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बंद पड़े जिले के 21 औद्योगिक आस्थान
Sat, 08 Jun 2019 12:20 AM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Sat, 08 Jun 2019 12:20 AM IST
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घोसी में बदहाल पड़ा औद्योगिक आस्थान।
- फोटो : mau
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एक तरफ जिले में जहां तेजी से बेरोजगारी बढ़ रही है, वहीं जिले में मौजूद उद्योग बढ़ने की बजाय बंद हो रहे हैं। बंद पड़े उद्योगों को शुरू कराने की बजाय विभाग इन उद्यमियों को नोटिस जारी कर अपने हिस्से के कार्य की रस्म अदायगी की है। सात-सात नोटिस जारी करने के बाद ना तो उद्योग शुरु हुए और न ही दूसरे को भूखंड एलाट किया जा सका।
जिले के सेवायोजन कार्यालय में लिखा पढ़ी में पचास हजार युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। इससे हटकर यह संख्या लाखों में है। बेराजगारी दूर करने के लिए शासन और प्रशासन की तरफ से तरह तरह के उपाय किए जा रहेें है। वहीं मऊ जिले में रोजगार के साधन बढने की बजाय घटते जा रहें है। बताते चले मऊ जिले में कुल चार औद्योगिक अस्थान है, इसमें से बढ़ुआ गोदाम स्थित एक क्षेत्र उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम गोरखपुर के अधीन है। जबकि उद्योग विभाग के अधीन तीन क्षेत्र है।
इमसें जिला मुख्यालय पर सहादतपुरा स्थित क्षेत्र में 36 भूखंड और 10 शेड का तथा घोसी तहसील मुख्यालय पर 10 भूखंड और पांच शेड वाला तथा तीसरा गरथौली में दो भूखंड का है। इसमें से जिला मुख्यालय पर सहादतपुरा मुहल्ला स्थित औद्योगिक क्षेत्र में सात उद्योग तथा घोसी तहसील मुख्यालय पर दो को छोड़ सभी उद्योग और गरथौली में मौजूद दो में से एक उद्योग काफी समय से बंद पड़ा है।
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बंद पड़े उद्योगों के बाबत पूछे जाने पर विभाग का सधा सधाया सीधा जबाब है कि बंद पड़े उद्योगों को शुरु करने के लिए भूखंड स्वामियों को नोटिस जारी की गई। इस दौरान अधिकांश नाटिस का जबाब देकर जल्द ही उद्योग शुरु करने का विश्वास दिलाते है।
इसके चलते आगे की कार्रवाई प्रभावित हो रही। इन औद्योगिक क्षेत्रों में सबसे बुरी हालत घोसी का है। यहां बंद पड़े दो उद्योगों में एक पर बैंक का लोन बकाया है, इसके चलते तहसील प्रशासन ने ताला लगाया है।
जबकि दूसरा उद्योग जल्द से जल्द शुरु करने का आश्वासन विभाग को दिया है। इसके बाद सभी लंबे समय से बंद पड़े है। इस दौरान भवनों से खिड़की दरवाजे तक गायब हो चुकें है।
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जिले के सेवायोजन कार्यालय में लिखा पढ़ी में पचास हजार युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। इससे हटकर यह संख्या लाखों में है। बेराजगारी दूर करने के लिए शासन और प्रशासन की तरफ से तरह तरह के उपाय किए जा रहेें है। वहीं मऊ जिले में रोजगार के साधन बढने की बजाय घटते जा रहें है। बताते चले मऊ जिले में कुल चार औद्योगिक अस्थान है, इसमें से बढ़ुआ गोदाम स्थित एक क्षेत्र उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम गोरखपुर के अधीन है। जबकि उद्योग विभाग के अधीन तीन क्षेत्र है।
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इमसें जिला मुख्यालय पर सहादतपुरा स्थित क्षेत्र में 36 भूखंड और 10 शेड का तथा घोसी तहसील मुख्यालय पर 10 भूखंड और पांच शेड वाला तथा तीसरा गरथौली में दो भूखंड का है। इसमें से जिला मुख्यालय पर सहादतपुरा मुहल्ला स्थित औद्योगिक क्षेत्र में सात उद्योग तथा घोसी तहसील मुख्यालय पर दो को छोड़ सभी उद्योग और गरथौली में मौजूद दो में से एक उद्योग काफी समय से बंद पड़ा है।
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बंद पड़े उद्योगों के बाबत पूछे जाने पर विभाग का सधा सधाया सीधा जबाब है कि बंद पड़े उद्योगों को शुरु करने के लिए भूखंड स्वामियों को नोटिस जारी की गई। इस दौरान अधिकांश नाटिस का जबाब देकर जल्द ही उद्योग शुरु करने का विश्वास दिलाते है।
इसके चलते आगे की कार्रवाई प्रभावित हो रही। इन औद्योगिक क्षेत्रों में सबसे बुरी हालत घोसी का है। यहां बंद पड़े दो उद्योगों में एक पर बैंक का लोन बकाया है, इसके चलते तहसील प्रशासन ने ताला लगाया है।
जबकि दूसरा उद्योग जल्द से जल्द शुरु करने का आश्वासन विभाग को दिया है। इसके बाद सभी लंबे समय से बंद पड़े है। इस दौरान भवनों से खिड़की दरवाजे तक गायब हो चुकें है।