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जिले में 200 आंगनबाड़ी भवन बनेंगे, जमीन मिली
mau
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:26 PM IST
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खुले आसमान या फिर किराए के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को जल्द खुद की छत मिलेगी। इसके लिए जिले में 14 करोड़ की लागत से 200 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों को बनाने की हरी झंडी दे दी गई है। इससे केंद्रों में पंजीकृत चार हजार नौनिहालों को दिक्कतें कम होंगी। हर ब्लॉक में 20 से ज्यादा भवन बनाए जाएंगे। एक भवन में पांच लाख रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। केंद्रों के भवन बनाने की अरसे से मांग की जा रही थी, जिस पर अब प्रस्ताव ओके किया गया। ग्राम पंचायतें, क्षेत्र पंचायतों के माध्यम से भवन बनाए जाएंगे।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018-19 के लिए जिले में 200 नए आंगनबाड़ी केंद्र का लक्ष्य दिया है। भवन निर्माण मेें मनरेगा से कन्वर्जन से पांच लाख तक खर्च किए जाएंगे। जबकि बाल विकास विभाग दो लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में एक कमरा, एक किचेन, एक प्रसाधन, एक स्टोर और एक बरामदा बनाया जाएगा। लगातार काम चलने पर भी एक भवन के निर्माण में कम से कम छह माह का समय लगेगा। किसी ब्लॉक में 20 तो किसी ब्लॉक में 15 भवन बनाए जाएंगे।
एक भवन बनाने में आठ लाख रुपये 60 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। मौजूूदा समय की बात करें तो जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में कई केंद्र किराए के भवन, प्राथमिक स्कूल और खुले आसमान के नीचे संचालित हो रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र के नवीन भवन के लिए जमीन चिहिन्त करने का कार्य किया जा चुका है।
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मनरेगा और विभाग की संयुक्त प्रयास से बनने वाले भवन निर्माण कार्य का प्रस्ताव बनाकर शीघ्र जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा।
जिसके बाद स्वीकृति मिलते ही भवन बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभागीय सूत्रों की माने तो सब कुछ सही रहा तो मार्च- अप्रैल 2019 से नवीन भवन बनने का कार्य शुरू हो सकेगा। मौजूदा समय की बात करें तो जिले में 2587 आंगनबाड़ी केंद्रों में 256 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित किए जा रहे हैं। इसमें दो लाख 37 हजार नौनिहाल पढ़ाई कर रहे हैं।
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प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018-19 के लिए जिले में 200 नए आंगनबाड़ी केंद्र का लक्ष्य दिया है। भवन निर्माण मेें मनरेगा से कन्वर्जन से पांच लाख तक खर्च किए जाएंगे। जबकि बाल विकास विभाग दो लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में एक कमरा, एक किचेन, एक प्रसाधन, एक स्टोर और एक बरामदा बनाया जाएगा। लगातार काम चलने पर भी एक भवन के निर्माण में कम से कम छह माह का समय लगेगा। किसी ब्लॉक में 20 तो किसी ब्लॉक में 15 भवन बनाए जाएंगे।
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एक भवन बनाने में आठ लाख रुपये 60 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। मौजूूदा समय की बात करें तो जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में कई केंद्र किराए के भवन, प्राथमिक स्कूल और खुले आसमान के नीचे संचालित हो रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र के नवीन भवन के लिए जमीन चिहिन्त करने का कार्य किया जा चुका है।
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मनरेगा और विभाग की संयुक्त प्रयास से बनने वाले भवन निर्माण कार्य का प्रस्ताव बनाकर शीघ्र जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा।
जिसके बाद स्वीकृति मिलते ही भवन बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभागीय सूत्रों की माने तो सब कुछ सही रहा तो मार्च- अप्रैल 2019 से नवीन भवन बनने का कार्य शुरू हो सकेगा। मौजूदा समय की बात करें तो जिले में 2587 आंगनबाड़ी केंद्रों में 256 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित किए जा रहे हैं। इसमें दो लाख 37 हजार नौनिहाल पढ़ाई कर रहे हैं।