिनों से तेज धूप होने के चलते तापमान में बढ़ोत्तरी होने से धान की फसल को लेकर किसान परेशान थे।
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