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शिक्षण पद्धतियों में बदलाव की आवश्यकता पर दिया जोर
Updated Wed, 28 Nov 2018 10:27 PM IST
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अरबिंदो सोसाइटी की तरफ से रूपांतर कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार कार्यक्रम के तहत नगर शिक्षक संसाधन केंद्र में चल रही पहले बैच की प्रशिक्षण कार्यशाला बुधवार को संपन्न हुई। पहले चरण में इनोवेटिव पाठशाला के लिए जिले के 10 विद्यालयों के 32 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया।
अरबिंदो सोसाइटी के मंडल समन्वयक सह प्रशिक्षक नवनीत श्रीवास्तव ने कहा कि औद्योगिक क्रांति और वर्तमान शैक्षिक व्यवस्था में संबंध को स्पष्ट करते हुए कहा कि जिस तेजी से दुनिया बदल रही है उसी प्रकार हमें भी शिक्षण पद्धतियों में बदलाव की सख्त आवश्यकता है। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005 के आधार पर मानव संसाधन मंत्रालय के सीखने के प्रतिफल पर चर्चा की गई। बताया गया कि कैसे हम अनुभवात्मक शिक्षण गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सिखाते हुए उसके ज्ञान में वृद्धि की जा सकती है। हम जो कुछ पढ़ते और सीखते हैं उसमें प्रश्न बहुत कम करते हैं। जबकि हमें हर स्तर पर प्रश्न करना चाहिए। द्वितीय चरण में इस प्रशिक्षण के बाद इन चयनित विद्यालयों में शून्य निवेश आधारित शिक्षा पद्धति को अपनाते हुए पायलट किया जाएगा और वर्तमान शैक्षिक सत्र के समापन पर विद्यालयवार प्रगति शासन को भेजा जाएगा। इस दौरान जिला समन्वयक प्रशिक्षण गजेंद्र सिंह, जनपद के विभिन्न ब्लॉक से आए शिक्षक अंजनी कुमार सिंह, अब्दुल हसनत, ब्रजेश कुमार पांडेय, अलका गुप्ता, शर्मिला पांडेय, वैशाली वर्मा, नंदिनी तिवारी, सुधा जायसवाल आदि शामिल रहे।
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अरबिंदो सोसाइटी के मंडल समन्वयक सह प्रशिक्षक नवनीत श्रीवास्तव ने कहा कि औद्योगिक क्रांति और वर्तमान शैक्षिक व्यवस्था में संबंध को स्पष्ट करते हुए कहा कि जिस तेजी से दुनिया बदल रही है उसी प्रकार हमें भी शिक्षण पद्धतियों में बदलाव की सख्त आवश्यकता है। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005 के आधार पर मानव संसाधन मंत्रालय के सीखने के प्रतिफल पर चर्चा की गई। बताया गया कि कैसे हम अनुभवात्मक शिक्षण गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सिखाते हुए उसके ज्ञान में वृद्धि की जा सकती है। हम जो कुछ पढ़ते और सीखते हैं उसमें प्रश्न बहुत कम करते हैं। जबकि हमें हर स्तर पर प्रश्न करना चाहिए। द्वितीय चरण में इस प्रशिक्षण के बाद इन चयनित विद्यालयों में शून्य निवेश आधारित शिक्षा पद्धति को अपनाते हुए पायलट किया जाएगा और वर्तमान शैक्षिक सत्र के समापन पर विद्यालयवार प्रगति शासन को भेजा जाएगा। इस दौरान जिला समन्वयक प्रशिक्षण गजेंद्र सिंह, जनपद के विभिन्न ब्लॉक से आए शिक्षक अंजनी कुमार सिंह, अब्दुल हसनत, ब्रजेश कुमार पांडेय, अलका गुप्ता, शर्मिला पांडेय, वैशाली वर्मा, नंदिनी तिवारी, सुधा जायसवाल आदि शामिल रहे।
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