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ाड़का वध होते ही भगवान श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा पंडाल 15-38-02
Updated Thu, 19 Oct 2017 07:15 PM IST
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मझवारा। श्री रामलीला समिति के तत्वावधान में पवनी गांव स्थित रामभवन मेला परिसर में चल रही रामलीला में बुधवार की रात तड़का वध का मंचन किया गया। राक्षसों का संहार होते ही भगवान श्रीराम के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा।
रामलीला के मंचन में राक्षसों के उत्पात से त्रस्त मुनि विश्वामित्र धर्म की रक्षा के लिए अवतरित हुए राम लक्ष्मण को मांगने के लिए अयोध्या के राजा दशरथ के पास पहुंचते हैं। उनकी मंशा जान राजा पहले संकोच करते हैं, लेकिन गुरु वशिष्ठ के आदेश पर राम लक्ष्मण को मुनि विश्वामित्र को सौंप देते हैं। मुनि विश्वामित्र दोनों राजकुमारों को लेकर आश्रम की तरफ बढ़ते हैं। रास्ते में राक्षसी ताड़का को मनुष्य का गंध मिलते ही उन पर हमला बोलती है, जहां उक्त राजकुमारों द्वारा उसका संहार कर दिया जाता है। उधर राक्षसों के बहन ताड़का का वध होते ही उसके भाई मारीच और सुबाहु आश्रम पर धावा बोलते हैं जहां उनका भी वध हो जाता है। राक्षसों का संहार होते ही भगवान श्रीराम के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। रामलीला पात्रों में दशरथ के रुप में अमरेशचंद पांडेय, राम के रुप में रवि, लक्ष्मण के रुप में शशि, आकाश, रामप्रसाद मिश्रा, अरविंद शुक्ला, विनय शुक्ला आदि शामिल रहे।
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रामलीला के मंचन में राक्षसों के उत्पात से त्रस्त मुनि विश्वामित्र धर्म की रक्षा के लिए अवतरित हुए राम लक्ष्मण को मांगने के लिए अयोध्या के राजा दशरथ के पास पहुंचते हैं। उनकी मंशा जान राजा पहले संकोच करते हैं, लेकिन गुरु वशिष्ठ के आदेश पर राम लक्ष्मण को मुनि विश्वामित्र को सौंप देते हैं। मुनि विश्वामित्र दोनों राजकुमारों को लेकर आश्रम की तरफ बढ़ते हैं। रास्ते में राक्षसी ताड़का को मनुष्य का गंध मिलते ही उन पर हमला बोलती है, जहां उक्त राजकुमारों द्वारा उसका संहार कर दिया जाता है। उधर राक्षसों के बहन ताड़का का वध होते ही उसके भाई मारीच और सुबाहु आश्रम पर धावा बोलते हैं जहां उनका भी वध हो जाता है। राक्षसों का संहार होते ही भगवान श्रीराम के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। रामलीला पात्रों में दशरथ के रुप में अमरेशचंद पांडेय, राम के रुप में रवि, लक्ष्मण के रुप में शशि, आकाश, रामप्रसाद मिश्रा, अरविंद शुक्ला, विनय शुक्ला आदि शामिल रहे।
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