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एसडीएम ने किया प्राथमिक विद्यालयका निरीक्षण
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:09 PM IST
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रतनपुरा(मऊ)। ग्राम पंचायत बिलौंझा के प्राथमिक विद्यालय परिसर में एसडीएम सदर अंकुर लाठर ने गुरुवार को स्वेटर वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होनें बच्चों को स्वेटर के साथ ही मिठाईयां भी बांटी। बाद में निरीक्षण के दौरान बदं पड़े रसोईघर और एमडीएम नहीं बनने की बात पता चलने पर बीईओ को फटकार लगाई।
उपजिलाधिकारी प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान रसोई घर में प्रवेश किया तो वह सुनसान पड़ा था, देखते ही मैडम नाराज हो गईं। उन्होंने खण्ड शिक्षा अधिकारी से पूछा एमडीएम क्यों नहीं बन रहा है। उन्होंने बताया कि हमें नहीं पता था कि यहां भोजन नहीं बन रहा है। उनके सामने ही एसडीएम ने एनपीबीआरसी देवशरण चौहान से पूछा। उन्होंने बताया कि दो हफ्ते पहले ही बीआरओ को सूचित कर दिया गया था कि विद्यालय में राशन आपूर्ति नहीं हो रही है। प्रधानाचार्य मीना शर्मा ने बताया कि कोटेदार राशन मनमाने तरीके से देता है। 12 अक्तूबर से विद्यालय में मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा है। उपजिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान अमरनाथ यादव व संबंधित कोटेदार को तलब करते हुए अपने कार्यालय में आने को कहा।
एसडीएम ज्यों ही आगे बढ़ी तो शौचालय में ताला बंद मिला। उन्होंने उसका ताला खोलवाया तो वह अत्यंत गंदा मिला, महीनों से उपयोग नहीं हो रहा था। उनके पूछने पर बच्चो ने बताया कि शौच के लिए वे लोग खेतों में जाया करते हैं। एसडीएम ने फटकार लगाते हुए कहा कि यह तो स्वच्छ भारत मिशन की कब्र ही खोद दी गई है। उन्होंने तुरंत सुधार करने का निर्देश दिया।
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उपजिलाधिकारी प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान रसोई घर में प्रवेश किया तो वह सुनसान पड़ा था, देखते ही मैडम नाराज हो गईं। उन्होंने खण्ड शिक्षा अधिकारी से पूछा एमडीएम क्यों नहीं बन रहा है। उन्होंने बताया कि हमें नहीं पता था कि यहां भोजन नहीं बन रहा है। उनके सामने ही एसडीएम ने एनपीबीआरसी देवशरण चौहान से पूछा। उन्होंने बताया कि दो हफ्ते पहले ही बीआरओ को सूचित कर दिया गया था कि विद्यालय में राशन आपूर्ति नहीं हो रही है। प्रधानाचार्य मीना शर्मा ने बताया कि कोटेदार राशन मनमाने तरीके से देता है। 12 अक्तूबर से विद्यालय में मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा है। उपजिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान अमरनाथ यादव व संबंधित कोटेदार को तलब करते हुए अपने कार्यालय में आने को कहा।
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एसडीएम ज्यों ही आगे बढ़ी तो शौचालय में ताला बंद मिला। उन्होंने उसका ताला खोलवाया तो वह अत्यंत गंदा मिला, महीनों से उपयोग नहीं हो रहा था। उनके पूछने पर बच्चो ने बताया कि शौच के लिए वे लोग खेतों में जाया करते हैं। एसडीएम ने फटकार लगाते हुए कहा कि यह तो स्वच्छ भारत मिशन की कब्र ही खोद दी गई है। उन्होंने तुरंत सुधार करने का निर्देश दिया।
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