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संशोधित कैसे होगी धान की खेती: माइनरों में टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी
Updated Wed, 19 Sep 2018 11:48 PM IST
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मऊ। बारिश न होने से जिले के विभिन्न इलाकों में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कड़ी धूप होने के चलते खेतों में नमी तेजी से गायब हो रही है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल मुरझा रही है। कहने को तो जिले में करोड़ों की लागत से बनी तीन नहरें है। इन तीनों प्रमुख नहरों के 70 माइनर हैं। लेकिन मुख्य नहर सहित माइनरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कई माइनरों में खर पतवार की सफाई नहीं हुई है। ऐसे में जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग उठने लगी है।
जिले में 92392 हेक्टेयर के सापेक्ष 89967 हेक्टेयर धान की बुआई की गई है। इस वर्ष अब तक मात्र 355.50 मिमी बारिश हुई है। कम बारिश होने से जिले में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके चलते धान की फसल पर विपरीत असर पड़ा है। कड़ी धूप होने से धान के खेतों में नमी तेजी से खत्म हो रही है। खेतों में दरार पड़ गई है। जिले में दोहरीघाट पंप कैनाल, शारदा सहायक खंड 32 तथा खुरहट पंप कैनाल की 70 माइनरें हैं। लेकिन नहर तथा माइनरों में पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा है। अधिकारियों की मानें तो बारिश न होने से पानी की जबरदस्त डिमांड है। ऐसे में दबंग किसान मुख्य नहर तथा प्रमुख माइनरों के कुलाबों को खुला छोड़ दे रहे हैं। कहीं-कहीं माइनरों को बांध दे रहे हैं। जिससे पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है।
मझवारा : दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध खैरा मुहम्मदपुर, पवनी, चिऊंटापुर, रामपुर असरिया सहित एक दर्जन गांवों से होकर गुजरी माइनर में खर पतवार के चलते टेल तक पानी ही नहीं पहुंच पा रहा है। क्षेत्र के सूर्यनारायण पांडेय, दयाशंकर पांडेय, जगदीश नारायण पांडेय, रामदेव यादव, लल्लन यादव, अभिषेक यादव का कहना है कि समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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कुसुम्हा : शारदा सहायक खंड 32 में पानी न आने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। इससे संबद्ध सियरही बरजला से लेकर पनइल, शाहपुर, कुसुम्हा, बसारथपुर, गोठा, फरसरा, गदयापार सहित सैकड़ों गांव की हजारों हेक्टेयर धान कि फसल सूखने के कगार पर है। क्षेत्र के श्रीप्रकाश राय, अनंत राय, अनिल उपाध्याय, बजरंगी, जयप्रकाश ने आंदोलन को चेताया है। चिरैयाकोट : शारदा सहायक खंड 32 में पानी न आने से क्षेत्र के जमीन बुढ़ान, कमालचक, सोहबत बागदासी, दरियापट्टी, मिर्जापुर, चंद्रावती, अलीपुर, बेहरवार, सेचुई, बेलभद्र, सिरसा सहित विभिन्न इलाकों की हजारों एकड़ धान की फसल सूख रही है।
दोहरीघाट पंप कैनाल पूरी क्षमता से चल रही है। पानी की डिमांड ज्यादा है। किसान मुख्य नहर तथा माइनरों के कुलाबा खुला छोड़ दे रहे हैं। कई स्थानों पर माइनर को बांध दे रहे हैं। इसके चलते पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। -वीरेंद्र पासवान, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
आवश्यकतानुसार पानी नहीं मिल पा रहा है। कम पानी मिलने के चलते समस्या आ रही है। -मृत्युंजय कुमार, अवर अभियंता शारदा सहायक खंड 32
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जिले में 92392 हेक्टेयर के सापेक्ष 89967 हेक्टेयर धान की बुआई की गई है। इस वर्ष अब तक मात्र 355.50 मिमी बारिश हुई है। कम बारिश होने से जिले में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके चलते धान की फसल पर विपरीत असर पड़ा है। कड़ी धूप होने से धान के खेतों में नमी तेजी से खत्म हो रही है। खेतों में दरार पड़ गई है। जिले में दोहरीघाट पंप कैनाल, शारदा सहायक खंड 32 तथा खुरहट पंप कैनाल की 70 माइनरें हैं। लेकिन नहर तथा माइनरों में पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा है। अधिकारियों की मानें तो बारिश न होने से पानी की जबरदस्त डिमांड है। ऐसे में दबंग किसान मुख्य नहर तथा प्रमुख माइनरों के कुलाबों को खुला छोड़ दे रहे हैं। कहीं-कहीं माइनरों को बांध दे रहे हैं। जिससे पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है।
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मझवारा : दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध खैरा मुहम्मदपुर, पवनी, चिऊंटापुर, रामपुर असरिया सहित एक दर्जन गांवों से होकर गुजरी माइनर में खर पतवार के चलते टेल तक पानी ही नहीं पहुंच पा रहा है। क्षेत्र के सूर्यनारायण पांडेय, दयाशंकर पांडेय, जगदीश नारायण पांडेय, रामदेव यादव, लल्लन यादव, अभिषेक यादव का कहना है कि समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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कुसुम्हा : शारदा सहायक खंड 32 में पानी न आने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। इससे संबद्ध सियरही बरजला से लेकर पनइल, शाहपुर, कुसुम्हा, बसारथपुर, गोठा, फरसरा, गदयापार सहित सैकड़ों गांव की हजारों हेक्टेयर धान कि फसल सूखने के कगार पर है। क्षेत्र के श्रीप्रकाश राय, अनंत राय, अनिल उपाध्याय, बजरंगी, जयप्रकाश ने आंदोलन को चेताया है। चिरैयाकोट : शारदा सहायक खंड 32 में पानी न आने से क्षेत्र के जमीन बुढ़ान, कमालचक, सोहबत बागदासी, दरियापट्टी, मिर्जापुर, चंद्रावती, अलीपुर, बेहरवार, सेचुई, बेलभद्र, सिरसा सहित विभिन्न इलाकों की हजारों एकड़ धान की फसल सूख रही है।
दोहरीघाट पंप कैनाल पूरी क्षमता से चल रही है। पानी की डिमांड ज्यादा है। किसान मुख्य नहर तथा माइनरों के कुलाबा खुला छोड़ दे रहे हैं। कई स्थानों पर माइनर को बांध दे रहे हैं। इसके चलते पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। -वीरेंद्र पासवान, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
आवश्यकतानुसार पानी नहीं मिल पा रहा है। कम पानी मिलने के चलते समस्या आ रही है। -मृत्युंजय कुमार, अवर अभियंता शारदा सहायक खंड 32