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बेबाक टिप्पणी के लिए विख्यात थे स्व. विक्रमा राय
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दोहरीघाट ब्लॉक क्षेत्र के पनइल गांव में पूर्व विधायक विक्रमा राय की तीसरी पुण्यतिथि मनाई गई। सपा नेता व पूर्व मंत्री नारद राय तथा ब्लॉक प्रमुख प्रदीप कुमार राय ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। साथ ही उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
इस अवसर पर गरीबों को उनके पुत्र धीरेंद्र राय, वीरेंद्र राय, रामलाल राय ने साड़ी कपड़ा आदि सामान देकर उन्हें नमन करते हुए उनको श्रद्धा सुमन अर्पित किया। पूर्व मंत्री नारद राय ने कहा कि स्व. विधायक से मेरा बहुत गहरा रिश्ता रहा। वे एक अभिभावक की तरह मेरे लिए थे वे हमेशा हमें डांटते व समझाते रहते थे। कहा कि वे बेबाक टिप्पणी के लिए विख्यात थे। स्व. विक्रमा राय राजनीति के पुरोधा थे। ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार राय ने कहा कि स्व. विधायक इस धरा के जगमगाते हुए रत्न थे। उन्होंने कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। वे छल कपट से कोसों दूर थे। उनका जीवन सादगीपूर्ण रहा। वे लोहिया के विचारों से ओतप्रोत थे। विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रद्धांजलि सभा के बाद आधा दर्जन पौधारोपण किया गया। इस मौके पर पूर्व प्रधानाचार्य झारखंडेय राय, पूर्व प्रधान विजेंद्र राय, विपिन, अजीत राय, राजेश राय, श्यामसुंदर मौर्य, तेज बहादुर राय, कक्कू राय, कल्पनाथ राय, छांगुर राय, शंभू यादव, उमेश राय, मनोज राय, डॉ. गोरख राय आदि शामिल रहे।
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इस अवसर पर गरीबों को उनके पुत्र धीरेंद्र राय, वीरेंद्र राय, रामलाल राय ने साड़ी कपड़ा आदि सामान देकर उन्हें नमन करते हुए उनको श्रद्धा सुमन अर्पित किया। पूर्व मंत्री नारद राय ने कहा कि स्व. विधायक से मेरा बहुत गहरा रिश्ता रहा। वे एक अभिभावक की तरह मेरे लिए थे वे हमेशा हमें डांटते व समझाते रहते थे। कहा कि वे बेबाक टिप्पणी के लिए विख्यात थे। स्व. विक्रमा राय राजनीति के पुरोधा थे। ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार राय ने कहा कि स्व. विधायक इस धरा के जगमगाते हुए रत्न थे। उन्होंने कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। वे छल कपट से कोसों दूर थे। उनका जीवन सादगीपूर्ण रहा। वे लोहिया के विचारों से ओतप्रोत थे। विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रद्धांजलि सभा के बाद आधा दर्जन पौधारोपण किया गया। इस मौके पर पूर्व प्रधानाचार्य झारखंडेय राय, पूर्व प्रधान विजेंद्र राय, विपिन, अजीत राय, राजेश राय, श्यामसुंदर मौर्य, तेज बहादुर राय, कक्कू राय, कल्पनाथ राय, छांगुर राय, शंभू यादव, उमेश राय, मनोज राय, डॉ. गोरख राय आदि शामिल रहे।
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