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संकट से मुक्ति दिलाने में सहायक है भगवान के नाम का जाप
Updated Fri, 09 Mar 2018 12:00 AM IST
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कोपागंज। क्षेत्र के सहरोज गांव में चल रहे साप्ताहिक संगीतमय श्री भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक अनुपानंद महाराज ने कहा कि कलियुग में भवसागर से पार होने के लिए केवल भगवान के नाम का सुमिरन किया जाना ही बहुत है। क्योंकि भगवान का नाम व्यक्ति को कष्टों से मुक्ति प्रदान करता है। कलियुग में जीवन का आधार मात्र भगवान का नाम है। भगवान के नाम का जाप या स्मरण मात्र ही जीवन के सभी संकट से मुक्ति दिलाने में सहायक है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग की आपाधापी वाले जीवन में मनुष्य बड़े ही सहज और सरल भाव के साथ ईश्वर का नाम लेकर भी जीवन को सफल बना सकता है। कलियुग को सभी कोसते हैं सभी क्रोध, राग द्वेष और वासना से ग्रस्त हैं। कोई कहता है काश हम सतयुग में पैदा हुए होते। कोई त्रेता और द्वापर युग के गुण गाता है। तुलसीदास ने जन.मानस की हालत देखकर समझाया कि कलियुग में बेशक बहुत सी गड़बड़ियां हैं मगर उन सबसे बचने का उपाय जितनी सरलता से कलियुग में मिल सकता है उतनी सरलता से किसी और काल में नहीं मिला। पहले प्रभु को पाने के लिए ध्यान करना पड़ता था। त्रेता में योग से प्रभु मिलते थे। द्वापर में कर्मकांड का मार्ग था। ये सभी मार्ग नितांत कठिन और घोर तपस्या के बाद ही फलीभूत होते हैं, पर कलियुग में ईश्वर को प्राप्त करना पहले के मुकाबले बड़ा ही सरल हो गया है। उन्होंने कहा कि भक्त प्रहलाद तो ईश्वर के नाम मात्र लेने से उनके प्रिय हो गए थे। नाम के प्रभाव के चलते ही उन्होंने अवतार लेकर प्रहलाद के जीवन की रक्षा की थी। इस अवसर पर शशि प्रकाश राय, प्रधान प्रतिनिधि योगेश राय, इंदुशेखर राय, नागेंद्र, राकेश राय, विष्णु, मनोज, अवधेश, अच्छेलाल साहनी, अमित, सुमित आदि शामिल रहे।
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