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ताड़का वध होते ही जयश्रीराम के उद्घोष से गूंजा पंडाल
Updated Sat, 13 Oct 2018 11:52 PM IST
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दोहरीघाट/कोपागंज। नगर पंचायत दोहरीघाट में चल रही रामलीला में ताड़का वध, अहिल्या उद्धार सहित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। गोठा के प्रधान प्रतिनिधि रामजनम गुप्त ने फीता काट उद्घाटन किया। इसी क्रम में कोपागंज क़स्बा के ओड़ियाना मैदान में ताड़का वध का मंचन किया गया।
रामलीला के मंचन में राक्षसों के उत्पात से त्रस्त मुनि विश्वामित्र धर्म की रक्षा के लिए अवतरित हुए राम लक्ष्मण को मांगने के लिए अयोध्या के राजा दशरथ के पास पहुंचते हैं। उनकी मंशा जान राजा पहले संकोच करते हैं, लेकिन गुरु वशिष्ठ के आदेश पर राम लक्ष्मण को मुनि विश्वामित्र को सौंप देते हैं। मुनि विश्वामित्र दोनों राजकुमारों को लेकर आश्रम की तरफ बढ़ते हैं। रास्ते में राक्षसी ताड़का को मनुष्य का गंध मिलते ही उन पर हमला बोलती है, जहां राजकुमारों द्वारा उसका संहार कर दिया जाता है। ताड़क का वध होते ही भगवान श्रीराम के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। इसके बाद अहिल्या उद्धार सहित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। ताड़का का वध होते ही श्रीराम के जयकारे से पंडाल गूंज उठा।
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रामलीला के मंचन में राक्षसों के उत्पात से त्रस्त मुनि विश्वामित्र धर्म की रक्षा के लिए अवतरित हुए राम लक्ष्मण को मांगने के लिए अयोध्या के राजा दशरथ के पास पहुंचते हैं। उनकी मंशा जान राजा पहले संकोच करते हैं, लेकिन गुरु वशिष्ठ के आदेश पर राम लक्ष्मण को मुनि विश्वामित्र को सौंप देते हैं। मुनि विश्वामित्र दोनों राजकुमारों को लेकर आश्रम की तरफ बढ़ते हैं। रास्ते में राक्षसी ताड़का को मनुष्य का गंध मिलते ही उन पर हमला बोलती है, जहां राजकुमारों द्वारा उसका संहार कर दिया जाता है। ताड़क का वध होते ही भगवान श्रीराम के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। इसके बाद अहिल्या उद्धार सहित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। ताड़का का वध होते ही श्रीराम के जयकारे से पंडाल गूंज उठा।
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