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200 आंगनबाड़ी केंद्रों के पास नही है खुद का भवन:

Sun, 22 May 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2022 11:33 PM IST
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200 Anganwadi centers do not have their own building:
मुहम्मदाबाद गोहना। ब्लाक के बाल विकास परियोजना प्रखंड क्षेत्र में संचालित कुल 304 आंगनबाड़ी केंद्र में से 200 केंद्रों के पास अपना भवन ही नहीं है। मात्र 104 केंद्रों का संचालन सरकारी भवन जबकि 122 प्राथमिक विद्यालय परिसर और 78 केंद्रों का संचालन किराए के मकानो में हो रहा है। ऐसे में विभागी की योजनाएं सही तरीक से क्रियान्वित नहीं हो पा रही हैं। शून्य से 6 साल तक के बच्चों को कुपोषण से बचाव, स्कूली पूर्व शिक्षा देने, गर्भवती महिलाओं को सुरक्षा एवं सलाह देने आदि से संबंधित योजनाओं को लेकर गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जाता है। इसके लिए बाल विकास परियोजना विभाग गठन किया गया है। लेकिन योजनाओं के संचालन के लिए विभाग के पास खुद का अपना भवन न होने से काफी समस्याएं आ रही है। हालत है कि मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक क्षेत्र में कुल 304 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 200 केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है। जिसमें 78 केंद्र किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। किराया के मद में प्रति माह लाखों का वारा न्यारा किया जाता है। विभाग चाहे तो किराया राशि से प्रत्येक माह में एक आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी हो सकता है। लेकिन गावों में उचित जमीन के अभाव में आंगन बाड़ी केंद्रों का भवन नहीं बन पा रहे है। बुनकर बाहुल्य खैराबाद, अतरारी, सुरहुरपुर, मालव आदि गावों में प्रत्येक में दर्जन भर केंद्र खोले गए हैं लेकिन सरकारी भवनों का अभाव है। खैराबाद गांव में कुल 16 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं लेकिन एक भी सेंटर सरकारी भवन में नहीं है। ऐसी ही कुछ स्थिति अतरारी ग्रामसभा की है। यहाँ कुल आठ सेंटर हैं। जिसमें एक पंचायत भवन में बाकी सात निजी घरों में किराए पर चल रहे है। इसी प्रकार सुरहुरपुर ग्राम पंचायत में वर्तमान में कुल 12 केंद्र संचालित हो रहे हैं लेकिन यहां मात्र दो केंद्रों के लिए ही सरकारी भवन है शेष प्राथमिक विद्यालयों में या निजी घरों में चलाए जा रहे हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इशरत जहां, प्रमिला देवी, सबीहा परवीन, चिंता देवी, पूनम विश्वकर्मा, शगुफ्ता नसरीन, नरगिस बानो, विमला सोनकर, रीता देवी, प्रेम बालिका आदि का कहना है कि समस्या के बाबत कई बार कहा गया लेकिन समाधान नहीं हो पाया। सीडीपीओ ऊषा यादव ने बताया कि विभाग तो किराए के मकानों में सेंटर संचालित करने को तैयार हैं, लेकिन मानक अनुरूप मकान नहीं मिल पा रहे हैं।
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