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सजगता से वाकिफ हुई छात्राएं
Wed, 26 Dec 2018 11:07 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मऊ
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मऊ
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 26 Dec 2018 11:07 PM IST
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नगर के अमृत पब्लिक स्कूल में बुधवार को अमर उजाला के तत्वावधान में अपराजिता सजगता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें कक्षा आठ से 12वीं की छात्राएं शामिल हुई। इस दौरान 370 छात्राओं ने अपराजिता के शपथ पत्र को भरकर सजगता के लिए संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल की प्रधानाचार्य डा. माया सिंह ने सबसे पहले अमर उजाला द्वारा चलाए जा रहे अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के लिए धन्यवाद दिया। कहा कि इस प्रयास से हर महिला और छात्रा जागरुक हो रही। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के कारण आज महिलाओं को सशक्त बनाने की बात चलने लगी है। बोली महिलाएं सशक्त हैं, लेकिन उन्हे अपनी सजगता और शक्ति का एहसास नहीं था, ऐसे में अपराजिता के जरिए तेजी से उनमें जागरुकता आ रही। बोली महिलाओं को अपने अंदर मौजूद ऊर्जा को जानने की जरुरत है। दृढ़ इच्छा शक्ति से आज महिलाएं अपने हर कार्य को संभव कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि वे सबसे पहले कोई भी कार्य करने से पहले उसके सही और गलत पहलु को जरुर सोंचे। ऐसा करने से उनको हमेशा अच्छे कार्य के शक्ति मिलेेगी। उन्होंने छात्राओं को अपराजिता का मतलब बताते हुए कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में निपुण होकर काम कर सकती है। इसके कारण उन्हे अपराजिता की संज्ञा दी जाती है।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल की प्रधानाचार्य डा. माया सिंह ने सबसे पहले अमर उजाला द्वारा चलाए जा रहे अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के लिए धन्यवाद दिया। कहा कि इस प्रयास से हर महिला और छात्रा जागरुक हो रही। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के कारण आज महिलाओं को सशक्त बनाने की बात चलने लगी है। बोली महिलाएं सशक्त हैं, लेकिन उन्हे अपनी सजगता और शक्ति का एहसास नहीं था, ऐसे में अपराजिता के जरिए तेजी से उनमें जागरुकता आ रही। बोली महिलाओं को अपने अंदर मौजूद ऊर्जा को जानने की जरुरत है। दृढ़ इच्छा शक्ति से आज महिलाएं अपने हर कार्य को संभव कर सकती हैं।
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उन्होंने कहा कि वे सबसे पहले कोई भी कार्य करने से पहले उसके सही और गलत पहलु को जरुर सोंचे। ऐसा करने से उनको हमेशा अच्छे कार्य के शक्ति मिलेेगी। उन्होंने छात्राओं को अपराजिता का मतलब बताते हुए कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में निपुण होकर काम कर सकती है। इसके कारण उन्हे अपराजिता की संज्ञा दी जाती है।
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