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मेधावी विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
Updated Sun, 18 Feb 2018 11:28 PM IST
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घोसी। सर्वोदय पीजी कॉलेज घोसी के प्रांगण में रविवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बीए तृतीय वर्ष के उर्दू विषय के छात्र छात्राओं का भावभीनी विदाई दी गई। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्र छात्रों का पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. अलका राय ने कहा कि यह समाज की रीति है कि जो आगे बढ़ता है उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ता है। विद्यार्थी यह संकल्प लें कि हम आगामी परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक हासिल करेंगे जो अपने अनुज के लिए मिसाल बनेगी। प्राचार्य डॉ. करुनानिधान उपाध्याय ने कहा कि विदाई का मतलब केवल यह नहीं होता है कि अपने से अलग कर देना बल्कि जिसकी विदाई होती है वह अपने एक दायित्व का निर्वहन करके दूसरे दायित्व को धारण करता है।इसलिए आप सदैव अपने सामने अच्छे लक्ष्य को रखें और उसके प्रति समर्पित हो जाएं। शिक्षाविद डॉ. मुनव्वर अंजुम ने कहा कि आप चाहे जितना भी तरक्की और बुलंदी को छू लें परंतु अपनी मातृ भाषा एवं तहजीब को नहीं भूलना चाहिए।उर्दू भाषा के महत्त्व से भी उन्होंने युवाओं को अवगत कराने के साथ ही सदैव आचरण को उत्तम बनाए रखने की सीख दिया। कार्यक्रम को पदमाकर मौर्य, खुर्शीद खान, छात्र नेता मोहम्मद शहान, फैसल ,शायर सलमान घोसवी आदि ने भी संबोधित किया।समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने एवं उर्दू विषय में अच्छे अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर सलीम,कलीम,अबुकलाम ,हस्सान आजमी,गुलाम नबी, मोनू,समां परवीन,मारिया खातून,साइमा, नजमा खातूनआदि उपस्थित रहे।अध्यक्षता डॉ. मुनव्वर अंजुम तथा संचालन अबुसाद खान ने किया ।
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मुख्य अतिथि डॉ. अलका राय ने कहा कि यह समाज की रीति है कि जो आगे बढ़ता है उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ता है। विद्यार्थी यह संकल्प लें कि हम आगामी परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक हासिल करेंगे जो अपने अनुज के लिए मिसाल बनेगी। प्राचार्य डॉ. करुनानिधान उपाध्याय ने कहा कि विदाई का मतलब केवल यह नहीं होता है कि अपने से अलग कर देना बल्कि जिसकी विदाई होती है वह अपने एक दायित्व का निर्वहन करके दूसरे दायित्व को धारण करता है।इसलिए आप सदैव अपने सामने अच्छे लक्ष्य को रखें और उसके प्रति समर्पित हो जाएं। शिक्षाविद डॉ. मुनव्वर अंजुम ने कहा कि आप चाहे जितना भी तरक्की और बुलंदी को छू लें परंतु अपनी मातृ भाषा एवं तहजीब को नहीं भूलना चाहिए।उर्दू भाषा के महत्त्व से भी उन्होंने युवाओं को अवगत कराने के साथ ही सदैव आचरण को उत्तम बनाए रखने की सीख दिया। कार्यक्रम को पदमाकर मौर्य, खुर्शीद खान, छात्र नेता मोहम्मद शहान, फैसल ,शायर सलमान घोसवी आदि ने भी संबोधित किया।समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने एवं उर्दू विषय में अच्छे अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर सलीम,कलीम,अबुकलाम ,हस्सान आजमी,गुलाम नबी, मोनू,समां परवीन,मारिया खातून,साइमा, नजमा खातूनआदि उपस्थित रहे।अध्यक्षता डॉ. मुनव्वर अंजुम तथा संचालन अबुसाद खान ने किया ।
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