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Mau News: 180 डीएलएड प्रशिक्षु करेंगे 1030 परिषदीय स्कूलों में निपुण का आकलन
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जिले के परिषदीय विद्यालयों में निपुण मूल्यांकन शुरू होने में 19 दिन ही शेष हैं, लेकिन तैयारी अंतिम दौर में चल रही है। 180 डीएलएड प्रशिशु 1030 परिषदीय विद्यालयाें का निपुण आकलन करेंगे।
इसके लिए प्रशिक्षुओं की 90 टीमें गठित की गई है। टीम एक दिन में दो विद्यालयों का आकलन करेगी। निपुण लक्ष्य एप पर किए जाने वाले मूल्यांकन परिणाम का डाटा तैयार किया जाएगा। इस डाटा को विद्यालयों के शिक्षकों के साथ साझा किया जाएगा।
मूल्यांकन की रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और डायट प्राचार्य को भेजी जाएगी। 75 प्रतिशत अंक पाने वाले बच्चे निपुण छात्र घोषित होंगे। इसके लिए 12 जनवरी को डीएलएड प्रशिक्षुओं को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में ट्रेनिंग दी जाएगी।
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जिले में 1030 परिषदीय प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में 1.30 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई प्रकार की शैक्षिक गतिविधियां विद्यालयों में संचालित की जा रही हैं।
निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा एक से दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों के अधिगम स्तर को बेहतर बनाने और उस कक्षा के अनुरूप स्तर पर लाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं।
पहली कक्षा और दूसरी कक्षा के पाठ्यक्रम के अनुसार गणित और भाषा की आधारशिला क्रियान्वयन बुकलेट विकसित कर शिक्षकों को उपलब्ध कराई गई है, जिससे बच्चों के शिक्षा स्तर को मजबूत किया जा सके।
टीएलएम सामग्री के जरिए बच्चों का शिक्षण कार्य कराया जाता है। निपुण लक्ष्य ऐप पर किए जाने वाले मूल्यांकन परिणाम का डाटा तैयार किया जाएगा। इसे विद्यालयों के शिक्षकों के साथ साझा किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर जिले में निपुण आकलन कराने की तैयारी तेजी से चल रही है। विद्यालयों के निपुण मूल्यांकन का पहला चरण 27 जनवरी से 12 फरवरी तक चलेगा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के 180 डीएलएड प्रशिक्षु निपुण ऐप के जरिए विद्यालयों में जाकर मूल्यांकन करेंगे।
जिस दिन विद्यालय में आकलन होगा, उस दिन शत प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। दो डीएलएड प्रशिक्षु संयुक्त रूप से हर दिन दो परिषदीय, कंपोजिट स्कूलों का मूल्यांकन करेंगे। भाषा, गणित में 75 प्रतिशत सही उत्तर देने पर विद्यार्थी निपुण, 80 प्रतिशत से ज्यादा छात्रों के निपुण होने पर निपुण विद्यालय घोषित किया जाएगा।
इसी तरह 80 प्रतिशत विद्यालयों के निपुण होने पर निपुण ब्लॉक घोषित किया जाएगा। आकलन के बाद निपुण सम्मान दिवस का आयोजन कर विद्यालय के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
27 जनवरी से 12 फरवरी तक डीएलएड प्रशिक्षु निपुण एप के जरिये विद्यालयों में जाकर मूल्यांकन करेंगे। 12 जनवरी को प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। -डॉ. संदीप राय, डायट प्रवक्ता, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान
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इसके लिए प्रशिक्षुओं की 90 टीमें गठित की गई है। टीम एक दिन में दो विद्यालयों का आकलन करेगी। निपुण लक्ष्य एप पर किए जाने वाले मूल्यांकन परिणाम का डाटा तैयार किया जाएगा। इस डाटा को विद्यालयों के शिक्षकों के साथ साझा किया जाएगा।
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मूल्यांकन की रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और डायट प्राचार्य को भेजी जाएगी। 75 प्रतिशत अंक पाने वाले बच्चे निपुण छात्र घोषित होंगे। इसके लिए 12 जनवरी को डीएलएड प्रशिक्षुओं को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में ट्रेनिंग दी जाएगी।
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जिले में 1030 परिषदीय प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में 1.30 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई प्रकार की शैक्षिक गतिविधियां विद्यालयों में संचालित की जा रही हैं।
निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा एक से दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों के अधिगम स्तर को बेहतर बनाने और उस कक्षा के अनुरूप स्तर पर लाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं।
पहली कक्षा और दूसरी कक्षा के पाठ्यक्रम के अनुसार गणित और भाषा की आधारशिला क्रियान्वयन बुकलेट विकसित कर शिक्षकों को उपलब्ध कराई गई है, जिससे बच्चों के शिक्षा स्तर को मजबूत किया जा सके।
टीएलएम सामग्री के जरिए बच्चों का शिक्षण कार्य कराया जाता है। निपुण लक्ष्य ऐप पर किए जाने वाले मूल्यांकन परिणाम का डाटा तैयार किया जाएगा। इसे विद्यालयों के शिक्षकों के साथ साझा किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर जिले में निपुण आकलन कराने की तैयारी तेजी से चल रही है। विद्यालयों के निपुण मूल्यांकन का पहला चरण 27 जनवरी से 12 फरवरी तक चलेगा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के 180 डीएलएड प्रशिक्षु निपुण ऐप के जरिए विद्यालयों में जाकर मूल्यांकन करेंगे।
जिस दिन विद्यालय में आकलन होगा, उस दिन शत प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। दो डीएलएड प्रशिक्षु संयुक्त रूप से हर दिन दो परिषदीय, कंपोजिट स्कूलों का मूल्यांकन करेंगे। भाषा, गणित में 75 प्रतिशत सही उत्तर देने पर विद्यार्थी निपुण, 80 प्रतिशत से ज्यादा छात्रों के निपुण होने पर निपुण विद्यालय घोषित किया जाएगा।
इसी तरह 80 प्रतिशत विद्यालयों के निपुण होने पर निपुण ब्लॉक घोषित किया जाएगा। आकलन के बाद निपुण सम्मान दिवस का आयोजन कर विद्यालय के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
27 जनवरी से 12 फरवरी तक डीएलएड प्रशिक्षु निपुण एप के जरिये विद्यालयों में जाकर मूल्यांकन करेंगे। 12 जनवरी को प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। -डॉ. संदीप राय, डायट प्रवक्ता, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान