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सत्यापन में उजागर हुआ मनरेगा की धनराशि में फर्जीवाड़ा

Fri, 11 Aug 2017 11:43 PM IST
Updated Fri, 11 Aug 2017 11:43 PM IST
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सत्यापन में उजागर हुआ मनरेगा की धनराशि में फर्जीवाड़ा
मऊ। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना केे तहत जिले केे कोपागंज ब्लाक केे ढाढाचवर गांव में विकास केे नाम पर अवमुक्त किए धनराशि का सत्यापन में फर्जीवाड़ा पाया गया। इस दौरान डीसी मनरेगा ने निर्माण के नाम पर जारी हुई 46 हजार रुपये की धनराशि का हिसाब के बाबत स्पष्टीकरण की मांग करते हुए प्रधान, सेक्रेटरी और तकनीकी सहायक को बीडीओ के जरिए नोटिस जारी किया है।
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कोपागंज ब्लाक केे ढाढाचवर गांव में विकास कार्य कराने के साथ-साथ मनरेगा स्वरोजगार योजना केे तहत पात्र का चयन करके मुर्गी पालन शेड का निर्माण कराने के लिए 30 हजार रुपये की धनराशि प्रक्रिया पूरी होने के बाद अवमुक्त की गई थी। इस दौरान गांव में हुए विकास कार्य की समीक्षा और भौतिक सत्यापन करने के लिए जब डीसी मनरेगा गांव में पहुंचे, तो वहां पर जिस व्यक्ति को पात्र बनाकर मुर्गी फार्म का शेड बनाने के लिए धनराशि अवमुुक्त की गई थी, उसे इस योजना और रुपये के बारे में कुछ पता भी नहीं था, न ही मौके पर कोई निर्माण नजर आया। इसके अलावा विकास कार्यों की समीक्षा करने पर पाया गया कि गांव में मनरेगा की धनराशि से होने वाले विकास कार्यो का बोर्ड लगाने के लिए प्रति बोर्ड चार हजार रुपया अवमुक्त किया गया था। इस बोर्ड पर कार्य का प्रकार, लागत आदि अंकित करना था, वह भी नदारत मिला।
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इस पर डीसी मनरेगा ने तकनीकी सहायक सौदागर से पूछताछ किया, तो वो भी कुछ नहीं बोल पाए। गोलमाल मिलने पर डीसी मनरेगा ने इस संबंध में बीडीओ कोपागंज को पत्र जारी किया। इसमें उन्होंने निर्माण कार्य से संबंधित पत्रावली को तलब किया। डीसी मनेगा तेजभान सिंह ने बताया कि तकनीकी सहायक सौदागर की संस्तुति पर ढाढाचवर गांव निवासी मिठाई लाल के भूखंड में मुर्गी फार्म शेड का निर्माण करने के लिए 30 हजार रुपया दिया गया था। लेकिन निरीक्षण के दौरान निर्माण होना नहीं पाया गया, इसके अलावा गांव में होने वाले चार विकास कार्यो के लिए बोर्ड लगावाने के लिए 16 हजार रुपया दिया गया था। जांच में बोर्ड भी नहीं नजर आया। साथ ही पात्र व्यक्ति मिठाई को इस योजना के बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी। डीसी मनरेगा तेजभान सिंह ने बताया कि इस गोलमाल के लिए प्रधान, सेक्रेटरी और तकनीकी सहायक को बराबर का दोषी पाया गया है। तीनों को स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया गया है। ताकि रिपोर्ट डीएम को भेजी जा सके। इस दौरान डीएम रिकवरी के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति कर सकते हैं।
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