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ऊंची कीमतों पर खरीदी गई सोलर लाइट
Updated Sat, 17 Mar 2018 11:36 PM IST
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घोसी। बड़रांव ब्लाक के पठखौली माधोपुर गांव में बिना काम कराए ही 15 लाख रुपयों का भुगतान कर दिया गया। शिकायत पर संबंधित कर्मचारी को ही जांच सौंप दी गई। जांच में लीपापोती करते हुए रिपोर्ट सौंप दी गई। इस मामले में गांव के एक व्यक्ति ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप तीन सदस्यीय टीम से जांच कराने की मांग की।
उपजिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में शिकायतकर्ता गांव के विनोद यादव पुत्र विंध्याचल यादव ने आरोप लगाया है कि तहसील दिवस में दिए गए शिकायत की जांच संबंधित कर्मचारी को देकर करा दिया गया। संबंधित कर्मचारी ने लीपापोती करके जांच रिपोर्ट दे दी। मांग की कि पूर्व में दिए गए शिकायत की जांच तीन सदस्यीय टीम से कराई जाए। बताया कि उसने 16 जनवरी को तहसील दिवस में शिकायती पत्र दी थी कि गांव सभा में खड़ंजा मरम्मत, नाली निर्माण, प्राथमिक विद्यालय में शौचालय मरम्मत के नाम पर मनमानी की गई। चौदहवें वित्त से अधिक दाम पर सोलर लाइट लगाया गया। ग्राम सभा में थोड़ा काम कराने के बाद 15 लाख रुपयों का भुगतान किया गया। डीएम ने उसकी जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसकी जांच संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को दे दी गई। आरोप है कि जांच में लीपापोती कर दी गई और रिपोर्ट तैयार कर तहसील को भेज दी गई। गवाह के रूप में प्रधान के साथ उनके परिचित ज्ञानप्रकाश के हस्ताक्षर कराया दिया गया। शासनादेश के अनुसार जांच के बाद निस्तारण की जानकारी शिकायतकर्ता को नहीं दी गई। शिकायतकर्ता ने शिकायत पत्र सौंपकर मांग की है कि जांच रिपोर्ट को निरस्त कर तीन सदस्यीय टीम से जांच कराकर ग्राम सभा के संबंधित लोगों से धन की वसूली कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। बड़राव के बीडीओ बड़राव ने बताया कि निर्देशानुसार जांच होगी। टीम से जांच के लिये संबंधित व्यक्ति को शिकायत से संबंधित शपथपत्र के साथ डीपीआरओ को देना होगा।
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उपजिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में शिकायतकर्ता गांव के विनोद यादव पुत्र विंध्याचल यादव ने आरोप लगाया है कि तहसील दिवस में दिए गए शिकायत की जांच संबंधित कर्मचारी को देकर करा दिया गया। संबंधित कर्मचारी ने लीपापोती करके जांच रिपोर्ट दे दी। मांग की कि पूर्व में दिए गए शिकायत की जांच तीन सदस्यीय टीम से कराई जाए। बताया कि उसने 16 जनवरी को तहसील दिवस में शिकायती पत्र दी थी कि गांव सभा में खड़ंजा मरम्मत, नाली निर्माण, प्राथमिक विद्यालय में शौचालय मरम्मत के नाम पर मनमानी की गई। चौदहवें वित्त से अधिक दाम पर सोलर लाइट लगाया गया। ग्राम सभा में थोड़ा काम कराने के बाद 15 लाख रुपयों का भुगतान किया गया। डीएम ने उसकी जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसकी जांच संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को दे दी गई। आरोप है कि जांच में लीपापोती कर दी गई और रिपोर्ट तैयार कर तहसील को भेज दी गई। गवाह के रूप में प्रधान के साथ उनके परिचित ज्ञानप्रकाश के हस्ताक्षर कराया दिया गया। शासनादेश के अनुसार जांच के बाद निस्तारण की जानकारी शिकायतकर्ता को नहीं दी गई। शिकायतकर्ता ने शिकायत पत्र सौंपकर मांग की है कि जांच रिपोर्ट को निरस्त कर तीन सदस्यीय टीम से जांच कराकर ग्राम सभा के संबंधित लोगों से धन की वसूली कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। बड़राव के बीडीओ बड़राव ने बताया कि निर्देशानुसार जांच होगी। टीम से जांच के लिये संबंधित व्यक्ति को शिकायत से संबंधित शपथपत्र के साथ डीपीआरओ को देना होगा।
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