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शिकायतकर्ता के मीटर से ही कर दी छेड़छाड़
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सरकार की तरफ से बिजली चोरी पर अंकुुश लगाने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं बिजली विभाग के तत्कालीन अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए के चलते फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र केविग्रहपुर निवासी एक उपभोक्ता का कारोबार ही बंद हो गया। शिकायत कर थक चुके उपभोक्ता ने सीएम का ेपत्र भेज कर न्याय की गुहार लगाई है।
केविग्रहपुर गांव में 400 घर हैं। बिजली विभाग ने यहां 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया है। विग्रहपुर निवासी परशुराम शर्मा ने बैंक से कर्ज लेकर 2005 में आटा चक्की का व्यवसाय शुरू किया। परशुराम की मानें तो गांव में बिजली विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की मिलीभगतसे भारी बिजली की चोरी कराई जाती है। चोरी के चलते एक वर्ष में ट्रांसफार्मर चार बार से अधिक बार फुुंक जाता है। परेशान उपभोक्ता परशुराम ने बिजली चोरी के मामले में बिजली विभाग के एमडी वाराणसी को शिकायत दर्ज कराई थी। जिस पर प्रवर्तन दल ने छापेमारी कर बिजली चोरी पकड़ी। कई बिजलीकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारियों तथा बिजलीकर्मियों ने खेल कर शिकायतकर्ता के मीटर में ही छेड़छाड़ कर दिया। बिल ज्यादा आने पर शिकायत की। जांच में मामला सही पाया गया। कुछ दिन तक तो सही चला। लेकिन तत्कालीन एसडीओ तथा बिजलीकर्मियों की मिलीभगत से मीटर में तकनीकी गड़बड़ी कर दिया। एक दर्जन से अधिक बार शिकायत करते एक दशक से अधिक समय बीत गया आज तक उपभोक्ता को न्याय नहीं मिल सका। परेशान उपभोक्ता परशुराम शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
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केविग्रहपुर गांव में 400 घर हैं। बिजली विभाग ने यहां 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया है। विग्रहपुर निवासी परशुराम शर्मा ने बैंक से कर्ज लेकर 2005 में आटा चक्की का व्यवसाय शुरू किया। परशुराम की मानें तो गांव में बिजली विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की मिलीभगतसे भारी बिजली की चोरी कराई जाती है। चोरी के चलते एक वर्ष में ट्रांसफार्मर चार बार से अधिक बार फुुंक जाता है। परेशान उपभोक्ता परशुराम ने बिजली चोरी के मामले में बिजली विभाग के एमडी वाराणसी को शिकायत दर्ज कराई थी। जिस पर प्रवर्तन दल ने छापेमारी कर बिजली चोरी पकड़ी। कई बिजलीकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारियों तथा बिजलीकर्मियों ने खेल कर शिकायतकर्ता के मीटर में ही छेड़छाड़ कर दिया। बिल ज्यादा आने पर शिकायत की। जांच में मामला सही पाया गया। कुछ दिन तक तो सही चला। लेकिन तत्कालीन एसडीओ तथा बिजलीकर्मियों की मिलीभगत से मीटर में तकनीकी गड़बड़ी कर दिया। एक दर्जन से अधिक बार शिकायत करते एक दशक से अधिक समय बीत गया आज तक उपभोक्ता को न्याय नहीं मिल सका। परेशान उपभोक्ता परशुराम शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
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